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दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन में हुए भीषण अग्निकांड की जांच के बीच एक ऐसा सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। फुटेज में एक अज्ञात महिला आग लगने से महज दो-तीन मिनट पहले इमारत में प्रवेश करती दिखाई दे रही है। इसके कुछ ही देर बाद वह बिल्डिंग से बाहर निकलती नजर आती है और फिर इमारत में आग भड़क उठती है। इस खुलासे के बाद स्थानीय लोगों ने आगजनी के पीछे महिला की भूमिका होने की आशंका जताई है, जबकि पुलिस फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
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घटना के बाद बिल्डिंग से बाहर निकलती महिला
– फोटो : अमर उजाला
पड़ोसी मान रहे महिला को मुजरिम
स्थानीय निवासियों का दावा है कि महिला की गतिविधियां बेहद संदिग्ध हैं। पड़ोसियों का कहना है कि आग लगने के समय वह महिला इमारत में मौजूद थी और उसके बाहर निकलने के तुरंत बाद आग फैल गई। हालांकि पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है और सभी पहलुओं की जांच जारी है।
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गोविंदपुरी अग्निकांड
– फोटो : अमर उजाला
आग के वक्त पांचों मंजिलों की लगी थी कुंडियां
हादसे के बाद सामने आए तथ्यों ने इमारत की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का दावा है कि आग लगने के समय इमारत की सभी पांचों मंजिलों के मुख्य दरवाजों पर बाहर से कुंडियां लगे हुए थे। ऐसे में अंदर फंसे लोगों के लिए बाहर निकलना लगभग असंभव हो गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार इमारत में बाहर निकलने का केवल एक रास्ता था, जो आग और धुएं की वजह से पूरी तरह बंद हो गया। इससे ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले लोग जान बचाने के लिए संघर्ष करते रहे।
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तुगलकाबाद में भीषण आग
– फोटो : अमर उजाला
छत का गेट भी था बंद, तोड़कर बनाया गया रास्ता
स्थानीय निवासी रेनू भूटानी और उनके बेटे मानव भूटानी ने राहत कार्य में अहम भूमिका निभाई। रेनू के मुताबिक, जब वह मौके पर पहुंचीं तो पूरी इमारत धुएं से घिरी हुई थी। भूतल पर सीढ़ियों के पास खड़े सात मोटरसाइकिल, एक इलेक्ट्रिक स्कूटर और एक साइकिल आग की चपेट में आ चुके थे। मुख्य रास्ते से अंदर जाना संभव नहीं था, इसलिए स्थानीय लोग इमारत के पीछे पहुंचे और छत के रास्ते लोगों तक पहुंचने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छत का गेट भी बंद था और उस पर ताला लगा हुआ था। आग की भीषण गर्मी से लोहे का गेट क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद उसे तोड़कर रास्ता बनाया गया और बचाव अभियान शुरू किया गया।
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मौके पर दिल्ली पुलिस व फॉरेंसिक की टीम जांच करते हुए।
– फोटो : अमर उजाला
धुएं से बचाने के लिए टंकियां फोड़ी गईं
रेनू भूटानी ने बताया कि छत पर रखी पानी की टंकियों में छेद कर पानी सीढ़ियों की ओर बहाया गया ताकि धुएं का असर कम किया जा सके। इसके बाद राहतकर्मियों और स्थानीय लोगों ने अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की। उनका दावा है कि तीसरी मंजिल के मुख्य दरवाजे पर बाहर से लगी कुंडी खोली गई, जिसके बाद वहां फंसे लोगों को बाहर निकालना संभव हो सका। इसी मंजिल पर पंकज और उनका परिवार रहता था।
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