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Jaunpur Agriculture News: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के किसानों के लिए एक खुशखबरी है. अब यहां के खेतों में उगने वाली ताजी सब्जियां सिर्फ स्थानीय मंडियों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि सात समंदर पार विदेशी लोगों की थालियों की शोभा बढ़ाएंगी. जौनपुर से पहली बार हरी मिर्च, भिंडी, मशरूम और शिमला मिर्च जैसी सब्जियों की एक बड़ी खेप दुबई और सिंगापुर जैसे देशों के लिए निर्यात की गई है. इस नई शुरुआत से न केवल जौनपुर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी, बल्कि किसानों की कमाई भी कई गुना बढ़ जाएगी. आइए जानते हैं कैसे जौनपुर की सब्जियां विदेशों तक पहुंच रही हैं.

जौनपुर: उत्तर प्रदेश का जौनपुर जिला अब एक नए इतिहास रचने की राह पर चल पड़ा है. जिले के किसान भाइयों के लिए यह बेहद गर्व की बात है कि यहां के खेतों की ताजी सब्जियां अब दुबई और सिंगापुर जैसे बड़े देशों में रहने वाले लोगों का स्वाद बढ़ाएंगी. जौनपुर के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब यहां से सीधे विदेशों के लिए सब्जियों का निर्यात शुरू किया गया है. इससे जौनपुर का नाम तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकेगा ही, साथ ही स्थानीय किसानों के लिए मुनाफे के नए दरवाजे भी खुलेंगे.

दो विशेष वैन से दिल्ली एयरपोर्ट भेजी गई सब्जियों की खेप
इस शुरुआत के तहत केराकत क्षेत्र के मेहौड़ा गांव में स्थित सुनीता फूड प्रोसेसिंग प्लांट से दो खास रिफर वैन सब्जियों की खेप लेकर दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना हुईं. इस पहली खेप में करीब ढाई टन (2.50 टन) सब्जियां भेजी गई हैं, जिनमें मुख्य रूप से हरी मिर्च, भिंडी, मशरूम, शिमला मिर्च, केला और कुंदरू शामिल हैं. दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद इन सभी सब्जियों को हवाई मार्ग के जरिए सीधे दुबई और सिंगापुर भेजा गया.

एक हफ्ते पहले हुआ था ट्रायल
इस काम के लिए बकायदा पूरी तैयारी की गई थी. करीब एक सप्ताह पहले विभाग द्वारा 12 क्विंटल सब्जियों का एक ट्रायल एक्सपोर्ट किया गया था. जब यह खेप विदेशी बाजारों में पहुंची, तो वहां के सख्त गुणवत्ता मानकों (क्वालिटी टेस्ट) पर जौनपुर की सब्जियां पूरी तरह खरी उतरीं. इस सफल ट्रायल के बाद अब नियमित रूप से यहां से सब्जियां बाहर भेजने का रास्ता साफ हो गया है.

25 करोड़ की लागत से लगा मॉडर्न प्लांट और टेस्टिंग लैब
इस कामयाबी के पीछे जिला उद्यान विभाग और स्थानीय उद्यमियों की दो साल की कड़ी मेहनत छिपी है. जिला उद्यान अधिकारी डॉ. सीमा सिंह राना की प्रेरणा से मेहौड़ा गांव के रहने वाले और गोजवास कंपनी के संचालक आनंद राय पिछले दो वर्षों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे. प्रदेश सरकार की खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्योग नीति 2023 का लाभ उठाकर उन्होंने अपने गांव में ही लगभग 25 करोड़ रुपये की भारी लागत से मशरूम उत्पादन, प्रोसेसिंग और कैनिंग की एक आधुनिक यूनिट खड़ी की है. विदेशों में जैविक सब्जियों की मांग बहुत ज्यादा होती है, इसलिए प्लांट के अंदर ही एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधुनिक टेस्टिंग लैब भी बनाई गई है, जहां हर सब्जी की बारीकी से जांच होती है. भविष्य में हवाई मार्ग के साथ-साथ समुद्री जहाजों के जरिए भी बड़े पैमाने पर सब्जियां भेजने की योजना है.

किसानों को सीधे मिल रहा नगद भुगतान, बिचौलियों का खेल खत्म
इस पूरी पहल का सबसे बेहतरीन और सीधा फायदा जौनपुर के आम किसानों को मिल रहा है. इस पहली खेप को तैयार करने के लिए टीम ने खुद सीधे किसानों के खेतों पर जाकर भिंडी, कुंदरू, शिमला मिर्च और हरी मिर्च जैसी फसलें खरीदीं. सबसे अच्छी बात यह है कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा पैसा तुरंत नगद दे दिया जा रहा है. इससे बाजार के बिचौलियों और आढ़तियों का खेल पूरी तरह खत्म हो गया है और किसानों को उनकी फसल का एकदम सही और वाजिब दाम मिल रहा है.
जौनपुर में हर साल लाखों टन सब्जियों की बंपर पैदावार होती है, लेकिन सही बाजार और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाएं न होने से अक्सर किसानों की फसलें सड़ जाती थीं और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता था. अब सीधा अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल जाने से जौनपुर के किसानों की आर्थिक स्थिति बेहद मजबूत होने वाली है.

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Seema Nath

सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें

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