कृषि वैज्ञानिक डॉ सुहेल ने जानकारी देते हुए बताया कि जुलाई का महीना आम के पेड़ों की सेहत सुधारने और अगले सीजन की बेहतर पैदावार की नींव रखने का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है. बारिश का पानी पेड़ों की जड़ों में जमा न होने पाए. इसके लिए बाग में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें. साथ ही फल मक्खी, मिलीबग और फफूंदी जैसे कीट एवं रोगों की नियमित निगरानी करते रहें, ताकि समय रहते नियंत्रण किया जा सके. आम की तुड़ाई के बाद की गई देखभाल ही अगले वर्ष की उपज तय करती है.
आम के पेड़ के साथ करें ये काम
सबसे पहले पेड़ों की सूखी, टूटी और रोगग्रस्त शाखाओं की छंटाई करें, इससे नई और स्वस्थ शाखाएं विकसित होती हैं तथा रोग फैलने का खतरा कम होता है. इसके बाद बगीचे की अच्छी तरह सफाई करें. पेड़ों के नीचे गिरे सड़े-गले आम, पत्तियां और अन्य जैविक कचरा हटाने से फफूंद और कीटों का प्रकोप काफी हद तक कम हो जाता है. जुलाई में प्रति पेड़ अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद डालना लाभदायक माना जाता है. आवश्यकता के अनुसार कृषि विशेषज्ञ की सलाह लेकर नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का भी संतुलित प्रयोग किया जा सकता है. बरसात में तनों को फफूंद से बचाने के लिए बोर्डो पेस्ट लगाने की भी सलाह दी जाती है.
बाग में जल निकासी की करें व्यवस्था
बातचीत करते हुए कृषि वैज्ञानिक डॉ सुहेल ने जानकारी देते हुए बताया कि जुलाई का महीना आम के पेड़ों की सेहत सुधारने और अगले सीजन की बेहतर पैदावार की नींव रखने का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है. बारिश का पानी पेड़ों की जड़ों में जमा न होने पाए. इसके लिए बाग में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें. साथ ही फल मक्खी, मिलीबग और फफूंदी जैसे कीट एवं रोगों की नियमित निगरानी करते रहें, ताकि समय रहते नियंत्रण किया जा सके. आम की तुड़ाई के बाद की गई देखभाल ही अगले वर्ष की उपज तय करती है. यदि किसान जुलाई में छंटाई, खाद, सफाई और जल निकासी जैसे जरूरी कार्य समय पर कर लें तो पेड़ स्वस्थ रहेंगे, अधिक फूल आएंगे और अगले सीजन में भरपूर फल उत्पादन मिलेगा.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
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