Image Slider

-उद्योगपति संजीव कुमार गुप्ता ने धर्मपत्नी रश्मि गुप्ता संग वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कराया पवित्र अनुष्ठान
-रुद्राभिषेक, आरती और प्रसाद वितरण के साथ संपन्न हुआ धार्मिक आयोजन, श्रद्धालुओं की उमड़ी आस्था
-माता-पिता के संस्कार और माँ वैष्णो की कृपा से मिली जीवन में सफलता: संजीव कुमार गुप्ता

उदय भूमि संवाददाता
हापुड़। जनपद के सपनावत गांव स्थित भव्य एवं प्रसिद्ध ‘माँ वैष्णो धाम’ सोमवार को शिवमय हो उठा। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच पवित्र शिवलिंग सहित संपूर्ण शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा पूर्ण विधि-विधान से संपन्न हुई। इस दिव्य धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन समरकूल होम एप्लायंसेज लिमिटेड के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक संजीव कुमार गुप्ता ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती रश्मि गुप्ता के साथ किया। पूरे मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव, माता पार्वती, श्री गणेश, भगवान कार्तिकेय और नंदी महाराज की विधिवत स्थापना कराई गई। इसके उपरांत संजीव कुमार गुप्ता एवं उनकी धर्मपत्नी ने भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक, विशेष श्रृंगार, पूजन और महाआरती कर सुख, समृद्धि एवं विश्व कल्याण की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं में भोग-प्रसाद का वितरण किया गया। मंदिर परिसर को गेंदे के फूलों एवं आकर्षक सजावट से अलंकृत किया गया था, जिससे पूरा वातावरण अत्यंत मनोहारी और भक्तिमय दिखाई दे रहा था।

इस अवसर पर संजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा उनके जीवन के सबसे पवित्र और भावुक क्षणों में से एक है। उन्होंने कहा कि इस अनुष्ठान के बाद उन्हें आत्मिक शांति और आध्यात्मिक संतोष की अनुभूति हुई है। उन्होंने इस धार्मिक कार्य का श्रेय अपने स्वर्गीय माता-पिता श्रीमती संतोष देवी और श्री प्रेमचंद गुप्ता को देते हुए कहा कि उनके आशीर्वाद और प्रेरणा के कारण ही सपनावत की पावन भूमि पर इतना भव्य ‘माँ वैष्णो धाम’ मंदिर स्थापित हो सका है। संजीव कुमार गुप्ता ने कहा मेरे माता-पिता ने हमें धर्म, संस्कार, सेवा और मानवता का मार्ग दिखाया। आज जो भी सम्मान, सफलता और समृद्धि हमारे परिवार तथा व्यापार को प्राप्त हुई है, वह माता वैष्णो रानी की असीम कृपा और माता-पिता के आशीर्वाद का ही परिणाम है। बच्चों को अच्छे संस्कार देना हर माता-पिता का सबसे बड़ा दायित्व है और मैं अपने माता-पिता के प्रति बार-बार कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि धार्मिक आस्था केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज सेवा, मानव कल्याण और संस्कारों के संरक्षण से भी जुड़ी होती है। उनका प्रयास रहेगा कि ‘माँ वैष्णो धाम’ भविष्य में भी श्रद्धालुओं की आस्था और सेवा का प्रमुख केंद्र बना रहे।

उल्लेखनीय है कि सपनावत स्थित ‘माँ वैष्णो धाम’ का निर्माण संजीव कुमार गुप्ता ने अपनी स्वर्गीय माताजी की इच्छा को साकार करने के उद्देश्य से कराया था। लगभग बीस हजार वर्ग गज क्षेत्रफल में फैला यह मंदिर अपनी भव्यता, विशालता और धार्मिक महत्ता के कारण उत्तर भारत के प्रमुख आस्था केंद्रों में गिना जाता है। मंदिर परिसर में कटरा स्थित पवित्र माँ वैष्णो देवी धाम से लाई गई अखंड ज्योति निरंतर प्रज्ज्वलित रहती है, जो श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र बनी हुई है। मंदिर में प्रतिदिन नियमित पूजा-अर्चना के साथ-साथ भंडारे का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं।

धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां बड़ी संख्या में भक्तों की उपस्थिति रहती है। सोमवार को आयोजित प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में भी मंदिर समिति के सदस्यों, क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, सेवा और भारतीय संस्कृति की अनुपम छटा देखने को मिली। शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ‘माँ वैष्णो धामÓ की धार्मिक गरिमा और भी बढ़ गई है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यह पावन धाम आने वाले समय में न केवल क्षेत्र बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक एवं धार्मिक स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||