धनंजय मिश्रा/फिरदौस आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vijay Singh Pundir
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Updated Sat, 27 Jun 2026 08:37 AM IST
मुंडका में तीन मजदूरों की मौत ने फिर उस सवाल को जिंदा कर दिया है, जिसका जवाब वर्षों से नहीं मिल सका है। सीवर और सेप्टिक टैंक की जब मेनुअल सफाई पर रोक है और मशीनों से सफाई के दावे किए जाते हैं, तो आखिर मजदूर अब भी जहरीली गैस से दम घुटने की मौत क्यों मर रहे हैं।
सेप्टिक टैंक की सफाई करने उतरे तीन मजदूरों की मौत
– फोटो : अमर उजाला
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