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Bahraich News: बहराइच का कतर्नियाघाट वाइल्डलाइफ काफी खास है और यहां प्रकृति का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है. इसलिए अब इसकी सुरक्षा को लेकर वन विभाग काफी अलर्ट हो गया है. पूरे बरसात वनकर्मी रात-रात भर जागकर 24 घंटे इस अनमोल खजाने की सुरक्षा करते हैं.

Bahraich: बहराइच का कतर्नियाघाट वाइल्डलाइफ प्रकृति का अनमोल खजाना है, जहां दुर्लभ वन्य जीव विचरण करते हैं. यहां पर बेशुमार कीमती पेड़-पौधे, जड़ी-बूटी, कौड़ियाला और गेरुआ नदी डॉल्फिन जैसी अद्भुत चीजों का खजाना है, जिसको बचाए रखने के लिए बरसात के सीजन में जब कतर्नियाघाट बंद हो जाता है, तब असली चुनौती वन कर्मियों के सामने रहती है. पूरे बरसात वनकर्मी रात-रात भर जागकर 24 घंटे इस अनमोल खजाने की सुरक्षा करते हैं.

पहले ही बनाया जाता है सुरक्षा का मास्टर प्लान
मानसून के दौरान जहां एक तरफ आम लोगों की आवाजाही थम जाती है, वहीं दूसरी तरफ इस बेहद संवेदनशील जंगल की सुरक्षा को लेकर वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ जाता है. असामाजिक तत्वों और शिकारियों से जंगल को बचाने के लिए वन विभाग सुरक्षा का एक मजबूत जाल तैयार करता है. इस विशेष सुरक्षा रणनीति को लेकर कतर्नियाघाट के वन अधिकारी अपूर्व दीक्षित ने पूरी जानकारी साझा की है.

उन्होंने बताया है कि 24 घंटे कड़ा पहरा जंगल में सुरक्षा दृष्टि से रखा जाता है. 8-8 घंटे की शिफ्ट में तीन टीमें तैनात की जाती हैं, जिससे तनिक भी​ जंगल की सुरक्षा में कोई चूक न हो. दिन-रात मिलाकर कुल 8-8 घंटे की तीन अलग-अलग शिफ्टों में वनकर्मी मुस्तैदी से ड्यूटी कराई जाती हैं. इसका मतलब यह है कि चौबीसों घंटे जंगल का कोई भी कोना निगरानी से अछूता नहीं रहता.

जहां नहीं पहुंच पाते वाहन, वहां भी पहुंचते हैं वनकर्मी
जंगल के रास्ते में बहुत सारी जगह ऐसी होती है जहां पर वाहन ले जाना संभव नहीं हो पता है या फिर बरसात में रास्ता पूरी तरीके से बंद हो जाता है. ऐसे में जाबाज बनकर्मी पैदल जंगल में पेट्रोलिंग करते हैं और जंगल के अलग-अलग हिस्सों में मड़ैया अस्थायी झोपड़ियां बना कर रहते हैं. जंगल में कोई भी हलचल होने पर तुरंत उससे निपटने के लिए खड़े हो जाते हैं.

शिकारी और तस्करों पर वन विभाग की होती खास नजर
​कतर्नियाघाट का यह खूबसूरत जंगल न सिर्फ बेशकीमती पेड़-पौधों से भरा है, बल्कि यहां बाघ, तेंदुए, डॉल्फिन और हाथियों जैसे दुर्लभ जीव भी रहते हैं. वन अधिकारी अपूर्व दीक्षित के मुताबिक, इस मानसून सीजन में कुछ असामाजिक तत्वों और शिकारियों की बुरी नजर जंगल पर बनी रहती है, जिनसे निपटने के लिए हम और हमारी टीम हमेशा तैयार रहती है.

इन चीजों का भी रहता है खतरा
जंगल में ज्यादातर ​वन्यजीवों के शिकार और उनकी खाल, मांस व हड्डियों पर शिकारियों की खास नजर रहती है. इसके साथ ही ​जंगल की बेशकीमती और सुंदर लकड़ियों व पेड़-पौधों की अवैध कटान की भी यह कोशिश करते हैं. ​इसी खतरे को भांपते हुए वन विभाग मानसून के दौरान पहले से भी अधिक सतर्क रहता है, ताकि प्रकृति के इस अनमोल खजाने को कोई नुकसान ना पहुंचा सके.

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आर्यन सेठ

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…और पढ़ें

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