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पुडुचेरी नकली दवा रैकेट मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा कैडर के एक आईपीएस (IPS) अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले, 8 जून को सीबीआई ने दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह और एक बिचौलिए को 1 करोड़ रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा था. आरोप है कि इस 5000 करोड़ रुपये के महाघोटाले के मुख्य आरोपी को राहत दिलाने के लिए कुल 3 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई थी, जिसमें अब इस आईपीएस अधिकारी को भी दबोचा गया है.
सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया है.
यह कहानी सिर्फ नकली दवाओं के काले कारोबार की नहीं बल्कि खाकी को दागदार करने वाले उस गठजोड़ की है जिसके तार बेहद गहरे जुड़े हैं. जब 8 जून को दिल्ली पुलिस का इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह 1 करोड़ की रिश्वत लेते दबोचा गया, तब लगा कि कहानी खत्म हो गई लेकिन क्लाइमेक्स अभी बाकी था! इस महारैकेट के मुख्य आरोपी को क्लीन चिट दिलाने के लिए 3 करोड़ की जो डील हुई थी, उसकी आंच अब सीधे एक IPS अधिकारी तक पहुंच गई है. सीबीआई के आईपीएस को अरेस्ट कर यह साफ कर दिया है कि रसूख चाहे कितना भी बड़ा हो, कानून के शिकंजे से कोई नहीं बच सकता. पुडुचेरी में सामने आए करीब 5,000 करोड़ रुपये के कथित नकली दवा रैकेट की जांच के दौरान एक बड़ा रिश्वतखोरी का मामला सामने आया.
सीबीआई के अनुसार पूरा मामला पुडुचेरी के दवा कारोबारी एन. राजा से जुड़ा है, जो कथित तौर पर 5,000 करोड़ रुपये के नकली दवा कारोबार के मामले में मुख्य आरोपियों में शामिल है. एजेंसी उसके खिलाफ पहले से जांच कर रही थी. आरोप है कि इसी जांच में राहत पाने और कार्रवाई को प्रभावित करने के लिए आरोपी ने बिचौलियों के जरिए संपर्क साधा.
जांच में सामने आया कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह और कुछ अन्य लोगों ने मुख्य आरोपी को भरोसा दिलाया कि उनके केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों से संपर्क हैं और वे उसके खिलाफ चल रही जांच को मैनेज करा सकते हैं. इसके बदले कथित तौर पर तीन करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की गई.
एक करोड़ रुपये देने पर सहमति बनी
सीबीआई के मुताबिक इस सौदे के तहत पहले चरण में एक करोड़ रुपये देने पर सहमति बनी. यह रकम कथित तौर पर हवाला नेटवर्क के जरिए दिल्ली पहुंचाई गई, जहां इसे इंस्पेक्टर तक पहुंचाया जाना था. एजेंसी को इस पूरी योजना की भनक लग गई, जिसके बाद निगरानी शुरू कर दी गई.
8 जून 2026 को सीबीआई ने दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में विशेष जाल बिछाकर कार्रवाई की. एजेंसी ने इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह और उसके कथित बिचौलिए राजकुमार को करीब एक करोड़ रुपये की अग्रिम रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू की गई.
सीबीआई सूत्रों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी एन. राजा ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों को प्रभावित करने के लिए बिचौलियों की मदद ली थी. एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा क्या किसी अन्य अधिकारी की भी इसमें भूमिका थी.
फिलहाल सीबीआई गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. एजेंसी हवाला के जरिए लाई गई रकम के स्रोत, तीन करोड़ रुपये की कथित डील की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है. साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि जांच को प्रभावित करने के लिए किन-किन स्तरों पर संपर्क साधे गए थे.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें
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