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नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के पिता और लखनऊ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष इंद्रदेव सिंह की हत्या के मामले में 23 साल बाद CBI कोर्ट ने विक्रम यादव, पन्ना सिंह और बृजेश यादव को दोषी करार दिया. मामले में 7 जुलाई को सजा सुनाई जाएगी.

लखनऊ के चर्चित इंद्रदेव सिंह हत्याकांड में 3 दोषी, दो दशक बाद न्यायZoom

लखनऊ: नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के पिता और लखनऊ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष इंद्रदेव सिंह की हत्या के मामले में करीब 23 साल बाद फैसला आया है. लखनऊ की सीबीआई कोर्ट ने विक्रम यादव उर्फ कालिया, पन्ना सिंह और बृजेश यादव उर्फ मुन्ना को हत्या और हत्या की साजिश का दोषी ठहराया है. कोर्ट ने तीनों दोषियों को जेल भेज दिया है. मामले में 7 जुलाई को सजा सुनाई जाएगी. इसके लिए तीनों दोषियों को जेल से कोर्ट में तलब किया जाएगा. सुनवाई के दौरान आरोपी मन्नालाल गुप्ता, वेद प्रकाश गुप्ता और छोटेलाल उर्फ छोटू की मौत हो चुकी है.

इंद्रदेव सिंह की गोली मारकर की गई थी हत्या

बता दें कि इंद्रदेव सिंह की 8 अगस्त 2002 की शाम लखनऊ के कैसरबाग टेलीफोन एक्सचेंज के पीछे कांग्रेस नेता स्वरूप कुमारी बक्शी के घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. घटना के बाद उनकी पत्नी नयनतारा सिंह ने कैसरबाग थाने में रामकुमार वर्मा, सुरेश वर्मा, सुरजन वर्मा, सुरेश वर्मा उर्फ डॉक्टर और सुषमा वर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था.

ये हैं हत्या में शामिल

बाद में उत्तर प्रदेश सरकार की सिफारिश पर मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई. सीबीआई की विवेचना में सामने आया कि हत्या की वारदात में मन्नालाल गुप्ता, वेद प्रकाश उर्फ नेता, विक्रम यादव उर्फ कालिया, छोटेलाल उर्फ छोटू, बृजेश यादव उर्फ मुन्ना और पन्ना सिंह शामिल थे.

लेखपाल मन्नालाल गुप्ता ने सुपारी देकर हत्या कराई थी

कोर्ट को बताया गया कि विक्रम यादव उर्फ कालिया ने 12 बोर के तमंचे से इंद्रदेव सिंह को गोली मारी थी, जिससे उनकी मौत हो गई. जांच में यह भी सामने आया कि बर्खास्त लेखपाल मन्नालाल गुप्ता ने सुपारी देकर हत्या कराई थी. इंद्रदेव सिंह ने मंडियाव स्थित अपनी पांच बीघा जमीन पर मन्नालाल गुप्ता को प्लॉटिंग का काम दिया था. प्लॉटिंग से मिली रकम में मन्नालाल गुप्ता हेरफेर कर रहा था, जिसे इंद्रदेव सिंह ने पकड़ लिया था. इसके बाद मन्नालाल गुप्ता ने शूटर विक्रम यादव उर्फ कालिया को सुपारी देकर उनकी हत्या कराई.

करीब 23 साल चली न्यायिक प्रक्रिया

सीबीआई ने वर्ष 2004 में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. इसी वर्ष आरोपियों के खिलाफ आरोप भी तय कर दिए गए थे. करीब 23 साल चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद सीबीआई कोर्ट ने विक्रम यादव उर्फ कालिया, पन्ना सिंह और बृजेश यादव उर्फ मुन्ना को हत्या और हत्या की साजिश का दोषी ठहराया है.

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें

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