गोंडा जिले की एक महिला ने अपनी मेहनत और नए प्रयोग से एक अलग पहचान बनाई है. वह घर पर ही गन्ने का जैविक सिरका तैयार कर रही हैं. यह सिरका पूरी तरह प्राकृतिक तरीके से बनाया जाता है और इसमें किसी तरह के रासायनिक पदार्थ का इस्तेमाल नहीं किया जाता. उनकी इस पहल की चर्चा आसपास के गांवों में भी हो रही है. कई किसान और महिलाएं उनके पास सिरका बनाने की विधि सीखने के लिए पहुंच रहे हैं. किरन मिश्रा का कहना है कि गन्ने का जैविक सिरका स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है. साथ ही यह किसानों और ग्रामीण महिलाओं के लिए कम लागत में अतिरिक्त आय का अच्छा माध्यम भी बन सकता है.
लोकल 18 से बातचीत के दौरान महिला किरन मिश्रा का कहना है कि गन्ने का जैविक सिरका स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है. साथ ही यह किसानों और ग्रामीण महिलाओं के लिए कम लागत में अतिरिक्त आय का अच्छा माध्यम भी बन सकता है. यदि सही तरीके से इसका उत्पादन और पैकेजिंग की जाए तो इसे स्थानीय बाजार के साथ-साथ ऑनलाइन भी बेचा जा सकता है.
सेहत के लिए भी होता है लाभकारी
किरन का कहना है कि गन्ने का जैविक सिरका स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है. कई लोग इसका उपयोग खाने के साथ-साथ घरेलू जरूरतों में भी करते हैं. बाजार में जैविक उत्पादों की बढ़ती मांग के कारण इसकी बिक्री भी अच्छी हो रही है. उन्होंने बताया कि गन्ने के साथ-साथ हम जामुन का सिरका भी तैयार करती हूं जो शुगर के मरीज के लिए काफी लाभकारी माना जाता है. और उन्होंने बताया कि खास बात यह है कि हमारे यहां गन्ने के सिरका को तड़का लगाया जाता है जिसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. बताती हैं कि सिरका तैयार करने में लगभग 20000 की लागत लग जाते हैं. वही हमारा सिरके के बिजनेस से लाखों का इनकम हो रहा है.
सही प्रशिक्षण से बदल रही महिलाओं की जिंदगी
किरन ने बताया कि उन्होंने छोटे स्तर से इस काम की शुरुआत की थी. धीरे-धीरे लोगों का भरोसा बढ़ा और अब उन्हें नियमित ऑर्डर मिलने लगे हैं. इससे उनकी आय में भी अच्छा इजाफा हुआ है. उनका मानना है कि कम लागत में यह एक अच्छा स्वरोजगार बन सकता है. कई किसान और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उनके पास सिरका बनाने की विधि सीखने पहुंच रही हैं. उनका कहना है कि अगर सही प्रशिक्षण, अच्छी पैकेजिंग और बाजार की जानकारी मिल जाए तो ग्रामीण महिलाएं इस काम से अच्छी कमाई कर सकती हैं.
किरन का भी मानना है कि कृषि आधारित ऐसे छोटे उद्योग किसानों और महिलाओं की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो सकते हैं. यदि गन्ने के जैविक सिरके का उत्पादन गुणवत्ता के साथ किया जाए और उसकी सही मार्केटिंग हो, तो इसे स्थानीय बाजार के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बेचा जा सकता है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
About the Author
मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||


