हाथों में दुआएं या भीख मांगने के तानों को पीछे छोड़, तमिलनाडु की श्रीदेवी ने इतिहास रच दिया है. हर बाधा को पार कर वे राज्य की पहली ट्रांसजेंडर सरकारी बस ड्राइवर बन गई हैं, जो भारी ट्रैफिक के बीच बेहद सुरक्षित तरीके से पहुंचा रही हैं.
श्रीदेवी तमिलनाडु की पहली ट्रांसजेंडर सरकारी बस ड्राइवर बनी हैं.
श्रीदेवी. यही नाम है उनका, जो अब सरकारी बस चलाएंगी. वो ट्रांसजेंडर हैं. उनके साथ कंडक्टर के रूप में उनका साथ देंगी दूसरी ट्रांसजेंडर कलाइदेवी. ये कामयाबी सिर्फ उनके अकेले की नहीं है, बल्कि उस पूरी कम्युनिटी की है जिसे समाज ने हमेशा हाशिए पर धकेले रखा. जिस रास्ते पर समाज उन्हें सिर्फ भीख मांगते देखना चाहता था, आज उसी रास्ते पर वे शान से 50 सवारियों से भरी सरकारी बस को उनकी मंजिल तक पहुंचा रही हैं. बस की स्टेयरिंग से लेकर टिकट पंच करने वाली मशीन तक, जब दोनों ट्रांसजेंडर अपनी ड्यूटी पर होती हैं, तो वह बस सिर्फ सवारियों को ही नहीं, बल्कि बदलते समाज की होती है.
जिल्लत भरे अतीत से इतिहास रचने तक का सफर
ये कहानी है तमिलनाडु के पुदुक्कोट्टई जिले के कीरानूर की रहने वाली श्रीदेवी की. श्रीदेवी ने अपनी जिंदगी में समाज के तानों और भारी तंगहाली का सामना किया, लेकिन हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने ड्राइविंग की ट्रेनिंग पूरी की, जिसके बाद तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम (TNSTC) ने उन्हें एक अस्थाई ड्राइवर के रूप में नौकरी दी.
आज श्रीदेवी पुदुक्कोट्टई के नए बस स्टैंड से त्रिची के रूट पर सरकारी बस दौड़ाती हैं. जहां कई लोग भारी ट्रैफिक में टू-व्हीलर चलाने से भी कतराते हैं, वहीं श्रीदेवी किसी बेहद अनुभवी ड्राइवर की तरह भारी-भरकम सरकारी बस को बेहद सुरक्षित और आसानी से ट्रैफिक के बीच से निकाल लेती हैं. उन्हें बस चलाते देख सड़क पर चलने वाले और बस में बैठने वाले लोग हैरान रह जाते हैं.
जब सफर कर रहे पैसेंजर ने कहा, ‘हमें गर्व है’
श्रीदेवी की बस में सफर करने वाले यात्रियों का अनुभव बेहद सुखद और हैरान करने वाला है. बस में सफर कर रहे एक पैसेंजर ने News18 तमिल से अपना अनुभव साझा करते हुए कहा,
“अब तक हमने सिर्फ पुरुष ड्राइवरों को ही सरकारी बसें चलाते देखा था. यह पहली बार है जब हम किसी ट्रांसजेंडर महिला को ड्राइवर की सीट पर देख रहे हैं. उन्हें इतनी सुरक्षा और जिम्मेदारी से बस चलाते देखना एक सुखद सरप्राइज है. हमें उनके साथ सफर करने में बहुत सुरक्षित महसूस हो रहा है. खुशी इस बात की है कि भीख मांगने के बजाय वे एक सम्मानित सरकारी नौकरी कर रही हैं. ऐसे बदलावों से समाज का नजरिया सच में बदलेगा.”
मददगार हाथ और परमानेंट नौकरी की गुहार
श्रीदेवी अपनी इस ऐतिहासिक कामयाबी का श्रेय पुदुक्कोट्टई की जिला कलेक्टर अरुणा और ट्रांसजेंडर एसोसिएशन की अध्यक्ष असीना को देती हैं, जिन्होंने हर कदम पर उनकी मदद की. फिलहाल श्रीदेवी तमिलनाडु सरकार से अपनी इस नौकरी को परमानेंट करने की मांग कर रही हैं.
तमिलनाडु की पहली ट्रांसजेंडर बस ड्राइवर श्रीदेवी का कहना है,
खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव
QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||

