फिल्ममेकर एसएस राजामौली अपनी अगली बड़ी एक्शन-एडवेंचर फिल्म ‘वाराणसी’ की तैयारी में हैं, जिसमें महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन अहम भूमिकाओं में हैं. फिल्ममेकर ने बताया कि शूटिंग अक्टूबर 2026 तक पूरी हो जाएगी और यह 7 अप्रैल 2027 को रिलीज होगी. दूसरी ओर, ‘बाहुबली’ फ्रेंचाइजी का विस्तार ईशान शुक्ला के निर्देशन में बनने वाली एनिमेटेड फिल्म ‘बाहुबली: द इटरनल वॉर’ के जरिए हो रहा है, जो भारतीय कहानियों को बड़े पर्दे पर पेश करेगी.
‘वाराणसी’ में महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा अहम रोल में हैं.
नई दिल्ली: ‘बाहुबली’ और ‘आरआरआर’ जैसी सुपरहिट फिल्में बनाने के बाद एसएस राजामौली का कद काफी बढ़ गया. फिल्ममेकर के फैंस अबह उनकी अगली बड़ी फिल्म ‘वाराणसी’ की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं. फिल्म में महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा जोनास और पृथ्वीराज सुकुमारन लीड रोल में हैं. फिल्म में आप महेश बाबू को ‘रुद्र’, प्रियंका को ‘मंदाकिनी’ के किरदारों में देखेंगे. इसमें पृथ्वीराज का ‘कुंभ’ वाला लुक पहले ही सोशल मीडिया पर गदर मचा चुका है. एसएस राजामौली ने बताया कि फिल्म की शूटिंग का एक बहुत बड़ा हिस्सा और सभी बड़े एक्शन सीन्स पूरे हो चुके हैं. अक्टूबर 2026 की शुरुआत तक फिल्म की शूटिंग पूरी हो जाएगी. कमाल की बात यह है कि इस फिल्म को खासतौर पर आईमैक्स (IMAX) फॉर्मेट के लिए ही डिजाइन किया गया है, ताकि दर्शकों को पर्दे पर बिल्कुल असली और भव्य नजारा देखने को मिले. संयोग से 7 अप्रैल 2027 को इस फिल्म की रिलीज के साथ ही हैदराबाद में आईमैक्स थिएटर्स की भी वापसी हो रही है, जिसे लेकर राजामौली खुद बेहद एक्साइटेड हैं.
‘बाहुबली’ फ्रेंचाइजी अब एनिमेशन की दुनिया में भी कदम रख रही है. ईशान शुक्ला के डायरेक्शन में बनी एनिमेटेड फीचर फिल्म ‘बाहुबली: द इटरनल वॉर’ पर काम चल रहा है, जो दर्शकों को 14 अलग-अलग लोकों की सैर कराएगी. एसएस राजामौली ने बताया कि ‘बाहुबली’ की दुनिया और उसके किरदार पहले से ही इतने अच्छे से लिखे गए हैं कि कहानी को आगे बढ़ाने में ज्यादा मुश्किल नहीं हुई. जब ईशान बेहद अनोखा आइडिया लेकर आए, तो राजामौली को भरोसा हो गया कि एनिमेशन के जरिए इस कहानी को ग्लोबल लेवल पर ले जाने का यह बिल्कुल सही मौका है. भारत में एनिमेशन का बाजार अभी लाइव-एक्शन फिल्मों जितना बड़ा नहीं है, लेकिन मेकर्स को पूरा यकीन है कि यह फिल्म इंटरनेशनल ऑडियंस का दिल भी आसानी से जीत लेगी.
(फोटो साभार: X)
‘इमोशन’ पर रहता है एसएस राजामौली का जोर
एसएस राजामौली का मानना है कि एनिमेशन की मदद से किरदारों के इमोशंस और भारत के असली ‘रंगों’ को अनोखे अंदाज में दिखाया जा सकता है, जो लाइव-एक्शन फिल्मों में कर पाना मुश्किल होता है. उन्होंने कहा कि उनके लिए फिल्म का ‘इमोशन’ एक बीज की तरह होता है और फिल्म की ‘भव्यता’ उसी बीज के अंदर छिपा हुआ एक विशाल पेड़ है. जब तक कहानी में मजबूत इमोशन का बीज नहीं होगा, तब तक बड़े स्केल का कोई मतलब नहीं रह जाता. एसएस राजामौली की नई फिल्में सिने प्रेमियों के लिए अनोखा विजुअल ट्रीट रहने वाला है.
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