-ई-आईसीयू प्रणाली के विस्तार पर मंथन, दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंचेगी विशेषज्ञ चिकित्सा निगरानी
-35 वर्षों की साझेदारी को नई दिशा, तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा और बल
-गंभीर मरीजों की निगरानी होगी और तेज, वास्तविक समय में मिलेगी विशेषज्ञों की चिकित्सकीय सलाह
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। आधुनिक तकनीक और स्वास्थ्य सेवाओं के समन्वय से मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सोमवार को इंदिरापुरम स्थित यशोदा मेडिसिटी और जीई हेल्थकेयर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ई-आईसीयू प्रणाली के विस्तार को लेकर व्यापक चर्चा की। इस रणनीतिक बैठक का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच पिछले 35 वर्षों से चली आ रही साझेदारी को और मजबूत बनाना तथा भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं में नई तकनीकी संभावनाओं को तलाशना रहा। यशोदा मेडिसिटी में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में जीई हेल्थकेयर और विप्रो जीई हेल्थकेयर के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। प्रतिनिधिमंडल में जीई हेल्थकेयर की मुख्य वाणिज्यिक एवं विकास अधिकारी कैथरीन एस्ट्राम्प्स, विप्रो जीई हेल्थकेयर के वितरण विभाग के मुख्य परिचालन अधिकारी राघवेंद्र राव वी.एस. तथा उत्तर प्रदेश सरकार के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सचिव रितु महेश्वरी शामिल रहीं। इस दौरान उन्होंने यशोदा मेडिसिटी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. पी.एन. अरोड़ा, प्रबंध निदेशक डॉ. उपासना अरोड़ा तथा अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों और अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक का मुख्य केंद्र स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक आधारित नवाचार को बढ़ावा देना और देश में सुलभ तथा किफायती स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को नई गति प्रदान करना रहा।
विशेष रूप से यशोदा मेडिसिटी में पहले से संचालित कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ई-आईसीयू कमांड सेंटर को और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। इसके तहत हृदय परीक्षण से प्राप्त आंकड़ों को इस प्रणाली से जोडऩे की योजना पर विचार किया गया, जिससे गंभीर मरीजों की निगरानी और अधिक सटीक तथा त्वरित हो सकेगी। विशेषज्ञों के अनुसार इस उन्नत व्यवस्था के माध्यम से विभिन्न चिकित्सालयों और स्वास्थ्य केंद्रों से मरीजों के हृदय संबंधी आंकड़े वास्तविक समय में सीधे यशोदा मेडिसिटी के केंद्रीय कमांड सेंटर तक पहुंच सकेंगे। वहां मौजूद विशेषज्ञ चिकित्सक तत्काल रिपोर्ट का विश्लेषण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दे सकेंगे। यदि किसी मरीज की स्थिति गंभीर होती है तो विशेषज्ञ बिना किसी देरी के स्थानीय चिकित्सकीय टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान कर सकेंगे, जिससे समय रहते उपचार संभव हो सकेगा और मरीज की जान बचाने की संभावना बढ़ जाएगी।
बैठक में हब और स्पोक मॉडल पर आधारित स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को भी विस्तार देने पर चर्चा की गई। इस मॉडल के अंतर्गत एक केंद्रीय विशेषज्ञ केंद्र कई छोटे अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़ा रहता है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को भी महानगरों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं का लाभ मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रणाली ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यशोदा मेडिसिटी और जीई हेल्थकेयर के अधिकारियों ने इस बात पर भी सहमति व्यक्त की कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ई-आईसीयू प्रणाली को ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक विस्तारित किया जाना चाहिए। इससे उन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और तकनीक-संचालित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। बैठक के दौरान ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत विकसित स्वास्थ्य तकनीकों और चिकित्सा उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।
दोनों संस्थानों ने इस बात पर बल दिया कि आधुनिक तकनीक और स्थानीय स्तर पर विकसित समाधान भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बना सकते हैं। यशोदा मेडिसिटी की प्रबंध निदेशक डॉ. उपासना अरोड़ा ने कहा कि जीई हेल्थकेयर और विप्रो जीई हेल्थकेयर के नेतृत्व के साथ हुई यह चर्चा अत्यंत सार्थक और भविष्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थानों की दीर्घकालिक साझेदारी एक साझा लक्ष्य को प्रतिबिंबित करती है, जिसके माध्यम से तकनीक आधारित स्वास्थ्य समाधान विकसित किए जा रहे हैं। उनका उद्देश्य चिकित्सकीय क्षमताओं को और सशक्त बनाना तथा आम नागरिकों तक उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, दूरस्थ निगरानी और डिजिटल स्वास्थ्य प्रणालियों का बढ़ता उपयोग आने वाले वर्षों में चिकित्सा सेवाओं की परिभाषा बदल सकता है। यशोदा मेडिसिटी और जीई हेल्थकेयर की यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक आधुनिक बनाएगी, बल्कि लाखों मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा, जो अब तक केवल बड़े शहरों तक सीमित थीं।
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



