- जनता की चौखट तक पहुंचा प्रशासन, हर शिकायत पर तय समय में कार्रवाई का संदेश
- भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार, चेकडैम घोटाले में अभियंताओं पर कार्रवाई और कार्यदायी संस्थाओं पर ब्लैकलिस्ट की तलवार
- फाइलों से निकलकर मैदान में उतरे डीएम, गांव-गांव पहुंचकर योजनाओं की हकीकत खुद कर रहे परख
- यमुना अथॉरिटी से कानपुर देहात तक विकास की अलग पहचान, राज्यपाल के सम्मान ने भी बढ़ाया गौरव
कानपुर देहात। त्वरित फैसले, भ्रष्टाचार पर प्रहार और अंतिम व्यक्ति तक यूपी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने वाली छवि से भी कुछ अलग हैं कानपुर देहात के डीएम कपिल सिंह। प्रशासन की पहचान सिर्फ सरकारी दफ्तरों से नहीं, बल्कि जनता के बीच उसकी मौजूदगी और समस्याओं के समाधान से बनती है। कानपुर देहात में जिलाधिकारी कपिल सिंह ने इसी सोच के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाने का प्रयास किया है। जनसुनवाई में सीधे फरियादियों से संवाद, गांवों और सरकारी संस्थानों का लगातार निरीक्षण, विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने जैसी पहल उनकी कार्यशैली की प्रमुख पहचान बन गई हैं। जिले में प्रशासन को अधिक जनोन्मुखी बनाने के प्रयासों का असर भी नजर आने लगा है।
जनता से सीधा संवाद, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई
जिलाधिकारी नियमित जनसुनवाई के माध्यम से लोगों की समस्याएं सीधे सुनते हैं। शिकायतों को केवल दर्ज करने तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि संबंधित विभागों को तय समय सीमा में निस्तारण के निर्देश दिए जाते हैं। इससे लोगों को अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने का प्रभावी मंच मिला है।
फील्ड विजिट से परखी जा रही योजनाओं की हकीकत
कार्यालय में बैठकर समीक्षा करने के बजाय डीएम स्वयं गांवों, स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों, निर्माणाधीन परियोजनाओं और सरकारी संस्थानों का निरीक्षण करते हैं। इससे योजनाओं की वास्तविक स्थिति सामने आती है और लापरवाही मिलने पर मौके पर ही अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए जाते हैं।
विकास कार्यों की हर स्तर पर निगरानी
सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। विभागवार समीक्षा के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि परियोजनाएं तय समय में पूरी हों और उनका लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचे।
अनुशासन और पारदर्शिता पर विशेष जोर
प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने के लिए लापरवाही और अनियमितता पर सख्त रुख अपनाया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुशासन के साथ जनविश्वास मजबूत करने की पहल
डीएम कपिल सिंह की कार्यशैली का केंद्र बिंदु लोगों का भरोसा जीतना है। अधिकारियों को निर्देश हैं कि वे केवल औपचारिकताएं पूरी करने के बजाय समस्याओं का व्यावहारिक समाधान करें। यही वजह है कि जिले में प्रशासन और आम नागरिकों के बीच संवाद और विश्वास पहले की तुलना में अधिक मजबूत होता दिखाई दे रहा है।
कड़े फैसले लेने में नहीं हिचकते, भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टालरेंस नीति को कानपुर देहात के डीएम कपिल सिंह अपना रहे हैं। वित्तीय अनियमितताओं पर लगातार प्रहार कर रहे हैं। अब उन्होंने जनपद में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान लघु सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित चार चेकडैमों में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद सख्त रुख अपनाया है। तकनीकी सलाहकार समिति (टीएसी) की जांच में निर्माण कार्यों में गुणवत्ता संबंधी खामियां और वित्तीय अनियमितताएं उजागर होने पर अधिशासी अभियंता सहित सात अवर अभियंताओं (जेई) के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही निर्माण कार्य से जुड़ी दो कार्यदायी संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं। यह फैसला पूरे यूपी मे ंचर्चा का विषय बना रहा।
यमुना अथॉरिटी में तैनाती के समय किए बेहतरीन काम
आईएएस कपिल सिंह इससे पहले गौतम बुद्ध नगर जिले की यमुना अथॉरिटी में भी बतौर अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी तैनात रहे हैं। अपनी तैनाती के दौरान उन्होंने अथॉरिटी की बेहतरी के लिए कई बड़े काम किए। उनकी पहल के चलते तमाम रुके हुए प्रोजेक्ट को रफ्तार मिली। किसानों और आवंटियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया था।
राज्यपाल भी कर चुकी है सम्मानित
2015 बैच के आईएएस अधिकारी कपिल सिंह अपनी कार्यशैली के लिए अलग पहचाने जाते हैं। स्पष्टवादिता और तत्काल निर्णय लेने के चलते उनकी कार्यशैली अन्य अफसर से अलग रहती है। उनके कामों का यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी लोहा माना है। राज्यपाल ने उन्हें उनके कामों के लिए प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित कर चुकी हैं।
पेड़ लगाना ही नहीं, उनका संरक्षण भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी: कपिल सिंह
उत्तर प्रदेश सरकार के वृहद वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत रविवार को पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, नबीपुर परिसर में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत रविवार को भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष नीरज रानी सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब जिलाधिकारी कपिल सिंह ने अपनी माताजी से पौधा रोपित कराकर अभियान की भावना को साकार किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि ‘वृक्ष केवल प्रकृति की धरोहर नहीं, बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। यदि हमें आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण, शुद्ध हवा और सुरक्षित भविष्य देना है तो हर नागरिक को पौधारोपण के साथ-साथ उसके संरक्षण का भी संकल्प लेना होगा। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान हमारी संस्कृति, मातृ सम्मान और प्रकृति संरक्षण का सुंदर संगम है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखा जाए। प्रशासन का प्रयास है कि यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम न रहकर जनआंदोलन का रूप ले, जिसमें प्रत्येक नागरिक अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और नागरिकों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। पूरे परिसर में पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि हर परिवार कम से कम एक पौधा अपनी माँ के नाम अवश्य लगाए और उसकी जिम्मेदारी भी स्वयं निभाए। यही हमारी मातृभूमि और प्रकृति के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। जनपद के विभिन्न विभागों द्वारा भी वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जनसहभागिता के माध्यम से इस अभियान को पर्यावरण संरक्षण की एक स्थायी और प्रभावी जनचेतना में बदला जाए, जिससे कानपुर देहात हरित, स्वच्छ और पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध जनपद के रूप में नई पहचान स्थापित कर सके।
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