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Alibaba vs Anthropic : चीन की टेक कंपनी अलीबाबा ने अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक के क्लाउड कोड वाले सॉफटवेयर को लेकर चिंता जताई है. चाइनीज कंपनी का कहना है कि एंथ्रोपिक इस सॉफ्टवेयर के जरिये चीन के यूजर का हिडन कोड चुरा रही है. इसके साथ ही अलीबाबा ने इस क्लाउड के इस्तेमाल पर रोक भी लगा दी है.

चीन के सीक्रेट कोड चुरा रही अमेरिकी एआई कंपनी, अलीबाबा ने कर दिया बैन Zoom

अलीबाबा ने एंथ्रोपिक पर यूजर्स के हिडन कोड चुराने का आरोप लगाया है.

नई दिल्ली. चीन और अमेरिका के बीच चूहे-बिल्ली का खेल हमेशा की तरह जारी है. ताजा मामला अमेरिका की एआई कंपनी एंथ्रोपिक और चीन की तक दिग्गज टेक कंपनी अलीबाबा के बीच का है. चीन की टेक कंपनी ने अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसके क्लाउड कोड के इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है. अलीबाबा का कहना है कि एंथ्रोपिक का क्लाउड कोड हाई रिस्क वाला सॉफ्टवेयर है और यह चीन के उपभोक्ताओं और कर्मचारियों द्वारा यूज किए जाने वाले हिडन कोड को ट्रैक करता है.

अलीबाबा ग्रुप होल्डिंग्स ने एंथ्रोपिक के क्लाउड कोड पर काम करने से अपने कर्मचारियों को रोक दिया है और इस सॉफ्टवेयर पर बाकायदा रोक लगा दी है. अलीबाबा का दावा है कि यह अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर्म चाइनीस यूजर्स के हिडन कोड को ट्रैक करती है और कई मामलों में उस पर गंभीर खतरा पैदा करती है. चीन के सरकारी अखबार साउथ चीन मॉर्निंग पोस्ट ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि अलीबाबा ने अपने इंटरनल नोटिस में कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि क्लाउड कोड का इस्तेमाल करना भारी जोखिम भरा हो सकता है. एंथ्रोपिक का यह सॉफ्टवेयर कर्मचारी और यूजर्स की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले गुप्त कोड की चोरी कर रहा है.

10 जुलाई से बंद हो जाएगा इस्तेमाल
कंपनी ने अपने नोटिस में सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि 10 जुलाई के बाद एंथ्रोपिक के क्लाउड कोड का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा. अलीबाबा ने आरोप लगाया है कि एंथ्रोपिक ने अपने क्लाउड कोड कोडिंग एजेंट प्लेटफार्म पर कुछ नए कोड का इस्तेमाल किया है जो चोरी चुपके चीन के यूजर्स को ट्रैक करते हैं और उनकी ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले हिडन कोड को भी ट्रैक कर लेते हैं. इससे पहले तमाम तकनीकी विशेषज्ञों ने एंथ्रोपिक के कोड की जांच भी की थी जो रेडिट और गिटहब जैसे प्लेटफार्म पर इस्तेमाल किया जा रहे थे.

जांच में सामने आया मामला
इंटरनेशनल साइबर डाइजेस्ट ने पिछले दिनों साइबर सिक्योरिटी को लेकर की अपनी जांच में बताया कि अमेरिकी कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने क्लाउड कोड के जरिये चीन के टाइम जोन में इस्तेमाल किए जाने वाले कई यूजर्स के डाटा को ट्रैक किया है और उसे चोरी छुपे एंथ्रोपिक को वापस भेजा है. मामले का खुलासा होने के बाद एंथ्रोपिक के इंजीनियर तारिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रिप्लाई दिया है कि यह सिर्फ एक्सपेरिमेंट के तौर पर कंपनी ने मार्च में लॉन्च किया था और इसका इस्तेमाल ग्राहकों के डाटा चुराने के लिए नहीं हो रहा. हालांकि, उन्होंने इसे ग्राहकों के भरोसे को तोड़ने वाला बताया. साथ यह भी कहा कि इस डिजाइन का असली मकसद ग्राहकों के डाटा को अन्य जगहों पर जाने से रोकना था.

एंथ्रोपिक ने लगा दी इस सॉफ्टवेयर पर रोक
अमेरिकी एआई कंपनी के इंजीनियर तारिक शहरयार ने कहा कि फिलहाल पिछले गुरुवार को ही इस ट्रैकिंग सिस्टम को लागू करने पर रोक लगा दी गई है और इसे वापस ले लिया गया है. कंपनी इसमें कुछ बदलाव करेगी और दोबारा इसे इस्तेमाल करने के लिए पेश किया जाएगा. बीजिंग के एक आईटी डेवलपर हांग ने कहा है कि एंथ्रोपिक की ओर से सीक्रेट कोड का इस्तेमाल किया जाना सुरक्षा को गंभीर खतरा दिखाता है. चीन में तमाम डेवलपर्स और यूजर क्लाउड कोड का इस्तेमाल अपने लैपटॉप पर लोकल फाइल्स को देखने के लिए करते हैं. अगर कंपनी के सॉफ्टवेयर में इस तरह की चीज सामने आती है तो यह निश्चित रूप से चीन के यूजर्स और कंपनियों के साइबर सुरक्षा पर गंभीर खतरा दिखा रहा है. साथ ही यह ट्रांसपेरेंसी को भी खतरा पैदा करता है. अलीबाबा के इस हालिया कदम से इस बात की चर्चा फिर से तेज तेज हो गई है कि चीन की कंपनियां अब धीरे-धीरे अमेरिकी सॉल्यूशंस कंपनियों पर अपनी निर्भरता कम कर रही है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

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