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होमताजा खबरदेशदेख लें भारतीय सेना का शौर्य, 0 से नीचे तापमान में इन जांबाजों ने भी किया योग

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन की बर्फीली चोटियों से बेहद खूबसूरत तस्वीरें सामने आई हैं. भारतीय सेना की ‘फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स’ के जांबाज सैनिकों और उनके वफादार चार पैरों वाले योद्धाओं ‘सियाचिन स्निफर्स’ यानी सेना के खोजी कुत्ते ने भी हाड़ कंपा देने वाली ठंड में योग किया.

देख लें भारतीय सेना का शौर्य, 0 से नीचे तापमान में इन जांबाजों ने भी किया योगZoom

सियाचिन. 21 जून को पूरा देश और दुनिया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के जश्न में डूबी है, तब भारत की सीमाओं की रक्षा करने वाले जांबाज सैनिकों ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है. दुनिया के सबसे ऊंचे और सबसे कठिन युद्धक्षेत्र सियाचिन की बर्फीली और दुर्गम ऊंचाइयों पर भारतीय सेना के जवानों ने योग अभ्यास किया. लेकिन इस बार का यह आयोजन बेहद खास और अनोखा था, क्योंकि इस योग सत्र में सेना के जांबाज जवानों के साथ उनके सबसे वफादार साथी सियाचिन स्निफर्स यानी सेना के खोजी कुत्ते भी शामिल हुए.

भारतीय सेना की फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स के तत्वावधान में आयोजित इस अनोखे योग सत्र की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही छा गए हैं, जिसे देखकर हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है. सियाचिन ग्लेशियर पर जहां आम इंसानों का सांस लेना भी दूभर हो जाता है, वहां शून्य से कई डिग्री नीचे के तापमान में इस योग शिविर का आयोजन किया गया. चारों तरफ फैली सफेद बर्फ की चादर, गहरी खामोशी और बर्फीली हवाओं के बीच भारतीय सेना के हैंडलर्स और उनके चार पैरों वाले योद्धाओं ने बेहद कठिन योगासन किए.

सियाचिन में भारतीय सेना का अद्भुत नजारा

भारतीय सेना ने कहा है, “यह अद्भुत नजारा इस बात का प्रतीक है कि विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी मानसिक शांति, एकाग्रता और शारीरिक सहनशक्ति को कैसे बनाए रखा जा सकता है. योग केवल इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि हमारे इन मूक रक्षकों के मानसिक संतुलन और वेल-बीइंग के लिए भी उतना ही जरूरी है.”

क्यों खास हैं ‘सियाचिन स्निफर्स’ और उनके हैंडलर्स?

सियाचिन जैसे खतरनाक वातावरण में सेना के ये श्वान केवल जानवर नहीं, बल्कि रीढ़ की हड्डी की तरह काम करते हैं. हिमस्खलन या बर्फ खिसकने की स्थिति में बर्फ के नीचे दबे जवानों को ढूंढने और दुश्मनों की आहट पहचानने में इनका कोई सानी नहीं है.

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