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Varanasi News: वाराणली में अनोखा क्रिकेट स्टेडियम बनाया जा रहा है. शिव धाम जैसे दिखने वाले इस स्टेडियम में हर छोटी बड़ी बात का खास ख्याल रखा गया है, जो इसे और भी खास बनाता है. यहां की कुर्सियां ऐसी हैं, जो धूप-बारिश में कभी खराब नहीं होंगी. आइए एल एन टी से जुड़े सदस्य से जानते हैं कि यहां की कुर्सियां कैसी हैं.

वाराणसी: काशी में दुनिया का सबसे अनोखा क्रिकेट स्टेडियम बनाया जा रहा है. शिव धाम जैसे दिखने वाले इस स्टेडियम में हर छोटी बड़ी बात का खास ख्याल रखा गया है, जो इसे और भी खास बनाता है. त्रिशूल वाली फ्लड लाइट, डमरू जैसे आकार वाले मीडिया गैलरी के अलावा गंजारी में बन रहे स्टेडियम में दर्शकों के बैठने के लिए लगाई गई कुर्सियां भी बेहद अलग हैं. यह कुर्सियां पूरी तरह से फायर प्रूफ हैं. बारिश के समय में भी कुछ मिनट में इन कुर्सियों पर दर्शक आसानी से बैठ सकेंगे.

पश्चिम बंगाल के एक वेंडर से विशेष ऑर्डर पर इन कुर्सियों को मंगाया गया है. एल एन टी से जुड़े पुष्कर ने बताया कि आम तौर पर दूसरे क्रिकेट स्टेडियम जैसी कुर्सियां होती हैं. यह कुर्सियां उनके बेटर क़्वालिटी है. इन कुर्सियों पर दर्शक आराम से 6 से 8 घण्टे तक बैठ सकेंगे, क्योंकि ये कुर्सियां घुमावदार होती हैं, ताकि लंबे समय तक बैठने पर भी पीठ और कमर में दर्द न हो.

धूप-बारिश का नहीं होगा असर
इंजीनियरिंग प्लास्टिक से बनी कुर्सियां UV-प्रतिरोधी हैं यानी ये कुर्सियां धूप-बारिश में भी खराब नहीं होंगी. न तो इसके रंग उड़ेंगे और न ही आग लगने की स्थिति में इसमें आग पकड़ेगा. इसके अलावा इन कुर्सियों में ड्रिंक, बोतल और कप रखने की भी सुविधा है.

40 हजार तक बढ़ाई जा सकती है कैपिसिटी
फिलहाल इस स्टेडियम में 32 हजार कुर्सियां लगाई गई. हालांकि इसकी कैपिसिटी को 35 से 40 हजार तक किया जा सकता है. अगस्त के अंत तक ये स्टेडियम बनकर तैयार हो जाएगा. दिसम्बर महीने में यहां प्रैक्टिस मैच भी होंगे. अगले साल से यहां आईपीएल जैसे मैच भी होंगे. बताते चलें कि इस स्टेडियम के निर्माण पर बीसीसीआई 451 करोड़ रुपये खर्च कर रही है. इस स्टेडियम में क्रिकेट मैच के स्कोर के लिए 2 स्कोर बोर्ड भी इंस्टाल किए गए हैं. इसके अलावा यहां प्रैक्टिस पिच भी तैयार हो गया है. इसके अलावा फिलहाल अभी स्टेडियम में फॉल सीलिंग का काम जारी है.

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आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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