Baba Ramdev Ji Mandir: राजस्थान में स्थित पांच गांव के धूणी वाले बाबा रामदेव जी का मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन और श्रद्धा से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है, इसलिए दूर-दूर से भक्त बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मंदिर परिसर में प्रज्ज्वलित धूणी को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है और श्रद्धालु इसे आस्था एवं विश्वास का प्रतीक मानते हैं. वर्षभर यहां दर्शनार्थियों की भीड़ रहती है, जबकि विशेष पर्वों और मेलों के दौरान हजारों श्रद्धालु बाबा के दरबार में मत्था टेकने पहुंचते हैं. मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण, लोक आस्थाएं और वर्षों पुरानी परंपराएं इसे क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल करती हैं.
अजमेर. धार्मिक नगरी अजमेर अपने ऐतिहासिक और कई प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है. इन्हीं मंदिरों में से एक है पुष्कर रोड पर स्थित बाबा रामदेव का मंदिर. लगभग 250 वर्ष पुराने इस मंदिर को पांच गांव के धूणी वाले रामदेव जी के नाम से जाना जाता है. वर्षों से यह मंदिर न केवल अजमेर बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से बाबा रामदेव जी के दर्शन और पूजा-अर्चना करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इसी विश्वास के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन करने पहुंचते हैं.
मंदिर के पुजारी विष्णु प्रसाद शास्त्री बताते हैं कि आज भी बुजुर्ग श्रद्धालु इस स्थान को धूणी वाले रामदेव जी के नाम से ही पहचानते हैं. पुजारी आगे बताते हैं कि वर्षों पहले यहां केवल बाबा रामदेव जी के दर्शन होते थे लेकिन समय के साथ मंदिर का विस्तार किया गया है. जिसके बाद यह परिसर और भी आकर्षक एवं भव्य बन गया है. अब यहां एक ही परिसर में अनेक देवी-देवताओं के दर्शन करने को मिलते हैं.
भादवा माह का विशेष महत्व माना जाता है
पुजारी आगे बताते हैं कि मंदिर में वर्षभर धार्मिक गतिविधियां आयोजित होती रहती हैं लेकिन भादवा माह का विशेष महत्व माना जाता है. इस अवसर पर यहां विशाल जागरण और भजन संध्या का आयोजन किया जाता है. जिसमें राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं. इस अवसर पर पूरा मंदिर परिसर भक्ति संगीत, दीपों की रोशनी और जयकारों से भक्तिमय वातावरण में रंग जाता है.
ऐसे पहुंच सकते है यहां
अगर आप अजमेर की धार्मिक यात्रा पर जा रहे है हैं, तो इस मंदिर के दर्शन अवश्य करें. यह मंदिर अजमेर रेलवे स्टेशन से 7 किलोमीटर की दूरी पर पुष्कर रोड पर स्थित है. यहां बस, टेंपो, ऑटो और ई-रिक्शा के माध्यम से आसानी से पहुंचा जा सकता है. प्राचीन आस्था, शांत वातावरण और भव्य मंदिर परिसर इस स्थान को श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी एक विशेष धार्मिक आकर्षण बनाते हैं.
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