मेष राशि: सूझबूझ और धैर्य से काम लेने का समय
मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य पांचवें भाव के स्वामी होकर आपके चौथे भाव (सुख स्थान) में आ रहे हैं। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इसे बहुत अनुकूल नहीं माना जाता। यदि आप विद्यार्थी हैं, तो पढ़ाई-लिखाई को लेकर मन में कुछ चिंताएं या भटकाव हो सकता है। हालांकि, उच्च के गुरु का साथ मिलने से शिक्षकों और बड़ों का मार्गदर्शन आपकी नैया पार लगा देगा। प्रेम संबंधों और संतान के मोर्चे पर भी थोड़ा तनाव रह सकता है। इस दौरान माता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और घर में शांति बनाए रखने का प्रयास करें; गुरु की कृपा से पारिवारिक संतुलन बना रहेगा।
वृषभ राशि: आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी और सफलता
वृषभ राशि वालों के लिए चौथे भाव के स्वामी सूर्य अब आपके तीसरे भाव (पराक्रम स्थान) में प्रवेश कर रहे हैं। वैसे तो तीसरे भाव का सूर्य बेहद शुभ परिणाम देता है, लेकिन कर्क राशि में होने के कारण इसके प्रभाव में थोड़ी कमी आ सकती है। इसके बावजूद, सूर्य-गुरु की युति आपके भीतर एक नया आत्मविश्वास जगाएगी। शुरुआत में लोग भले ही हिचकिचाएं, लेकिन अंततः आपकी योजनाओं में आपका साथ देंगे। इस अवधि में कोई शुभ समाचार मिल सकता है और पड़ोसियों से रिश्ते सुधरेंगे। यदि आप खुद वाहन चलाते हैं, तो यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें।
मिथुन राशि: वाणी पर रखें नियंत्रण, आर्थिक मामलों में बरतें सजगता
मिथुन राशि के जातकों के लिए सूर्य तीसरे भाव के स्वामी हैं और अब आपके दूसरे भाव (धन व वाणी स्थान) में गोचर करेंगे। यह स्थिति आर्थिक मोर्चे पर थोड़ी चुनौतियां खड़ी कर सकती है। हालांकि, धन भाव में बैठे उच्च के गुरु बड़े संकटों से आपकी रक्षा करेंगे, फिर भी धन के लेन-देन में सावधानी जरूरी है। इस समय परिवार में वैचारिक मतभेद या भावनात्मक असंतुलन देखने को मिल सकता है। अपनी वाणी में सौम्यता बनाए रखें, अन्यथा आपके सीधे शब्दों का भी गलत अर्थ निकाला जा सकता है। थोड़ा संभलकर चलेंगे तो गुरु की कृपा से सब नियंत्रण में रहेगा।
कर्क राशि: सेहत का रखें ख्याल, अहंकार से बचें
कर्क राशि वालों के लिए सूर्य आपके धन भाव के स्वामी हैं और अब आपकी ही राशि यानी आपके प्रथम भाव (लग्न) में आ रहे हैं। सेहत और पारिवारिक मामलों के लिहाज से यह गोचर थोड़ा संवेदनशील रहेगा। सूर्य का यह प्रभाव आपके स्वभाव में थोड़ा गुस्सा या अहंकार ला सकता है, जिससे आपको बचना होगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए यह समय अच्छा रहेगा, विशेषकर सरकारी क्षेत्र या प्रशासन से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। धार्मिक यात्राओं के योग भी बन रहे हैं। खान-पान पर नियंत्रण रखें ताकि पेट से जुड़ी दिक्कतें न हों।
सिंह राशि: सेहत के प्रति लापरवाही पड़ेगी भारी, खर्चों पर लगाएं लगाम
सिंह राशि के जातकों के लिए सूर्य आपके राशि स्वामी (लग्न के स्वामी) हैं और अब यह आपके बारहवें भाव (व्यय स्थान) में जा रहे हैं। लग्न स्वामी का बारहवें भाव में जाना सेहत के प्रति सजग रहने का इशारा करता है। सिरदर्द, आंखों में तकलीफ या अनिद्रा जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। इस अवधि में बेवजह के खर्च और फिजूल की यात्राओं से बचें। सरकारी विभागों या अधिकारियों से किसी भी तरह के विवाद में न उलझें। उच्च के गुरु का प्रभाव आपकी मुश्किलों को कम करने में मदद करेगा, बशर्ते आप स्वयं अनुशासित रहें।
कन्या राशि: तरक्की और बम्पर लाभ के खुले रास्ते
कन्या राशि के जातकों के लिए सूर्य बारहवें भाव के स्वामी होकर आपके ग्यारहवें भाव (लाभ स्थान) में गोचर कर रहे हैं। लाभ भाव में सूर्य का आना आपके लिए बेहद शुभ संकेत है। आर्थिक रूप से यह समय शानदार रहने वाला है। यदि आपका व्यापार विदेश या दूर-दराज के क्षेत्रों से जुड़ा है, तो मुनाफ़ा दोगुना हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति (प्रमोशन) या कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। विशेष उपाय: इस अवधि में अपनी जीवनशैली को सात्विक रखें; तामसिक भोजन, मदिरा और अनैतिक आचरण से दूर रहना आपके भाग्य को और मजबूत करेगा।
तुला राशि: कार्यक्षेत्र में चमकेगा भाग्य, मिलेगी नई पहचान
