<strong>Hindu Festival Somvati Amavasya: </strong>हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। जब अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ती है, तब उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। यह दिन भगवान शिव, पितृ देवताओं और पीपल वृक्ष की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या पर स्नान, दान, व्रत, जप और विशेष उपाय करने से जीवन के अनेक कष्ट दूर होते हैं तथा सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/astrology-articles/mithun-sankranti-2026-puja-vidhi-aur-upay-126061200058_1.html" target="_blank">मिथुन संक्रांति 2026: पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और धन-समृद्धि के अचूक उपाय</a></strong>
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन किए गए कुछ सरल और प्रभावशाली उपाय व्यक्ति की किस्मत बदलने की क्षमता रखते हैं। आइए जानते हैं सोमवती अमावस्या पर किए जाने वाले 5 ऐसे चमत्कारी उपाय, जिनसे आपकी किस्मत चमक सकती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं।
पितृ दोष और सुख-समृद्धि के अचूक उपाय
<strong>यदि आपकी कुंडली में पितृ दोष है, घर में बार-बार क्लेश होता है या आर्थिक तंगी बनी रहती है, तो इस खास अवसर पर ये 3 उपाय जरूर करें:</strong>
<strong>1. पितृ दोष शांति के लिए/ काले तिल का उपाय: </strong>अमावस्या की सुबह एक तांबे के लोटे में शुद्ध जल लें। उसमें थोड़े से काले तिल, कच्चा दूध और गंगाजल मिलाएं। इसे पीपल के पेड़ की जड़ में चढ़ाते हुए अपने पूर्वजों से गलतियों के लिए क्षमा मांगें। मान्यता है कि बिना काले तिल के पितर जल स्वीकार नहीं करते।
<strong>2. शिवजी का विशेष पूजन: </strong>
सोमवार के दिन शिवजी का विशेष पूजन करें। सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करें। बेलपत्र, धतूरा और गाय के घी का दीपक जलाएं। इससे परिवार में सुख-शांति और स्वास्थ्य की वृद्धि होती है।
<strong>3. पंचबलि भोग: </strong>इस दिन भोजन बनाने के बाद सबसे पहली 5 रोटियां निकालकर गाय, कुत्ते, कौए, देव और चींटियों के लिए अलग रखें। कौए को भोजन कराने से पितर सीधे तौर पर तृप्त होते हैं।
<strong>4. अंधकार दूर करने के लिए दीपदान/ गुप्त दान:</strong> सोमवती अमावस्या की शाम को सूर्यास्त के बाद किसी पुराने पीपल के पेड़ या मंदिर के पास जाकर गाय के शुद्ध घी का एक चौमुखी यानी 4 बत्तियों वाला मिट्टी का दीपक जलाएं। इससे पितरों का मार्ग आलोकित होता है और 3 पीढ़ियों के पितृ शांत होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
<strong>5. कौन-सा मंत्र जपें: </strong>ज्येष्ठ अधिक मास की अमावस्या/ सोमवती अमावस्या पर<strong> 'ॐ नमः शिवाय', 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' </strong>तथा पितृ शांति के लिए पितृ गायत्री मंत्र <strong>'ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृो प्रचोदयात्।'</strong> का श्रद्धापूर्वक जाप करना शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यता है कि सोमवती अमावस्या पर पीपल वृक्ष की पूजा, शिव अभिषेक, तिल दान, पितृ तर्पण और दीपदान करने से ग्रह दोष शांत होते हैं, पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और धन, वैभव तथा सफलता के नए मार्ग खुलते हैं।
<strong>ध्यान रखें:</strong> अमावस्या की तिथि पूरी तरह नकारात्मक ऊर्जाओं से बचने और आध्यात्मिक शुद्धता की होती है, इसलिए इस दिन घर में तामसिक भोजन यानी प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा का प्रयोग बिल्कुल न करें।<br />
<br />
<p>
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/astrology-articles/why-is-this-somvati-amavasya-special-learn-about-auspicious-timings-and-the-ritual-procedure-126061200006_1.html" target="_blank">सोमवती अमावस्या क्यों हैं इस बार खास, जानें महासंयोग, पूजा मुहूर्त और विधि</a></strong>
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||


