Image Slider

होमताजा खबरदेशदुनिया संकट में है, बदल रहे खतरे… BRICS के मंच से डोभाल ने क्यों दी चेतावनी

Last Updated:

ब्रिक्स (BRICS) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में एनएसए अजित डोभाल ने ईरान और अमेरिका शांति समझौते का स्वागत किया और साथ ही कहा कि होर्मुज का खुलना एक स्वागत योग्य कदम है. इसके साथ ही उन्होंने दुनियाभर में उभरी नई सुरक्षा चुनौतियों को लेकर गंभीर चिंता जताई. चीनी विदेश मंत्री वांग यी भी इस बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली आए हैं.

ख़बरें फटाफट

दुनिया संकट में है, बदल रहे खतरे... BRICS के मंच से डोभाल ने क्यों दी चेतावनीZoom

ब्रिक्स (BRICS) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की 16वीं बैठक के लिए चीनी विदेश मंत्री वांग यी भी दिल्ली आए हैं.

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने मंगलवार को ब्रिक्स (BRICS) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की 16वीं बैठक में नई सुरक्षा चुनौतियों को लेकर गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय सैन्य संघर्षों, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, आर्थिक दबावों और तेजी से विकसित हो रही नई तकनीकों के कारण बेहद चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है. ऐसे समय में ब्रिक्स देशों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है. एनएसए अजित डोवल ने इस दौरान ईरान और अमेरिका शांति समझौते का स्वागत किया और साथ ही कहा कि होर्मुज का खुलना एक स्वागत योग्य कदम है.

नई दिल्ली में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए डोभाल ने कहा कि दुनिया भर में सुरक्षा के खतरे लगातार जटिल होते जा रहे हैं. पारंपरिक खतरों के साथ-साथ अब गैर-पारंपरिक चुनौतियां भी तेजी से उभर रही हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय सीमाओं की परिभाषा को लगभग अप्रासंगिक बना दिया है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के नए और अधिक छिपे हुए रूप, साइबर हमले और डिजिटल तकनीकों का दुरुपयोग वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी हैं.

अजित डोभाल ने कहा कि आज दुनिया ऐसे दौर में खड़ी है जहां संघर्षों को सुलझाने के लिए मौजूद संस्थागत तंत्र और पारंपरिक उपकरण लगातार कमजोर पड़ते दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने चिंता जताई कि बहुपक्षवाद (Multilateralism) का प्रभाव घट रहा है, जबकि वैश्विक समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं. ऐसे में देशों के बीच सहयोग और संवाद पहले से अधिक जरूरी हो गया है.

एनएसए ने ब्रिक्स को एक ‘विशेष गठबंधन’ बताते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक सहयोग का मंच नहीं है, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था है जो शांति, विकास, प्रगति और सहयोग में विश्वास रखने वाले देशों को एक साथ लाती है. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की ताकत लगातार बढ़ रही है और यह समूह वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

डोभाल ने कहा कि ब्रिक्स की स्थापना उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक मंच देने और अधिक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी. आज जब दुनिया तेजी से बदल रही है और संघर्षों के समाधान के पारंपरिक तरीके कमजोर पड़ रहे हैं, तब ब्रिक्स देशों के सामने एक विशेष जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि विभिन्न महाद्वीपों और अलग-अलग अनुभवों वाले देशों का यह समूह वैश्विक स्थिरता और सहयोग को नई दिशा दे सकता है.

बैठक के दौरान आतंकवाद-रोधी सहयोग, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकियों के सुरक्षित उपयोग और साइबर सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई. डोभाल ने कहा कि इन क्षेत्रों में सदस्य देशों के बीच समन्वय और साझा रणनीति समय की जरूरत है.

About the Author

authorimg

Saad Omar

साद बिन उमर को पत्रकारिता के क्षेत्र में 15 साल से अधिक का अनुभव है, जिनमें से 12 साल उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता को दिए है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने आज तक, एनडीटीवी, पीटीआई और नया इंडिया जैसे प्र…और पढ़ें

img

खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव

QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें

QR Code

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||