साहिबाबाद। नवीन फल सब्जी मंडी में बायोमास तकनीक के माध्यम से कूड़ा निस्तारण की योजना बनने से पहले ही लटक गई है। कृषि मंडी निदेशक ने परियोजना की व्यवहार्यता, भूमि उपयोग और संचालन व्यवस्था से जुड़े कुछ तकनीकी व प्रशासनिक बिंदुओं पर अतिरिक्त जानकारी मांगते हुए फाइल वापस कर दी है। फाइल वापस किए जाने के बाद परियोजना को लेकर समिति में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इससे मंडी में प्रतिदिन निकलने वाले जैविक कचरे के प्रभावी निस्तारण की समस्या जस की तस है। मंडी में रोजाना कई टन खराब सब्जियों और फलों का जैविक कचरा निकलता है और इसके निस्तारण पर हर माह करीब आठ लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। स्थायी समाधान के लिए मंडी समिति ने 35 लाख की लागत से बायोमास आधारित प्लांट लगाने का प्रस्ताव तैयार किया था। इस प्लांट के जरिए कचरे से जैविक खाद और ऊर्जा उत्पादन की योजना थी। वहीं, मंडी सचिव ने बताया कि योजना से जुड़ी जानकारी के साथ प्रस्ताव दोबारा भेजा जाएगा। संवाद
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