Yashvi Jain UPSC Success Story: दिल्ली की डॉ. यशवी जैन ने दिन में डेंटिस्ट की नौकरी की और रात में जागकर यूपीएससी परीक्षा के लिए पढ़ाई. वह यूपीएससी परीक्षा के पहले प्रयास में फेल हो गई थीं. लेकिन फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और दूसरे अटेंप्ट में AIR 97 हासिल कर आईएएस अफसर बन गईं.
Yashvi Jain UPSC Success Story: यशवी जैन ने इंटर्नशिप के साथ यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की थी
दिन में ड्यूटी, रात में पढ़ाई
यशवी जैन की सक्सेस स्टोरी की सबसे बड़ी यूएसपी उनका गजब का टाइम मैनेजमेंट रहा. उन्होंने साल 2023 में बीडीएस की इंटर्नशिप के साथ सिविल सर्विस की तैयारी शुरू की थी. दिनभर हॉस्पिटल में मरीजों की देखभाल और मेडिकल कामों में व्यस्त रहने के बाद वह बुरी तरह थक जाती थीं. लेकिन घर लौटते ही वे अपनी थकान भूलकर यूपीएससी के नोट्स और मॉक टेस्ट में डूब जाती थीं. जब दुनिया सो रही होती थी, तब यशवी देश की सबसे कठिन परीक्षा का सिलेबस खंगाल रही होती थीं.
परिवार का मिला गजब सपोर्ट
यशवी जैन के माता-पिता (राजीव जैन और नीतू जैन) कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करते हैं. उनके परिवार में सिर्फ उनके मामा ही सरकारी सेवा (भारतीय सूचना सेवा – IIS) में थे. अपने मामा का वर्किंग स्टाइल और देश के प्रति उनका समर्पण देखकर यशवी के मन में बचपन से ही अफसर बनने का बीज पड़ चुका था. जब उन्होंने इस मुश्किल राह पर चलने का फैसला किया तो उनके माता-पिता ने उन्हें रोकने के बजाय उनका हौसला बढ़ाया. परिवार के इसी भरोसे ने उन्हें दोहरी जिम्मेदारियों के बीच टूटने नहीं दिया.
पहले प्रयास में हो गईं थीं फेल
यूपीएससी का सफर अक्सर लंबा और सब्र की परीक्षा लेने वाला होता है. यशवी जैन के साथ भी ऐसा ही हुआ. वह अपने पहले प्रयास में फेल हो गईं थीं. कई उम्मीदवार पहले अटेंप्ट में फेल होकर निराश हो जाते हैं, लेकिन यशवी ने इस नाकामी को सबक की तरह लिया. उन्होंने अपनी कमियां पहचानीं, नोट्स को बेहतर किया और दोगुनी ताकत के साथ दोबारा मैदान में उतरीं. उनकी यह जिद साल 2025 में रंग लाई, जब उन्होंने ऑल इंडिया 97वीं रैंक के साथ सीधे आईएएस की लिस्ट में अपनी जगह पक्की कर ली.
15 घंटे की पढ़ाई जरूरी नहीं
यशवी जैन ने यूपीएससी के नए एस्पिरेंट्स को बेहद प्रैक्टिकल सलाह दी है. उनका मानना है कि यूपीएससी परीक्षा में सफल होने के लिए दिन में 14-15 घंटे की किताबी पढ़ाई की जरूरत बिल्कुल नहीं है. सिर्फ आपकी ‘कंसिस्टेंसी’ यानी नियमितता मायने रखती है. आप जो भी पढ़ रहे हैं, उसे लेकर दिमाग में कोई कन्फ्यूजन नहीं होना चाहिए. तैयारी इतनी पक्की होनी चाहिए कि एग्जाम हॉल में बैठते ही आप हर सवाल का सही जवाब लिखने लग जाएं.
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