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Aaj Ka Mausam Live: जून की तपती दोपहरों के बीच और उत्तर भारत में मानसून की आहट से अब आसमान का रंग तेजी से बदलने लगा है. प्री मानसून का रंग अब उत्तर भारत के कई राज्यों में देखा जाने लगा है. कहीं धूल भरी आंधी पेड़ों को उखाड़ रही है तो कहीं बादलों की गड़गड़ाहट लोगों के भीतर डर पैदा कर रही है. उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक मौसम ने अचानक ऐसा करवट ली है कि लोग समझ ही नहीं पा रहे कि यह राहत की बारिश है या नई आफत की शुरुआत. मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटे को बेहद अहम बताया है. वजह साफ है. पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और सक्रिय हो रहे दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मिलकर पूरे देश के मौसम को अस्थिर बना दिया है. दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान और पंजाब जैसे राज्यों में तेज आंधी और बिजली गिरने का खतरा बढ़ गया है. वहीं दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह सिर्फ सामान्य बारिश नहीं बल्कि मानसून की बड़ी एंट्री से पहले का आक्रामक ट्रांजिशन फेज है, जो कई इलाकों में तबाही भी मचा सकता है.

दिल्ली में 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने साफ कर दिया कि इस बार मौसम का मिजाज सामान्य नहीं रहने वाला. गर्मी से बेहाल लोगों को बारिश का इंतजार जरूर था, लेकिन अब डर इस बात का है कि कहीं यही राहत बड़ी मुश्किल में न बदल जाए. मौसम विभाग ने 16 राज्यों में अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. उत्तर भारत में धूल भरी आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि का खतरा है, जबकि बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में वज्रपात सबसे बड़ी चिंता बन गया है. दूसरी तरफ केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में लगातार सक्रिय मानसून भारी बारिश लेकर आ रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगले पांच से सात दिन पूरे देश के मौसम की दिशा तय करेंगे. इसी दौरान मानसून यूपी और बिहार की ओर तेजी से बढ़ सकता है और कई शहरों में अचानक मौसम का खतरनाक रूप देखने को मिल सकता है.
केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में मानसून ने जोर पकड़ लिया है. (AP)
  • देशभर में मौसम की यह उथल-पुथल कई कारणों से पैदा हुई है. एक तरफ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी लगातार बढ़ रही है, वहीं पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में सक्रिय हो गया है. इसके कारण गर्म हवाओं और ठंडी नमी वाली हवाओं का टकराव तेज हो रहा है. यही वजह है कि दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में अचानक तेज तूफान और धूल भरी आंधी देखने को मिल रही है. मौसम विभाग के मुताबिक 11 से 16 जून के बीच कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी का दौर जारी रहेगा.
  • पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो चुका है. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में लगातार बारिश हो रही है. कई इलाकों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है. दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी है. मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी अब उत्तर और मध्य भारत की तरफ तेजी से बढ़ रही है.

दिल्ली-NCR में धूल भरी आंधी और बारिश का डबल अटैक

दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने अचानक खतरनाक रूप ले लिया है. 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने कई इलाकों में पेड़ गिरा दिए और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई. IMD ने 11 से 13 जून तक तेज बारिश, बिजली चमकने और 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्री-मानसून एक्टिविटी का हिस्सा है और अगले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट आ सकती है.

यूपी में गरजेंगे बादल, कई जिलों में तूफान का खतरा

उत्तर प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है. मेरठ, आगरा, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार कई इलाकों में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है. पूर्वी यूपी में वज्रपात का खतरा ज्यादा बताया गया है.

बिहार में बिजली और वज्रपात बना सबसे बड़ा खतरा

बिहार में मानसून की आहट के साथ मौसम खतरनाक हो गया है. पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्णिया समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने खास तौर पर वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है. कई इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं. प्रशासन ने लोगों से खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की है.

झारखंड में बारिश के साथ तेज हवाओं का अलर्ट

रांची, बोकारो, धनबाद और जमशेदपुर समेत झारखंड के कई जिलों में मौसम खराब रहने वाला है. IMD के मुताबिक अगले 24 घंटे में भारी बारिश के साथ 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. कई इलाकों में बिजली गिरने का खतरा भी है. मौसम विभाग ने लोगों को गैर जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है.

