पूर्वांचल के मऊ जनपद में करजौली स्थित महाराज सरजू दास की कहानी ही अलग है. वह इस मंदिर पर जिंदा समाधि ले लिए थे जिसकी आज भी लोग पूजा पाठ करते हैं और साल में मेंले का भी आयोजन किया जाता है. लोकल 18 से बात करते हुए मद्धेशिया वैश्य समाज के महामंत्री गिरीश चंद्र गुप्ता बताते हैं कि बाबा सरजू दास एक पहुंचे संत थे. जिनका जन्म स्थान कप्तानगंज आजमगढ़ में हुआ था सन 1925 में यहां यह बहुत बड़ा जंगल था. जिसमे वह आकर अपना आश्रम बना लिया जहाँ आज मंदिर स्थापित है.
इस आश्रम मंदिर के नाम से आज भी 56 एकड़ का जमीन है. बाबा इतना चमत्कारी थी कि उनके आशीर्वाद से लोगों को लाभ मिला. जिससे काफी बाबा को लोग जो जमीन दान दिए. आज भी 56 एकड़ कहा जाता है और कुछ कट के वर्तमान में मौके पर 52 एकड़ जमीन आज भी है.
गरीब बच्चों को के लिए चलता है स्कूल
बाबा का समाधि है उन्होंने बनाया था और उसके बाद सन 1931-32 में बाबा ने एक रजिस्ट्रेशन कराया समिति बनाकर जिसका रजिस्ट्रेशन समिति का नाम है मद्धेशिया वैश्य अनाथ आश्रम. बाबा ने उस समय अनाथ बच्चों को निशुल्क शिक्षा और ज्ञान के लिए तमाम पौधे लगाए थे. जिसके आय से बच्चों को निशुल्क शिक्षा दिया जाता था. आज भी स्कूल है जो की स्कूल इस समय बच्चे नहीं है इस वजह से पढ़ाई नहीं की जाती है. यदि पढ़ने वाले छात्र होते तो आज भी यह स्कूल अनाथ और गरीब और सहायक बच्चों के लिए निशुल्क चलता. क्योंकि बाबा शुरू से ही धन का लालच और लोभ न रखकर गरीब असहाय लोगों की मदद करते थे. यही वजह है कि कभी उन्होंने दान में धन नहीं लिया जिनकी उनके यहां मन्नत पूरी होती गई वह उन्हें जमीन दान करते गए. इस वजह से आज भी यहां 56 एकड़ का जमीन बाबा के नाम से मौजूद है.
गुरू पूर्णिमा को मनाया जाता है मेला
बाबा के समाधि के अध्यक्ष वर्तमान में अनूप गुप्ता जी हैं और अनूप गुप्ता जी के देखरेख में मंदिर जो जर्जर हो चुका था. आज मंदिर नया निर्माण तैयार हो चुका है अभी इसका मरम्मत बाकी है जो हो रहा है. हर साल मंदिर पर गुरु पूर्णिमा मनाया जाता है. गुरु पूर्णिमा के अवसर पर तमाम देश भर के राष्ट्रीय स्तर तक के मधेशिया वैश्य समाज के पदाधिकारी भी आते हैं. बाबा को मानने वाले हर समाज के लोग भी आते हैं जो गुरु पूर्णिमा के दिन यहां बाबा का आशीर्वाद प्रसाद प्राप्त करते हैं पूजन करते हैं. आज भी 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा मनाया जाएगा. जिसमें तमाम लोग आएंगे और अपना पूजा पाठ करेंगे और कुछ भजन कीर्तन होगा इस अवसर पर देश भर के कोने-कोने से से लोग आते हैं.
बाबा को दिया 14 बीघा जमीन
संसार पट्टी ग्राम सभा के एक बाबू साहब को संतान नहीं होते थे बाबा ने आशीर्वाद दिया कि जाओ आपका दीप जलेगा और बाबा की कृपा से 9 महीने बाद में संतान की प्राप्ति हुई. उसके बाद 14 बीघा जमीन उन्होंने बाबा को दान में दे दिया. इस प्रकार से सच्चे मन और श्रद्धा के साथ यदि कोई व्यक्ति बाबा के समाधि पर आकर पूजा पाठ करता है और मन्नत मांगता है तो उसकी मन्नत जरूर पूरी होती है. धीरे-धीरे जो यह जमीन है लोगों की मन्नत पूरी होती गई और बाबा को दान करते गए इस वजह से आज इतनी अधिक जमीन है. आज भी मानता है कि जो बाबा की मंदिर पर आता है और सच्चे श्रद्धा मां से अपनी मन्नत को मांगता है तो उसकी मन्नत पूरी होती है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
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