भारत को सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की करने के लिए कंगारू टीम पर हर हाल में एक बड़ी और ठोस जीत की दरकार होगी. यदि भारतीय टीम इस मैच में चूक जाती है, तो उसकी नजरें रविवार को इसी मैदान पर होने वाले पहले मैच (दक्षिण अफ्रीका बनाम बांग्लादेश) पर टिक जाएंगी. अगर दक्षिण अफ्रीका वहां बांग्लादेश को हरा देता है, तो साल 2025 की वनडे विश्व कप विजेता भारतीय टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी. ऐसे में भारतीय टीम किसी दूसरी टीम के भरोसे रहने के बजाय खुद जीत दर्ज कर शीर्ष दो में जगह पक्की करना चाहेगी.
टी20 वर्ल्ड कप में भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया का इतिहास क्या कहता है?
जब बात महिला टी20 विश्व कप के इतिहास की आती है, तो भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हमेशा से कांटे की टक्कर देखने को मिली है, हालांकि पलड़ा ऑस्ट्रेलियाई टीम का भारी रहा है. दोनों टीमें इस टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक कुल 7 बार आमने-सामने आ चुकी हैं. इन 7 मुकाबलों में से भारत को केवल 2 मैचों में जीत नसीब हुई है, जबकि 5 बार उसे हार का सामना करना पड़ा है.
इन दोनों के बीच इस टूर्नामेंट में पहली भिड़ंत साल 2010 में ग्रॉस आइलेट में हुई थी, जहां ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 7 विकेट से मात दी थी. इसके बाद 2012 में गाले में भी ऑस्ट्रेलिया ने 8 विकेट से जीत दर्ज की। भारत को पहली सफलता साल 2018 में प्रोविडेंस के मैदान पर मिली, जब टीम इंडिया ने 48 रनों से बड़ी जीत दर्ज की. इसके बाद 2020 के विश्व कप के पहले ही मैच में सिडनी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 17 रनों से चौंकाया था, लेकिन इसी टूर्नामेंट के फाइनल में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पलटवार करते हुए भारत को 85 रनों से हराकर खिताब जीता था. 2023 के सेमीफाइनल में केपटाउन में भारत को महज 5 रनों से दिल तोड़ने वाली हार मिली थी, और दोनों टीमों के बीच आखिरी भिड़ंत 13 अक्टूबर 2024 को शारजाह में हुई थी, जहां ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 9 रनों से हराया था.
सर्वोच्च और न्यूनतम स्कोर
भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 विश्व कप में अपना सर्वोच्च स्कोर दो बार बनाया है. टीम इंडिया ने साल 2018 में प्रोविडेंस में और फिर 2023 में केपटाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर 167 रन बनाए थे. वहीं, टीम का सबसे खराब प्रदर्शन साल 2020 के विश्व कप फाइनल में रहा था, जब भारतीय टीम मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर सिर्फ 99 रनों पर ऑलआउट हो गई थी. अगर रनों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत की बात करें, तो भारत ने 2018 में प्रोविडेंस में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 167 रनों का बचाव करते हुए 48 रनों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी.
हरमनप्रीत और स्मृति का दबदबा
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस बड़े मंच पर भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर का बल्ला हमेशा गरजा है. वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 विश्व कप के इतिहास में भारत की ओर से सबसे ज्यादा मैच (7 मैच) खेलने वाली खिलाड़ी हैं और उन्होंने बतौर कप्तान भी सबसे ज्यादा 5 मैचों में टीम की कमान संभाली है. हरमनप्रीत के नाम इन मुकाबलों में सबसे ज्यादा 197 रन दर्ज हैं, जिसमें दो शानदार अर्धशतक शामिल हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे ज्यादा 4 छक्के भी जड़े हैं.
व्यक्तिगत स्कोर के मामले में सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना शीर्ष पर हैं. मंधाना ने साल 2018 में प्रोविडेंस के मैदान पर कंगारू गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए 55 गेंदों में 83 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी. वहीं, निरंतरता के मामले में ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा सबसे आगे हैं, जिन्होंने 5 मैचों में 139 रन बनाकर 46.33 का बेहतरीन बल्लेबाजी औसत बनाए रखा है. युवा सनसनी शेफाली वर्मा ने भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी आक्रामक शैली दिखाई है, जिन्होंने 4 मैचों में 60 रन बनाए हैं, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट 162.16 का रहा है जो दोनों टीमों में सबसे बेहतरीन है.
साझेदारी की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे बड़ी भारतीय पार्टनरशिप 69 रनों की है, जो साल 2023 में केपटाउन के मैदान पर चौथे विकेट के लिए कप्तान हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिग्स के बीच हुई थी. हालांकि, कुछ अनचाहे रिकॉर्ड भी इस इतिहास का हिस्सा हैं, जैसे स्पिनर राधा यादव के नाम 4 मैचों में सबसे ज्यादा 2 डक (शून्य पर आउट होना) दर्ज हैं.
गेंदबाजी और फील्डिंग
गेंदबाजी के मोर्चे पर भारत की दो खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को सबसे ज्यादा परेशान किया है. ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा और लेग स्पिनर पूनम यादव दोनों के नाम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 विश्व कप में सबसे ज्यादा 7-7 विकेट दर्ज हैं. इस दौरान टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी विश्लेषण पूनम यादव के नाम है. पूनम ने 21 फरवरी 2020 को सिडनी के मैदान पर महज 19 रन देकर 4 विकेट चटकाए थे, जिसने भारत को एक यादगार जीत दिलाई थी. वह इस प्रतिद्वंद्विता में 4 विकेट हॉल लेने वाली एकमात्र भारतीय गेंदबाज हैं.
फील्डिंग और विकेटकीपिंग में भी कुछ रिकॉर्ड बेहद खास हैं. विकेट के पीछे तानिया भाटिया ने अद्भुत चपलता दिखाते हुए कुल 8 शिकार (3 कैच और 5 स्टंपिंग) किए हैं, जो किसी भी भारतीय कीपर द्वारा सबसे ज्यादा हैं. वहीं, आउटफील्ड में वेदा कृष्णमूर्ति अपनी शानदार फील्डिंग के लिए जानी जाती रही हैं, जिन्होंने महज 3 मैचों में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे ज्यादा 5 कैच लपके हैं.
पिछली भिड़ंत का हिसाब चुकता करने का मौका
भारत और ऑस्ट्रेलिया की आखिरी टक्कर 13 अक्टूबर 2024 को शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में हुई थी. उस मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 151/8 का स्कोर खड़ा किया था. जवाब में भारतीय टीम पूरे 20 ओवर खेलने के बाद भी 9 विकेट खोकर 142 रन ही बना सकी थी और 9 रनों के करीबी अंतर से मैच गंवा बैठी थी.
अब लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर भारतीय टीम के पास न सिर्फ उस पिछली हार का हिसाब चुकता करने का सुनहरा मौका है, बल्कि अपनी शानदार फॉर्म को बरकरार रखते हुए सीधे सेमीफाइनल में कदम रखने का भी अवसर है. पूरी दुनिया की नजरें रविवार की शाम को होने वाले इस क्रिकेट महाकुंभ पर टिकी हुई हैं
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