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1100 साल पुराना ये मंदिर है वास्तुकला का नायाब नमूना, हर पत्थर में बसा इतिहास

 

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राजस्थान के सिरोही जिले का मीरपुर भिडभंजन पार्श्वनाथ जैन मंदिर अपनी प्राचीन स्थापत्य कला और संगमरमर की अद्भुत नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है. 9वीं शताब्दी में निर्मित यह मंदिर जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ को समर्पित है. तीन ओर अरावली की पहाड़ियों से घिरे इस मंदिर की सुंदरता की तुलना माउंट आबू के देलवाड़ा जैन मंदिर से की जाती है. मुगल आक्रमण के बाद खंडित हुए इस मंदिर का 15वीं शताब्दी में पुनर्निर्माण किया गया. आज यह मंदिर धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और उत्कृष्ट शिल्पकला का अनूठा संगम बनकर देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है.

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