उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में पुरानी रंजिश के चलते 23 वर्षीय युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में तीन नाबालिग आरोपियों को पकड़ लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि करीब छह महीने पहले हुए विवाद का बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया। शुक्रवार को परिजनों ने जहांगीरपुरी स्थित कुशल सिनेमा के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया।
पुलिस के अनुसार, जहांगीरपुरी एच-4 ब्लॉक में बृहस्पतिवार की रात को एक युवक के साथ मारपीट की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल युवक आरिफ को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक के भाई शेख सादिक का आरोप है कि बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे कुछ युवक आरिफ को घर से बुलाकर अपने साथ ले गए थे। इसके बाद उस पर ईंट-पत्थरों से हमला किया गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और बाद में उसकी मौत हो गई। आरिफ की मां का आरोप है कि तीन युवक उनके बेटे को बहाने से बुलाकर अपने घर की छत पर ले गए, जहां ईंटों और डंडों से बेरहमी से उसकी पिटाई की गई। इसके बाद उसे गंभीर हालत में पार्क के पास छोड़ दिया गया।
पोस्टमॉर्टम के बाद शुक्रवार को परिजनों और स्थानीय लोगों ने जहांगीरपुरी स्थित कुशल सिनेमा के पास शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाए। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया।
अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि फरार सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन के बाद परिजन शव को कुशल चौक से कब्रिस्तान ले गए। घटना के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
महरौली में युवक की मौत, पुलिस पर पिटाई करने का आरोप
दक्षिण दिल्ली के महरौली में एचआईवी और टीबी से पीड़ित 21 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शुक्रवार को परिजनों ने सफदरजंग अस्पताल के बाहर हंगामा कर सड़क जाम कर दी। उनका आरोप है कि 14 जुलाई को नशा विरोधी अभियान के दौरान महरौली थाना पुलिस ने युवक और उसके भाई को हिरासत में लेकर मारपीट की। बाद में युवक को घर छोड़ दिया गया, जबकि उसके भाई को 7/51 के तहत गिरफ्तार किया गया।
परिजनों के अनुसार, मारपीट से युवक की तबीयत बिगड़ गई और 17 जुलाई को उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस आयुक्त (दक्षिण) अनंत मित्तल ने मारपीट के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि युवक के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं और वह पहले से गंभीर बीमारी से ग्रस्त था। मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा। घरवालों ने आरोप लगाया कि युवक की मौत पुलिस की पिटाई के कारण हुई है।
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



