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  • Amarnath Shivaling Melts Early; Pilgrimage Continues Amidst Large Crowds
10 मिनट पहले

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अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक बर्फ का शिवलिंग लगभग पूरी तरह पिघल गया है। अभी यात्रा के पांच दिन ही बीते हैं। 57 दिन चलने वाली यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई थी।

यात्रा के पहले चार दिनों में करीब 86 हजार श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में दर्शन किए। अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को पांचवें दिन यह संख्या 1 लाख के पार पहुंचने की उम्मीद है।

यात्रा के लिए इस साल 4 लाख श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यानी कि अभी 3 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं का दर्शन करना बाकी है।

23 मई को 7 फीट का था शिवलिंग

23 मई को BSF के जवानों ने जो तस्वीर जारी की थी, उसमें शिवलिंग का आकार करीब 7 फीट था। 29 जून को पहली पूजा के दिन भी हिमलिंग की ऊंचाई 5 फीट से ज्यादा थी। 6 जुलाई को सामने आई तस्वीर में हिमलिंग लगभग 90% गायब हो चुका है।

48 किमी लंबे नुनवान-पहलगाम रूट और 14 किमी वाले छोटे, लेकिन कठिन बालटाल रूट से लगातार यात्री दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन खत्म होगी।

यात्रा से जुड़ी 3 तस्वीरें…

जम्मू-कश्मीर में चल रही सालाना 'अमरनाथ यात्रा' के रूट पर जवान पहरा दे रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर में चल रही सालाना ‘अमरनाथ यात्रा’ के रूट पर जवान पहरा दे रहे हैं।

6 जुलाई को श्रद्धालु बालटाल मार्ग से पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर रवाना हुए।

6 जुलाई को श्रद्धालु बालटाल मार्ग से पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर रवाना हुए।

जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में चल रही अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालु बालटाल मार्ग से पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर रवाना हुए।

जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में चल रही अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालु बालटाल मार्ग से पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर रवाना हुए।

अमरनाथ के बाबा बर्फानी प्राकृतिक बनते हैं, तराशा नहीं जाता

अमरनाथ का हिम शिवलिंग किसी बर्फ के ब्लॉक को तराशकर नहीं बनाया जाता, बल्कि यह प्राकृतिक आइस स्टैलेग्माइट है। जैसे चूना-पत्थर की गुफाओं में जमीन से खनिज जमा होकर स्टैलेग्माइट बनते हैं, उसी तरह अमरनाथ गुफा में छत से टपकने वाला पानी जमकर बर्फ का शिवलिंग बनाता है।

इसका आकार हर साल मौसम, तापमान और पानी की उपलब्धता के अनुसार अलग-अलग होता है। यही इसकी सबसे अनोखी विशेषता है।

शिवलिंग गायब होने से यात्रा पर क्या असर पड़ेगा, समझिए सवाल-जवाब में…

1.सवाल: क्या शिवलिंग फिर से बन सकता है?

जवाब: इसकी संभावना बहुत कम है। ताजा बर्फबारी या तापमान शून्य से नीचे जाने पर ही दोबारा बन सकता है।

2. सवाल: प्राकृतिक शिवलिंग कैसे बनता है?

जवाब: सर्दियों और वसंत में गुफा के अंदर पानी की बूंदें जमकर धीरे-धीरे बर्फ का शिवलिंग बनाती हैं।

3. सवाल: क्या शिवलिंग पिघलने से अमरनाथ यात्रा रुक जाएगी?

जवाब: फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं है। यात्रा पहले की तरह जारी है।

4. सवाल: अब तक कितने श्रद्धालु यात्रा कर चुके हैं?

जवाब: यात्रा शुरू होने के बाद अब तक 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।

5. सवाल: इस साल यात्रा के लिए कितने लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है?

जवाब: इस साल करीब 4 लाख श्रद्धालुओं ने अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।

यात्रा के 2 रूट, एक 48km लंबा लेकिन सरल, दूसरा 14km का लेकिन कठिन चढ़ाई

अमरनाथ यात्रा दो रास्तों से की जाती है। पारंपरिक रास्ता 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम से है। दूसरा रास्ता गांदरबल जिले में 14 किलोमीटर लंबे बालटाल से है। यात्रा 28 अगस्त को खत्म होगी।

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