रोहिणी नक्षत्र के अधिपति देवता स्वयं चंद्रमा हैं। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से मंगल और चंद्रमा के बीच ‘मित्रता’ का भाव होता है और इन दोनों का संयोग ‘लक्ष्मी योग’ जैसा शुभ फल प्रदान करता है। जब अग्नि तत्व और ऊर्जा के प्रतीक मंगल, जल तत्व और शीतलता के प्रतीक चंद्रमा के नक्षत्र में आते हैं, तो यह जातकों को मानसिक दृढ़ता के साथ-साथ भौतिक सुख-सुविधाएं भी देता है।
यह गोचर मुख्य रूप से करियर में उन्नति, अचानक धन लाभ, व्यापार में विस्तार और पैतृक संपत्ति के मामलों के लिए बेहद भाग्यशाली रहने वाला है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस गोचर का किन 5 भाग्यशाली राशियों पर सबसे शुभ और चमत्कारी असर पड़ने जा रहा है:
1. मेष राशि (Aries)
मेष राशि के स्वामी स्वयं मंगल देव हैं, इसलिए आपके लिए यह गोचर विशेष मायने रखता है। मंगल का यह गोचर आपकी राशि से दूसरे भाव (धन, कुटुंब और वाणी) में हो रहा है।
आर्थिक लाभ: इस दौरान आपकी आर्थिक स्थिति में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा। यदि आपका पैसा कहीं लंबे समय से फंसा हुआ था, तो वह अचानक वापस मिल सकता है। निवेश के लिए यह समय सर्वोत्तम है।
करियर और व्यवसाय: पैतृक व्यापार से जुड़े लोगों को भारी मुनाफा होगा। आपकी कार्यशैली में निखार आएगा, जिससे कार्यस्थल पर आपकी साख बढ़ेगी।
सावधानी: दूसरा भाव वाणी का भी होता है और मंगल एक उग्र ग्रह हैं। इसलिए आपको अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना होगा। जोश में आकर किसी को कड़वी बात न कहें, अन्यथा परिवार में बेवजह का तनाव पैदा हो सकता है।
2. कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं और मंगल आपके लिए योगकारक ग्रह माने जाते हैं। रोहिणी नक्षत्र में मंगल का यह गोचर आपकी राशि के 11वें भाव (आय, लाभ और इच्छाएं) में हो रहा है, जो कि बेहद शुभ है।
धन की बौछार: इस अवधि में आपकी आय के नए और स्थायी स्रोत बनेंगे। एक से अधिक माध्यमों से धन का आगमन होगा, जिससे आपकी आर्थिक चिंताएं हमेशा के लिए समाप्त हो सकती हैं।
कार्यक्षेत्र में तरक्की: नौकरीपेशा जातकों को प्रमोशन या सैलरी इंक्रीमेंट की खुशखबरी मिल सकती है। बॉस और वरिष्ठ अधिकारियों का आपको पूरा सहयोग मिलेगा।
सामाजिक जीवन: आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा में चार चांद लगेंगे। मित्रों और प्रभावशाली लोगों के सहयोग से आपके कई बड़े और अटके हुए प्रोजेक्ट्स दोबारा शुरू हो जाएंगे।
3. सिंह राशि (Leo)
सिंह राशि के जातकों के लिए मंगल देव केंद्र और त्रिकोण के स्वामी होकर परम राजयोगकारी होते हैं। इस गोचर के दौरान मंगल आपकी राशि के 10वें भाव (कर्म, करियर और पद-प्रतिष्ठा) में गोचर कर रहे हैं।
करियर में बड़ा उछाल: दशम भाव में मंगल को ‘दिग्बल’ प्राप्त होता है, जिससे वे अत्यंत शक्तिशाली हो जाते हैं। व्यापार में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है जिससे आपको बड़ा आर्थिक मुनाफा होगा।
नई जिम्मेदारियां: नौकरी में आपको लीडरशिप रोल या कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। जो लोग सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं या नई जॉब की तलाश में हैं, उन्हें मनचाही सफलता मिलेगी।
प्रॉपर्टी से लाभ: यदि भूमि, भवन या पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई विवाद चल रहा था, तो इस अवधि में वह सुलझ जाएगा और फैसला आपके पक्ष में आने की पूरी संभावना है।
4. कन्या राशि (Virgo)
कन्या राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर 9वें भाव (भाग्य, धर्म और लंबी यात्राएं) में हो रहा है। रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव आपके भाग्य को बल देने वाला साबित होगा।
भाग्य का पूरा साथ: अब तक आपके जिन कामों में रुकावटें आ रही थीं, वे भाग्य के सहयोग से अपने आप बनने लगेंगे। आपके सोचे हुए काम समय पर पूरे होंगे।
शिक्षा और यात्राएं: उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है। आपको देश या विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला मिल सकता है। धार्मिक कार्यों और यात्राओं में आपकी रुचि बढ़ेगी, जिससे मानसिक शांति मिलेगी।
बिजनेस में मुनाफा: कार्यक्षेत्र में सीनियर्स और अनुभवी लोगों की सलाह आपके लिए मील का पत्थर साबित होगी। व्यापारिक यात्राएं बेहद लाभकारी रहेंगी।
5. धनु राशि (Sagittarius)
धनु राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर आपकी राशि से छठे भाव (शत्रु, रोग और प्रतियोगिता) में हो रहा है। ज्योतिष में छठे भाव में क्रूर ग्रहों का गोचर बहुत अच्छा माना जाता है।
शत्रुओं पर विजय: इस दौरान आपके विरोधी या गुप्त शत्रु लाख कोशिशों के बाद भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे। आप अपने साहस और पराक्रम से उन्हें परास्त करने में सफल रहेंगे।
कानूनी मामलों में सफलता: यदि कोर्ट-कचहरी में कोई पुराना मामला या विवाद चल रहा है, तो उसका निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है।
नौकरीपेशा लोगों के लिए शुभ: आपकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। आप अपनी कड़ी मेहनत से कार्यस्थल पर सहकर्मियों को पीछे छोड़ते हुए बेहतरीन परिणाम हासिल करेंगे।
सावधानी: छठा भाव रोग का भी होता है, इसलिए मंगल की उग्रता के कारण आपको रक्त संबंधी समस्याओं या चोट-चपेट से बचना होगा। अपने खान-पान और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
उपाय: मंगल देव की इस शुभ अवधि का अधिकतम लाभ उठाने के लिए इस दौरान मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमान जी को बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं। इससे मंगल जनित कोई भी नकारात्मक प्रभाव शांत होता है और शुभ फलों में वृद्धि होती है।
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



