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नई दिल्ली (BTech CS vs BTech AI ML). हर साल लाखों स्टूडेंट्स 12वीं में पीसीएम विषयों से पढ़ाई करते हैं. इसके बाद जेईई और अन्य प्रवेश परीक्षाएं देकर इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन की तैयारी में जुट जाते हैं. हालांकि 12वीं के बाद किस बीटेक कोर्स में एडमिशन लें, इसका फैसला लेना आसान नहीं है. पहले ऑप्शन कम थे तो दिक्कत नहीं आती थी. लेकिन अब बीटेक सिलेबस के साथ ही जॉब मार्केट भी बहुत बदल गया है. इन दिनों बच्चों की पहली पसंद कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग और एआई-एमएल हैं.

यह कन्फ्यूजन सिर्फ कॉलेज की सीट चुनने का नहीं है, बल्कि आने वाले 10-15 सालों के करियर का सवाल है. दोनों ही फील्ड्स अपनी-अपनी जगह बेहद शानदार हैं और इनमें नौकरियों की कोई कमी नहीं है. लेकिन दोनों की पढ़ाई और काम करने के तरीके में जमीन-आसमान का अंतर है. अगर आप भी इस साल बीटेक कोर्स में एडमिशन लेने वाले हैं तो भेड़चाल का हिस्सा मत बनने के बजाय समझिए कि आपके दिमाग और रुचि के हिसाब से कंप्यूटर साइंस और एआई में से कौन सा ऑप्शन परफेक्ट रहेगा.

बीटेक कंप्यूटर साइंस कोर्स में क्या है?

नॉर्मल कंप्यूटर साइंस को इंजीनियरिंग का ‘सदाबहार राजा’ माना जाता है. इसमें कंप्यूटर की पूरी दुनिया की सैर कराई जाती है. सॉफ्टवेयर कैसे बनता है, ऐप्स कैसे काम करते हैं, डेटाबेस को कैसे मैनेज किया जाता है और साइबर सिक्योरिटी क्या होती है- यह सब सीएस का हिस्सा है. इसे ऐसे समझ सकते हैं कि नॉर्मल सीएस आपको ‘ऑल-राउंडर’ सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनाता है. कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के बाद वेब डेवलपर, ऐप डेवलपर, सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर या कोडर जैसी किसी भी फील्ड में नौकरी मिल सकती है.

बीटेक इन एआई एमएल क्या है?

अब बात करते हैं AI-ML की, जो कंप्यूटर साइंस का ही हिस्सा यानी ‘स्पेशलाइजेशन’ है. जहां नॉर्मल सीएस में कंप्यूटर को कमांड देना सिखाया जाता है, वहीं AI-ML में आप कंप्यूटर को खुद सोचना और इंसानों की तरह फैसले लेना सिखाते हैं. इसमें डेटा का बहुत बड़ा खेल होता है. इंस्टाग्राम की रील्स का एल्गोरिदम हो या यूट्यूब के वीडियो सजेशन्स, यह सब AI-ML का ही कमाल है. इस कोर्स में पूरा फोकस डेटा एनालिसिस, प्रेडिक्शन मॉडल्स और मशीनों को स्मार्ट बनाने पर होता है.

कंप्यूटर साइंस और एआई के सिलेबस में क्या अंतर होता है?

शुरुआती 2 सालों में दोनों ब्रांचेज का सिलेबस लगभग एक जैसा ही होता है. असली अंतर तीसरे साल से शुरू होता है. नॉर्मल सीएस में कंप्यूटर नेटवर्क, ऑपरेटिंग सिस्टम और वेब डेवलपमेंट जैसी चीजें गहराई से पढ़ते हैं. वहीं, AI-ML में एडवांस मैथ, स्टैटिस्टिक्स, न्यूरल नेटवर्क्स और डेटा माइनिंग जैसे विषयों पर फोकस किया जाता है. अगर गणित और लॉजिक बहुत मजबूत है, तभी AI-ML की तरफ जाना चाहिए.. क्योंकि इसमें सिर्फ साधारण कोडिंग से काम नहीं चलता.

सीएसई या एआई, किसमें ज्यादा सैलरी मिलेगी?

जॉब मार्केट की बात करें तो नॉर्मल सीएस के पास ऑप्शंस की भरमार है. किसी भी टेक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर नौकरी मिल जाएगी. दूसरी तरफ, AI-ML के पास ऑप्शन थोड़े सीमित लेकिन बेहद हाई पेइंग (ज्यादा सैलरी वाले) होते हैं. डेटा साइंटिस्ट, एआई रिसर्चर और मशीन लर्निंग इंजीनियर की डिमांड आज आसमान छू रही है. शुरुआती सैलरी के मामले में दोनों टक्कर पर हैं, लेकिन जैसे-जैसे अनुभव बढ़ता है, कंपनियां AI-ML के एक्सपर्ट्स को मुंहमांगा पैकेज देने को तैयार हो जाती हैं.

सीएस और एआई एमएल में से क्या चुनें?

अगर आप 12वीं के बाद करियर के सारे रास्ते खुले रखना चाहते हैं और आपको पक्के तौर पर नहीं पता कि भविष्य में क्या करना है तो नॉर्मल B.Tech CS सबसे सुरक्षित और बेस्ट ऑप्शन है. बीटेक इन सीएस करके भी बाद में एआई सीख सकते हैं. लेकिन, अगर आपको डेटा के साथ खेलना पसंद है, गणित पर पकड़ अच्छी है और भविष्य में रोबोटिक्स या स्मार्ट टेक्नोलॉजी में ही करियर सेट करना चाहते हैं तो बिना देर किए B.Tech AI-ML का विकल्प चुन लें.

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