How to become Army Medical Officer: क्या मेडिकल ऑफिसर बनने के लिए नीट परीक्षा पास करना जरूरी है? भारतीय सेना में बतौर डॉक्टर शामिल होने के लिए कौन सा एग्जाम देना पड़ता है? जानिए एमबीबीएस के बाद यूपीएससी सीएमएस और AFMS के जरिए सेना की मेडिकल कोर में एंट्री करने का पूरा प्रोसेस और नियम.
Army Medical Officer: सेना में मेडिकल अफसर बनने के लिए एमबीबीएस करना जरूरी है
क्या मेडिकल ऑफिसर बनने के लिए नीट पास करना जरूरी है?
मेडिकल ऑफिसर बनने के लिए सबसे बुनियादी योग्यता MBBS की डिग्री होना है. भारत में किसी भी मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेज से MBBS (या BAMS, BHMS जैसे आयुष कोर्स) में एडमिशन लेने का एकमात्र रास्ता NEET UG पास करना ही है. मेडिकल ऑफिसर की नौकरी पाने के लिए नीट नहीं देना है, लेकिन उस नौकरी के लिए जो डिग्री (MBBS) चाहिए, उसे हासिल करने के लिए नीट पास करना 100% अनिवार्य है. बिना नीट के डॉक्टर नहीं बन सकते और बिना डॉक्टर बने मेडिकल ऑफिसर बनने का सवाल ही नहीं उठता!
MBBS के बाद मेडिकल ऑफिसर बनने के लिए कौन सा एग्जाम दें?
एमबीबीएस डिग्री और 1 साल की अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी कर लेने के बाद आप मेडिकल ऑफिसर के पदों के लिए योग्य हो जाते हैं. इसके बाद सरकारी क्षेत्र में जाने के 2 रास्ते हैं:
- UPSC CMS (कंबाइंड मेडिकल सर्विसेज) केंद्र सरकार के विभागों (जैसे रेलवे, दिल्ली नगर निगम या केंद्रीय सरकारी अस्पतालों) में मेडिकल ऑफिसर बनने के लिए संघ लोक सेवा आयोग की CMS परीक्षा पास करनी होगी.
- State PSC Exams: अपने या किसी अन्य राज्य के सरकारी जिला अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में काम करने के लिए राज्य लोक सेवा आयोग (जैसे UPPSC, BPSC, MPPSC) समय-समय पर मेडिकल ऑफिसर की सीधी भर्ती या परीक्षा आयोजित करते हैं.
भारतीय सेना में मेडिकल ऑफिसर कैसे बनें? कौन सा एग्जाम दें?
भारतीय सेना, नौसेना या वायुसेना में डॉक्टर (Armed Forces Medical Services – AFMS) बनने के मुख्य रूप से 2 तरीके हैं:
- AFMC पुणे के जरिए डायरेक्ट एंट्री (MBBS के लिए)- अगर स्कूल के तुरंत बाद सेना में डॉक्टर बनना चाहते हैं तो 12वीं (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) के बाद NEET UG परीक्षा में टॉप रैंक लानी होगी. इसके स्कोर के आधार पर सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय (AFMC, Pune) में शॉर्टलिस्ट किया जाएगा. वहां इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट पास करने के बाद MBBS की पढ़ाई कराई जाएगी. फिर सेना में सीधे लेफ्टिनेंट (Lieutenant) या समकक्ष रैंक पर कमीशन दे दिया जाता है.
- सिविलियन MBBS डॉक्टर्स के लिए एंट्री (AFMS SSC Entry) देश के किसी भी अन्य मेडिकल कॉलेज से MBBS या MD/MS करने के बाद भी सेना में जा सकते हैं भारतीय सेना हर साल AFMS Short Service Commission (SSC) Officer के लिए आवेदन निकालती है. इसमें उम्मीदवारों को MBBS और नीट पीजी स्कोर या NBE के मानदंडों के आधार पर इंटरव्यू और मेडिकल फिटनेस टेस्ट के लिए बुलाते हैं. पास होने वाले डॉक्टर्स को कैप्टन की रैंक पर सेना में नियुक्त किया जाता है.
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