हिंदी सिनेमा के इतिहास में कुछ एक्ट्रेसेस ऐसी रही हैं, जो अपनी दरियादिली के लिए भी जानी जाती रहीं. उन्होंने न सिर्फ करियर में हिट पे हिट फिल्में दीं,बल्कि दूसरों की जिंदगी बदलने के लिए भी जी जान लगा दी. उन्हीं में से एक हैं, जितेंद्र संग काम कर चुकी ये हसीना, जिसने न सिर्फ राजेश खन्ना को ब्रेक दिलाया बल्कि शशि कपूर का भी करियर चमका गईं.
नई दिल्ली. अपने दौर की वो हसीना, जिसने करियर में राजेश खन्ना, शशि कपूर और मनोज कुमार संग कई हिट दीं. साल 1948 में डेब्यू करने वाली हसीना ने अपने करियर में कई स्टार का करियर चमकाया था. हिंदी फिल्म इंडस्ट्री पर 3 दशक से ज्यादा समय तक राज करने वाली हसीना ने पद्मिनी कोल्हापुरे की मां का रोल निभाकर तो इतिहास रच दिया था.
बला की खूबसूरत वो एक्ट्रेस कोई और नहीं नंदा थीं. इडंस्ट्री में एक समय ऐसा भी था जब फिल्म इंडस्ट्री पूरी तरह बड़े हीरोज के इर्द-गिर्द घूमती थी और ज्यादातर एक्ट्रेस सिर्फ हीरो के साथ नजर आने मात्र काम करती थीं. लेकिन नंदा ने अपनी पॉपुलैरिटी से एक्ट्रेसेस की इमेज को भी बदला.
कई मीडिया रिपोर्ट्स में तो ये भी दावा किया जाता है कि अगर नंदा का साथ और भरोसा न मिलता, तो शायद शशि कपूर और राजेश खन्ना का स्टारडम इतनी जल्दी दुनिया के सामने नहीं आता.नंदा जाने-माने अभिनेता और निर्देशक की बेटी थीं.
Add News18 as
Preferred Source on Google
बहुत कम लोग जानते हैं कि नंदा तो कभी एक्टिंग की दुनिया में आना ही नहीं बनना चाहती थीं. उनका सपना आजाद हिंद फौज में शामिल होने का था. लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों ने उन्हें फिल्मों की दुनिया में ला खड़ा किया.
नंदा को असली पहचान फिल्म ‘छोटी बहन’ से मिली. इस फिल्म में उन्होंने एक अंधी और बेबस बहन का किरदार निभाया था, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया.फिल्म की सफलता ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया. हालांकि इसके बाद उन्हें अक्सर त्याग, दर्द और संघर्ष से जुड़े किरदार ही मिलने लगे. कई लोगों ने उन्हें उस दौर की ‘गरीबों की मीना कुमारी’ तक कहना शुरू कर दिया.
साल 1960 में नंदा अपनी जड़े मजबूत कर चुकी थीं. उस वक्त शशि कपूर भी इंडस्ट्री में नाम कमाने की कोशिश कर रहे थे. शशि कपूर की करियर की शुरुआत में कई फिल्में फ्लॉप भी हुईं. लेकिन नंदा फिर भी उनके साथ काम करती रहीं. साल 1965 में ‘जब जब फूल खिले’ में नंदा और शशि कपूर की फिल्म इतनी बड़ी हिट हुई कि विदेशों में भी शशि कपूर को लोग जानने लगे थे. देखते ही देखते वह देशभर की लड़कियों के दिलों की धड़कन बन गए. खुद शशि कपूर भी मानते थे कि नंदा का उनके करियर में बड़ा हाथ रहा.
बहुत कम लोग जानते हैं कि नंदा ने राजेश खन्ना के करियर में भी अहम भूमिका निभाई थी. नंदा ने राजेश खन्ना के लिए भी कई निर्माताओं से सिफारिश की थी. तब उन्हें फिल्म ‘द ट्रेन’ और ‘इत्तेफाक’ जैसी फिल्मों में काम मिला था. बाद में राजेश खन्ना हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार बने.
बता दें कि नंदा ने मनोज कुमार के साथ फिल्म ‘गुमनाम’ (1965) और ‘बेदाग’ में काम किया था. लेकिन साल 1982 में आई ऋषि कपूर और पद्मिनी कोल्हापुरे की फिल्म प्रेम रोग में तो नंदा ने इतिहास ही रच दिया था. एक्ट्रेस की मां के रोल में उन्होंने जान फूंक दी थी. आज भी लोग उनके उस रोल को भुला नहीं पाए हैं.
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||