पश्चिम बंगाल में मानसून की तेज दस्तक

पश्चिम बंगाल में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होता दिख रहा है. कोलकाता, अलीपुरद्वार, मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. उप-हिमालयी क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और कई निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है.

राजस्थान में धूल भरी आंधी का खतरा

राजस्थान में गर्मी के बीच अब मौसम अचानक बदल सकता है. जयपुर, अजमेर, बीकानेर और उदयपुर समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी दी गई है. कई इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग ने लोगों को कमजोर ढांचों और पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी है.
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में मूसलाधार बारिश हो रही है.

मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ तेज बारिश

भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम समेत मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी का दौर शुरू हो सकता है. मौसम विभाग के अनुसार 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. कुछ जिलों में ओलावृष्टि का खतरा भी जताया गया है. तापमान में हल्की गिरावट के बावजूद उमस बढ़ सकती है.

पंजाब-हरियाणा में बदलता मौसम देगा राहत

  • पंजाब और हरियाणा में लंबे समय से जारी भीषण गर्मी के बाद अब मौसम राहत देने की तैयारी में है. लुधियाना, पटियाला, गुरदासपुर और अंबाला समेत कई इलाकों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने कहा है कि 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं.
  • दिल्ली से सटे हरियाणा के कई हिस्सों में धूल भरी आंधी का खतरा बना हुआ है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले दो दिन मौसम अस्थिर रहेगा. किसानों को गेहूं और सब्जियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है.

पहाड़ों पर खतरनाक मौसम

  • उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल और चमोली समेत कई जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है. मौसम विभाग ने यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है.
  • हिमाचल के कुल्लू, मंडी और कांगड़ा में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. कई ऊंचाई वाले इलाकों में ओले गिर सकते हैं. प्रशासन ने पर्यटकों को मौसम अपडेट देखते रहने की सलाह दी है.
  • जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, पुलवामा और अनंतनाग में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है. खराब मौसम के चलते यात्रा प्रभावित हो सकती है.

पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून का आक्रामक रूप

असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में लगातार भारी बारिश हो रही है. कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं. मौसम विभाग ने अगले चार से पांच दिन तक बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है.

दक्षिण भारत में मानसून पूरी ताकत से सक्रिय

केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में मानसून ने जोर पकड़ लिया है. कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी है. समुद्री तटों पर तेज हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है. लगातार बारिश के कारण कई शहरों में जलभराव की स्थिति बन सकती है.

महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहुंचने से रिकॉर्ड तोड़ बारिश शुरू हो गई है. (PTI Photo)

अगले 24 घंटे सबसे ज्यादा खतरनाक किन राज्यों के लिए हैं?

मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, झारखंड और पश्चिम बंगाल सबसे ज्यादा संवेदनशील राज्यों में शामिल हैं. यहां तेज आंधी, बिजली गिरने और भारी बारिश का खतरा बना हुआ है. कुछ इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.

क्या यूपी और बिहार में मानसून की एंट्री होने वाली है?

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी तेजी से पूर्वी भारत की ओर बढ़ रही है. इसी वजह से बिहार और पूर्वी यूपी में प्री-मानसून एक्टिविटी तेज हो गई है. अगले कुछ दिनों में मानसून इन राज्यों में प्रवेश कर सकता है.

दिल्ली में 120KM की आंधी क्यों चली?

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण गर्म और ठंडी हवाओं का टकराव हुआ. इसी वजह से धूल भरी तेज आंधी और अचानक बारिश देखने को मिली. यह प्री-मानसून गतिविधि का हिस्सा है.

किन राज्यों में भारी बारिश का सबसे ज्यादा खतरा है?

पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा सबसे ज्यादा है. कई इलाकों में 7 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है.

लोगों को किन सावधानियों का पालन करना चाहिए?

मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और लगातार मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है. किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के इंतजाम करने को कहा गया है.

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