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नई दिल्ली. भारतीय युवा क्रिकेटरों के लिए रविवार अग्निपरीक्षा का दिन है. मेजबान श्रीलंका ए के खिलाफ इंडिया ए की टीम वनडे ट्राई-नेशन सीरीज के फाइनल मुकाबले में मैदान पर उतरेगी. दांबुला का यह मैदान एक हाई-वोल्टेज मुकाबले का गवाह बनने जा रहा है, जहां तिलक वर्मा की अगुवाई वाली भारतीय टीम के सामने न सिर्फ खिताब जीतने की चुनौती होगी, बल्कि पुरानी हार का हिसाब चुकता करने का भी सुनहरा मौका होगा. फाइनल में वैभव सूर्यवंशी भारत के लिए एक्स फैक्टर साबित हो सकते हैं. वैभव ने अंडर 19 वर्ल्ड कप के फाइनल में 175 रन की पारी खेली थी. ट्राई नेशन सीरीज के फाइनल में टीम इंडिया को वैभव से बड़ी पारी की उम्मीद है.

यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है क्योंकि मेजबान श्रीलंका ए इस समय गजब की लय में है. लीग स्टेज के इतिहास को देखें तो श्रीलंका ने दो मुकाबलों में भारत को धूल चटाई थी. ऐसे में मानसिक तौर पर मेजबान टीम का पलड़ा थोड़ा भारी जरूर दिख रहा है, लेकिन फाइनल जैसे बड़े मंच पर पुरानी बातें पीछे छूट जाती हैं. तिलक वर्मा एंड कंपनी को अच्छी तरह मालूम है कि ट्रॉफी उठाने के लिए उन्हें अपनी पूरी ताकत और सटीक रणनीति के साथ मैदान पर उतरना होगा. इस खिताबी मुकाबले में एक छोटी सी चूक भी टीम इंडिया के चैंपियन बनने के सपने को तोड़ सकती है.

इंडिया ए बनाम श्रीलंका ए वनडे ट्राई नेशन का फाइनल रविवार को खेला जाएगा.

वैभव से बड़ी पारी की उम्मीद
भारतीय टीम के लिए इस पूरे टूर्नामेंट में सबसे बड़ा सिरदर्द ओपनिंग पार्टनरशिप को लेकर रहा है. खासकर युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी अपनी असाधारण प्रतिभा के साथ अब तक पूरी तरह न्याय नहीं कर पाए हैं. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज में क्लास और शॉट मेकिंग की कोई कमी नहीं है, लेकिन उनकी सबसे बड़ी कमजोरी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में तब्दील न कर पाना रही है. वैभव 20-30 रन बनाकर विकेट गंवा रहे हैं. फाइनल जैसे नॉकआउट मैच में टीम को उनसे एक बड़ी पारी की दरकार होगी.क्रिकेट के गलियारों में यह माना जाता है कि अगर वैभव का बल्ला चल गया, तो वो अकेले दम पर मैच को एकतरफा करने का माद्दा रखते हैं.

वैभव के साथ पारी की शुरुआत करने एक बार फिर प्रियांश आर्या उतरेंगे. प्रियांश ने पिछले मैच में एक शानदार अर्धशतकीय पारी खेलकर अपनी फॉर्म और इरादे साफ कर दिए हैं. उनका आत्मविश्वास इस समय सातवें आसमान पर होगा. प्रियांश और वैभव की जोड़ी अगर पावरप्ले में श्रीलंका के तेज गेंदबाजों का डटकर सामना कर लेती है और भारत को एक ठोस शुरुआत दिलाती है, तो आने वाले बल्लेबाजों के लिए काम काफी आसान हो जाएगा.

