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धनंजय मिश्रा/फिरदौस आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vijay Singh Pundir

Updated Sat, 27 Jun 2026 08:37 AM IST

मुंडका में तीन मजदूरों की मौत ने फिर उस सवाल को जिंदा कर दिया है, जिसका जवाब वर्षों से नहीं मिल सका है। सीवर और सेप्टिक टैंक की जब मेनुअल सफाई पर रोक है और मशीनों से सफाई के दावे किए जाते हैं, तो आखिर मजदूर अब भी जहरीली गैस से दम घुटने की मौत क्यों मर रहे हैं। 


सेप्टिक टैंक की सफाई करने उतरे तीन मजदूरों की मौत
– फोटो : अमर उजाला



विस्तार

मुंडका औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक फैक्टरी के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। घटना की सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने अरुण (38), संदीप (32) और चांद (42) सेप्टिक टैंक से निकाला और संजय गांधी अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने फैक्टरी मालिक सूरज मारवाह, फैक्टरी कर्मी जयंत और ठेकेदार नीरज के खिलाफ मामला दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।


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