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शिमला. हिमाचल प्रदेश में अगले चार दिन तक मौसम साफ रहने का अनुमान है. हालांकि, कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है. लेकिन अब अच्छी धूप खिलेगी और गर्मी बढ़ेगी. इससे पहले, कई हिस्सों में सोमवार को हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने आगामी सप्ताहांत पर राज्य के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.

राज्य आपातकालीन केंद्र (एसईओसी) के मुताबिक, सोमवार शाम तक भारी बारिश के कारण राज्य की 69 सड़कें बंद हो गई हैं. इनमें सबसे ज्यादा कुल्लू में 38, मंडी में 13, सिरमौर में 6, शिमला में 5, कांगड़ा में 4, ऊना में 2 और लाहौल-स्पीति में 1 सड़क शामिल है. इसके अलावा 80 पेयजल परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे जलापूर्ति ठप है.

इस साल जुलाई में अब तक सामान्य (94.5 मिमी) के मुकाबले 125 मिमी बारिश हो चुकी है, जो औसत से 32 प्रतिशत अधिक है. मानसून के इस मौसम में अब तक भूस्खलन की 25 घटनाएं सामने आ चुकी हैं. मौसम विभाग के अनुसार, सोलन जिले के कसौली में सबसे अधिक 62 मिमी बारिश दर्ज की गई. इसके बाद ओलिंडा में 60 मिमी, धरमपुर में 54.6 मिमी, घमरूर में 51.6 मिमी, नांगल बांध में 48.2 मिमी, ब्राह्मणी में 42.4 मिमी और ऊना में 35.4 मिमी बारिश हुई.

इस दौरान शिमला, सुंदरनगर, भुंतर, कांगड़ा, जोत और मुरारी देवी में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ीं. वहीं बिलासपुर, नेरी, शिमला, कुफरी, हमीरपुर और ताबो में 37 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं.

लाहौल-स्पीति का कीलोंग न्यूनतम 8.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य में सबसे ठंडा रहा, जबकि नेरी में सबसे अधिक 35 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. शिमला में मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि 18 से 22 जुलाई के बीच मैदानी और मध्य पर्वतीय जिलों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा. 20 जुलाई के आसपास अधिक बारिश की संभावना है. 23 जुलाई से मानसून की गतिविधियां फिर कमजोर पड़ने लगेंगी और बारिश में कमी आएगी.

किन्नौर में सबसे अधिक बारिश
1 से 12 जुलाई के बीच प्रदेश में सामान्य से 32 फीसदी अधिक बारिश हुई है. इस दौरान किन्नौर जिले में सबसे अधिक 151 फीसदी बारिश देखी गई है. अहम बात है कि यहां पर पहले केवल बर्फबारी ही होती थी. उधर, सोलन में 115 फीसदी और कुल्लू में 107 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई. हमीरपुर में सामान्य से 31 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. अब तक के मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से करीब 3 फीसदी कम बरसात हुई है. गौर रहे कि मानसून सीजन के दौरान अब तक 25 भूस्खलन और एक फ्लैश फ्लड की घटना दर्ज की गई है.

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