गायकवाड़ का अनुभव और कप्तान तिलक का दम
नंबर तीन की जिम्मेदारी अनुभवी ऋतुराज गायकवाड़ के कंधों पर होगी. ऋतुराज इस समय अच्छी लय में दिख रहे हैं और उनके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अच्छा खासा अनुभव भी है. हालांकि, लीग मैचों में वे अपनी शुरुआत को मैच जिताऊ पारी में नहीं बदल पाए हैं. फाइनल में ऋतुराज को एक छोर संभालकर एंकर की भूमिका निभानी होगी, ताकि भारतीय पारी बिखरे नहीं. इसके बाद चौथे नंबर पर खुद कप्तान तिलक वर्मा बल्लेबाजी के लिए आएंगे. तिलक न सिर्फ एक चतुर कप्तान हैं, बल्कि मध्यक्रम की रीढ़ भी हैं. मुश्किल परिस्थितियों में मैच को कैसे आगे बढ़ाना है, यह तिलक बखूबी जानते हैं. उन पर टीम को संभालने के साथ-साथ रन गति को बनाए रखने का दोहरा दबाव होगा.

फॉर्म में लौटे खिलाड़ी बढ़ाएंगे ताकत
पांचवें नंबर पर विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र का खेलना लगभग तय माना जा रहा है. कुशाग्र ने आखिरी लीग मैच में दबाव के क्षणों में 58 रनों की बेहद सूझबूझ भरी पारी खेली थी, जिससे टीम का उन पर भरोसा और मजबूत हुआ है. उनकी विकेटकीपिंग के साथ-साथ यह फिनिशिंग क्षमता भारत के लिए डेथ ओवर्स में गेम-चेंजर साबित हो सकती है. ऑलराउंडर विभाग की बात करें तो निशांत सिंधू टीम के सबसे बड़े एक्स-फैक्टर बनकर उभरे हैं. अफगानिस्तान के खिलाफ पिछले लीग मैच में निशांत ने अपनी फिरकी का जादू बिखेरते हुए 4 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए थे. वे न केवल स्पिन गेंदबाजी से रनों पर अंकुश लगाते हैं, बल्कि निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी भी कर सकते हैं. उनके साथ सूर्यांश शेडगे और विप्रज निगम का प्रदर्शन भी लगातार निखर कर सामने आया है. ये दोनों खिलाड़ी लगातार अच्छा कर रहे हैं और टीम के संतुलन को बेहद मजबूत बनाते हैं. लोअर-मिडल ऑर्डर में अनुकूल रॉय का अनुभव भी श्रीलंका की टर्निंग पिचों पर भारतीय स्पिन आक्रमण को धार देगा.

पेस और स्पिन का सटीक संतुलन
दांबुला की पिच को देखते हुए भारतीय गेंदबाजी आक्रमण काफी संतुलित नजर आ रहा है. तेज गेंदबाजी की अगुवाई अंशुल कंबोज करेंगे, जिन्होंने शुरुआती ओवरों में अपनी गति और स्विंग से बल्लेबाजों को खासा परेशान किया है. वहीं, अंतिम एकादश में एक स्लॉट को लेकर कप्तान और टीम मैनेजमेंट के बीच थोड़ी कशमकश देखने को मिल सकती है. टीम को यश ठाकुर और अशोक शर्मा में से किसी एक को चुनना होगा. यश ठाकुर के पास डेथ ओवर्स में यॉर्कर फेंकने की बेहतरीन क्षमता है, जबकि अशोक शर्मा शुरुआती ओवरों में नई गेंद से विकेट निकालने के लिए जाने जाते हैं। विरोधी टीम की कमजोरी को भांपते हुए ही इन दोनों में से किसी एक के नाम पर मुहर लगेगी.

श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल के लिए इंडिया ए की संभावित प्लेइंग 11
वैभव सूर्यवंशी, प्रियांश आर्या, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), निशांत सिंधू, सूर्यांश शेडगे, विप्रज निगम, अनुकूल रॉय, अंशुल कंबोज, यश ठाकुर/अशोक शर्मा.

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