Image Slider

Last Updated:

Gold ETF Investment : ईरान संकट की वजह से भले ही गोल्‍ड की कीमतों पर असर पड़ा है, लेकिन 13 महीने में पहली बार गोल्‍ड ईटीएफ से निकासी देखी जा रही है. मई में निवेशकों ने गोल्‍ड ईटीएफ से करीब 725 करोड़ रुपये निकाले हैं. यह अप्रैल, 2025 के बाद गोल्‍ड ईटीएफ से पहली बार निकासी को दिखाता है.

13 महीने में पहली बार गोल्‍ड ईटीएफ से निकाले पैसे, क्‍या अब फायदे का सौदा नहींZoom

गोल्‍ड ईटीएफ से 13 महीने पहली बार पैसे निकाले गए हैं.

नई दिल्‍ली. एक समय निवेशकों के लिए पसंदीदा ऑप्‍शन रहा गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) भी मई में निगेटिव दिखा. निवेशकों ने बीते 13 महीने में पहली बार गोल्‍ड ईटीएफ से पैसे निकाले हैं. निवेशकों ने मई महीने में 725 करोड़ रुपये की निकासी की है. इससे लगातार 13 महीनों से जारी शुद्ध निवेश का सिलसिला भी मई में टूट गया. सोना न खरीदने को लेकर सरकार की अपील और कई परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों का इन कोष में नए निवेश को रोकना इसकी मुख्य वजह रही है.

गोल्‍ड ईटीएफ में यह अप्रैल 2025 के बाद पहली निकासी है. उस समय गोल्ड ईटीएफ से 5.82 करोड़ रुपये की मामूली निकासी हुई थी. कुल मिलाकर मई 2025 के बाद से अब तक गोल्ड ईटीएफ में 70,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आया है, लेकिन अब जाकर इसमें से पहली बार पैसे निकाले गए हैं. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों से साफ पता चलता है कि मई में गोल्ड ईटीएफ से 725 करोड़ रुपये की निकासी हुई है. इससे पहले अप्रैल में 3,040 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था. मार्च में निवेश 2,266 करोड़ रुपये, फरवरी में 5,255 करोड़ रुपये और जनवरी में 24,040 करोड़ रुपये रहा था.

जनवरी के बाद से ही गिरावट
गोल्‍ड ईटीएफ में इस साल जनवरी में मजबूत निवेश के बाद से ही गिरावट दिख रही है. फरवरी से ही निवेश की गति धीरे-धीरे कम होती गई, जिससे यह संकेत मिला कि नई निवेश प्रविष्टियां धीरे-धीरे कम हो रही हैं. यह उलटफेर मुख्य रूप से सोने की कीमतों में पहले आई तेजी के बाद मुनाफावसूली और निवेशकों की जोखिम लेने की प्रवृत्ति में बदलाव के कारण हुआ है. इससे कुछ निवेशक सुरक्षित निवेश से हटकर अन्य विकल्पों की ओर बढ़े हैं. एक्‍सपर्ट का मानना है कि निवेशक अभी सोने की कीमतों पर बढ़ रहे दबाव की वजह से ईटीएफ से भी दूरी बना रहे हैं.

सोने की कीमतें बढ़ने पर भी ईटीएफ में गिरावट
आनंद राठी वेल्थ के सीईओ फिरोज अजीज ने कहा कि सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने, सरकार की सोना न खरीदने की अपील और कुछ एएमसी द्वारा ईटीएफ में निवेश रोकने के कारण निवेशक अधिक व्यावहारिक दृष्टिकोण अपना रहे हैं. इसके बावजूद मई के अंत तक गोल्ड ईटीएफ का एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) बढ़कर 1,84,571 करोड़ रुपये हो गया, जो अप्रैल के अंत में 1,78,110 करोड़ रुपये था. इस दौरान सोने की कीमतों में उछाल के बावजूद गोल्‍ड ईटीएफ के निवेश में गिरावट दिख रही है.

कैसे काम करता है गोल्‍ड ईटीएफ
गोल्ड ईटीएफ ऐसे निष्क्रिय निवेश साधन हैं जो घरेलू भौतिक सोने की कीमतों पर नजर रखते हैं. ये सोने की कीमतों पर आधारित होते हैं और सोने में निवेश करते हैं. एक गोल्ड ईटीएफ यूनिट लगभग एक ग्राम सोने के बराबर होती है और इसे 24 कैरेट सोने का सपोर्ट मिलता है. यह स्टॉक निवेश के लचीलेपन और सोने में निवेश की सरलता दोनों का लाभ प्रदान करता है. ईटीएफ के जरिये आपको बिना सोने में निवेश किए ही इसका लाभ मिलता है.

About the Author

authorimg

Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||