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-बुनकर मार्ट एक्सपो सेंटर में जीडीए अधिकारियों-कर्मचारियों ने किया सामूहिक योगाभ्यास, प्रमुख सचिव कामिनी रतन चौहान रहीं मुख्य अतिथि
-उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के नेतृत्व में योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का लिया संकल्प
-योगाचार्यों ने बताए योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ, योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना स्थित निर्माणाधीन बुनकर मार्ट एक्सपो सेंटर में रविवार को भव्य सामूहिक योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित कॉमन योग प्रोटोकॉल तथा उत्तर प्रदेश शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम में जीडीए के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वस्थ, निरोग और संतुलित जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य योग को जन-जन तक पहुंचाना, नियमित योगाभ्यास के प्रति लोगों को प्रेरित करना तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य कर विभाग की प्रमुख सचिव कामिनी रतन चौहान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उनके साथ जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्रा, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, विशेष कार्याधिकारी राजीव रतन सिंह, विशेष कार्याधिकारी कनिका कौशिक, मुख्य अभियंता आलोक रंजन, अधिशासी अभियंता योगेश पटेल सहित प्राधिकरण के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारियों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रशिक्षित योगाचार्यों के निर्देशन में सामूहिक योगाभ्यास से हुई।

प्रतिभागियों ने ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन, सूर्य नमस्कार सहित विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। योगाचार्यों ने योग की सही विधि बताते हुए उसके शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ और सुदृढ़ बनाता है, बल्कि मानसिक तनाव को दूर कर आत्मविश्वास, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है। मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव कामिनी रतन चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है, जिसने पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग सबसे सरल और प्रभावी उपाय है, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ बनाए रखता है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से नियमित योगाभ्यास को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने और अपने परिवार तथा समाज को भी योग के प्रति प्रेरित करने का आह्वान किया।

जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने कहा कि योग केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के माध्यम से योग को जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जीडीए भविष्य में भी इस प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोग योग और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ सकें। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ योगाभ्यास किया।

योगाचार्यों ने बताया कि नियमित योग करने से जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा और तनाव से बचाव संभव है। साथ ही ध्यान और प्राणायाम मानसिक शांति, कार्यक्षमता और निर्णय क्षमता को भी बढ़ाते हैं। पूरे आयोजन में स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प लिया। जीडीए के इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि संतुलित, सकारात्मक और सफल जीवन जीने की संपूर्ण जीवन पद्धति है।

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