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मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत उत्तर प्रदेश सरकार बेरोजगार युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान कर रही है. इस योजना में पात्र लाभार्थियों को कम या बिना ब्याज के बैंक लोन उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं. आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है.

यदि आप बेरोजगार युवा हैं और पारंपरिक कार्य को जानते हैं तो आपके रोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम उद्योग रोजगार योजना के तहत 10 लाख रुपए तक का ऋण दिया जा रहा है. इस योजना के तहत आप ऋण लेकर अपना रोजगार स्थापित कर सकते हैं और अपने रोजगार को बढ़ावा दे सकते हैं. अब आईए जानते हैं क्या है इसकी पूरी प्रक्रिया और कैसे मिलेगा इसका लाभ.

5 साल तक बिना ब्याज की मिलेगा बैंक से ऋण

लोकल 18 से बात करते हुए जिला ग्रामोद्योग अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि इच्छुक बेरोजगार युवाओं एवं पारंपरिक कारीगरों को खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग स्थापना एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए उन्हें विभाग द्वारा ऋण दिया जा रहा है और इसके माध्यम से वह अपने रोजगार को बढ़ावा दे सकते हैं तथा 5 साल तक बिना ब्याज के वह अपना कार्य आसानी से कर सकते हैं. जिससे बिना ब्याज के ही वह अपने कार्य को आगे बढ़ाए और बेहतर रोजगार को स्थापित करें.

18 से 50 वर्ष के लोग ले सकेंगे योजना का लाभ

राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि योजना के अंतर्गत शिक्षित बेरोजगार युवाओ,आईटीआई/ तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त व्यक्तियों तथा पारंपरिक कारीगरों को अपने गांव में ही रोजगार स्थापित करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है. इस योजना का लाभ 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों को दिया जाएगा. इच्छुक अभ्यर्थी अपना आवेदन ऑनलाइन माध्यम से कर सकते हैं और इसका लाभ लेकर अपना रोजगार बढ़ा सकते हैं. इस योजना के अंतर्गत सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को पूंजीगत ऋण पर 4 प्रतिशत ब्याज की दर से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि महिलाओं, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक, दिव्यांगजन एवं भूतपूर्व सैनिकों सहित आरक्षित वर्ग के लाभार्थियों को पूंजीगत ऋण पर ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान निर्धारित किया गया. इस योजना के तहत अधिकतम 10 लाख रूपए तक का ऋण बैंकों के माध्यम से प्रदान किया जाएगा.

30 जून निर्धारित की गई अंतिम तिथि

जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत तथा आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत अंशदान स्वयं वहन करना होगा. योजना के अंतर्गत एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) से संबंधित उद्योगों, जैसे साड़ी, लुंगी, गमछा आदि के उद्यमों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी. इच्छुक अभ्यर्थी 30 जून 2026 तक upkvib.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे. अधिक जानकारी प्राप्त करने हेतु किसी भी कार्य दिवस में जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, संगत पैलेस, निजामुद्दीनपुरा, मऊ से संपर्क किया जा सकता है. इसके अतिरिक्त दूरभाष संख्या 7408410764 एवं 7905331603 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है. तथा इस योजना का लाभ लेकर अपने रोजगार को बढ़ावा दिया जा सकता है तथा खुद का रोजगार स्थापित किया जा सकता है.

About the Author

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें

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