तुला राशि वालों के लिए सूर्य एकादशेश होकर आपके दसवें भाव (कर्म स्थान) में आ रहे हैं। कर्म भाव में सूर्य को ‘दिग्बल’ प्राप्त होता है, और गुरु का साथ मिलने से इसके शुभ प्रभावों में चार चांद लग जाएंगे। हालांकि, कर्क राशि होने के कारण परिणाम आपकी उम्मीद से थोड़े से कम हो सकते हैं, फिर भी यह समय उपलब्धियों से भरा रहेगा। नौकरी में प्रमोशन और व्यापार में विस्तार के प्रबल योग हैं। समाज में आपकी मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। इस दौरान शुरू किया गया कोई भी नया काम दूरगामी और स्थाई लाभ देने वाला सिद्ध होगा।
वृश्चिक राशि: मिले-जुले परिणाम और करियर में बदलाव के योग
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सूर्य दसवें भाव के स्वामी हैं और अब आपके नौवें भाव (भाग्य स्थान) में गोचर करेंगे। यह गोचर आपके लिए मिश्रित फल लेकर आ रहा है। व्यापारिक सिलसिले में की गई यात्राएं सफल रहेंगी। जो लोग नौकरी बदलने का विचार कर रहे हैं, उन्हें अच्छे अवसर मिल सकते हैं, लेकिन मौजूदा काम में किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचें। इस दौरान धर्म, अध्यात्म या किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति पर विवादित टिप्पणी करने से बचें। कोई भी असमंजस होने पर पिता या वरिष्ठों की सलाह लेना आपके लिए संजीवनी का काम करेगा।
धनु राशि: कर्मठता बढ़ाएं, भाग्य के भरोसे न बैठें
धनु राशि वालों के लिए सूर्य आपके भाग्य भाव के स्वामी हैं, लेकिन इस बार वे आपके आठवें भाव (आयु व संकट स्थान) में गोचर करने जा रहे हैं। भाग्येश का अष्टम में जाना यह संकेत देता है कि इस समय आपको भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय अपनी मेहनत पर भरोसा करना होगा। नौकरी में किसी भी तरह के बदलाव के लिए यह समय ठीक नहीं है, जहाँ हैं वहीं टिके रहें। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में सावधानी रखें और यदि पिता का स्वास्थ्य कमजोर है, तो उनकी देखभाल में कोताही न बरतें। फिजूल की यात्राओं से पूरी तरह बचें।
मकर राशि: साझेदारी और दांपत्य जीवन में बरतें सावधानी
मकर राशि के जातकों के लिए सूर्य आठवें भाव के स्वामी होकर आपके सातवें भाव (विवाह व साझेदारी स्थान) में आ रहे हैं। यह स्थिति दैनिक रोजगार और दांपत्य जीवन में कुछ चुनौतियां ला सकती है। हालांकि, सातवें भाव में पहले से मौजूद उच्च के गुरु सूर्य की नकारात्मकता को काफी हद तक सोख लेंगे, फिर भी जीवनसाथी के स्वास्थ्य और उनकी भावनाओं का पूरा ख्याल रखें। इस अवधि में आपसी तालमेल बनाए रखना बेहद जरूरी होगा। व्यापार में कोई भी बड़ा या महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय अनुभवी लोगों की सलाह अवश्य लें।
कुंभ राशि: विरोधियों पर मिलेगी फतह, सेहत में होगा सुधार
कुंभ राशि वालों के लिए सूर्य सातवें भाव के स्वामी हैं और अब आपके छठे भाव (शत्रु व रोग स्थान) में गोचर कर रहे हैं। छठे भाव में सूर्य का होना आपके लिए एक ढाल की तरह काम करेगा। आप अपने प्रतिस्पर्धियों और विरोधियों पर हावी रहेंगे। स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह समय अनुकूल है, पुरानी बीमारियों से राहत मिलेगी; बस जल तत्व की राशि होने के कारण सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं से थोड़ा बचकर रहें। नौकरी और सरकारी योजनाओं का भरपूर लाभ मिलेगा। व्यापारिक साझेदारी या वैवाहिक जीवन में थोड़े मतभेद हो सकते हैं, जिन्हें व्यावहारिक रहकर सुलझाया जा सकता है।
मीन राशि: शिक्षा में सफलता, पर प्रियजनों से व्यवहार में रखें नरमी
मीन राशि के जातकों के लिए सूर्य छठे भाव के स्वामी होकर आपके पांचवें भाव (बुद्धि, शिक्षा व संतान स्थान) में प्रवेश कर रहे हैं। पांचवें भाव में सूर्य का प्रभाव प्रियजनों, मित्रों या लव पार्टनर के साथ वैचारिक मतभेद पैदा कर सकता है। ऐसे में आपका विनम्र व्यवहार ही रिश्तों को बचा सकता है। छात्रों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है; पांचवें भाव में बैठे उच्च के गुरु आपका पूरा साथ देंगे, बशर्ते आप अपनी पढ़ाई पर पूरा फोकस बनाए रखें। यदि आप एकाग्र रहेंगे, तो इस अवधि में परिणाम बेहद शानदार और ऐतिहासिक आ सकते हैं।
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