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जानवरों को रेस्क्यू करने के लिए गहरे कुएं में उतरना हो या नदी नाले से किसी जानवर को बचाना हो. रेस्क्यू रास्कल्स को सूचना मिलते ही युवा मौके पर पहुंच जाते है. अब तक दो महीने में तीन कुएं में फंसे 8 सांपों और एक बैल को टीम ने रेस्क्यू किए है. इसके अलावा मगरमच्छ, भालू, लेपर्ड समेत अन्य जानवरों के रेस्क्यू में भी टीम के सदस्य वन विभाग की मदद करते है.

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सिरोही. कई लोगों में जानवरों के प्रति इतना प्रेम होता है कि वे उनकी सेवा के लिए दिन-रात जुटे रहते हैं. कुछ ऐसा ही काम सिरोही जिले के माउंट आबू और आबूरोड क्षेत्र में सक्रिय रेस्क्यू रास्कल्स टीम कर रही है. जिले के आबूरोड निवासी चिंटू यादव ने शहर के कुछ वन्यजीव प्रेमी युवाओं को इस टीम से जोड़कर असामान्य परिस्थितियों में फंसे जंगली जानवरों को बचाने का जिम्मा उठाया है.

जानवरों को रेस्क्यू करने के लिए गहरे कुएं में उतरना हो या नदी-नालों से किसी वन्यजीव को सुरक्षित निकालना हो, सूचना मिलते ही टीम के सदस्य मौके पर पहुंच जाते हैं. पिछले दो महीनों में टीम ने तीन अलग-अलग कुओं में फंसे 8 सांपों और एक बैल का सफल रेस्क्यू किया है. इसके अलावा मगरमच्छ, भालू, लेपर्ड समेत अन्य वन्यजीवों के रेस्क्यू में भी टीम वन विभाग की मदद करती है. आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के साथ वन्यजीवों की जान बचाने के लिए युवाओं की यह टीम हमेशा तैयार रहती है.

80 फीट गहरे कुएं से निकाले गए तीन सांप

टीम के सदस्य चिंटू यादव ने बताया कि सोमवार को आबूरोड शहर के निकट आबकारी क्षेत्र में स्थित एक कृषि कुएं में एक कोबरा और दो धामण सांप फंसे होने की सूचना मिली. सूचना मिलते ही टीम हार्नेस और अन्य सुरक्षा उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची. करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तीनों सांपों को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाल लिया गया.

कई दिनों से कुएं में फंसे थे सांप

करीब 80 फीट गहरे इस कुएं में तीनों सांप कई दिनों से फंसे हुए थे. इससे आसपास के ग्रामीणों में डर का माहौल था. वहीं लंबे समय तक कुएं में फंसे रहने के कारण सांपों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा था. टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर तीनों सांपों को सुरक्षित बाहर निकाला. इसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में उन्हें ऋषिकेश के जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया. पिछले दो महीनों में कुएं से सांपों और एक नंदी के रेस्क्यू का यह तीसरा मामला है. इससे पहले टीम ने एक सिवेट (जंगली बिलाव) का भी सफल रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ा था.

वन्यजीवों की रक्षा ही टीम का उद्देश्य

चिंटू यादव ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले इस टीम को बनाने का उद्देश्य यही था कि मूक वन्यजीवों की रक्षा के लिए एक ऐसी टीम तैयार हो, जो हर समय उनकी मदद के लिए उपलब्ध रहे. टीम के गठन के बाद अब तक सैकड़ों सांपों समेत कई जंगली जानवरों का सफल रेस्क्यू किया जा चुका है. इस पूरे अभियान में वन विभाग का भी लगातार सहयोग मिल रहा है.

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Anand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

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