फिल्म इंडस्ट्री में एक से बढ़कर एक हिट गाने हुए हैं. कई गानों के बनने की कहानी बहुत ही अलग और इंटरेस्टिंग रही है. एक गाने के बोल तो ऐसा भी था, जिसे 12 साल तक किसी इम्पोर्टेंस नहीं दी. लेकिन जब एआर रहमान ने इसका म्युजिक बनाया तो कल्ट क्लासिक बन गया. सलमान खान की हीरोइन रही रेवती इस गाने की हीरोइन थी.
‘साथिया ये तूने क्या किया’ फेम हीरोइन रेवती पर साल 1993 में एक गाना फिल्माया गया. इस गाने की धुन एआर रहमान ने सिर्फ 10 मिनट में तैयार कर दिया. क्या आप जानते हैं इस गाने के बोल इससे 12 साल पहले ही लिखे गए थे, लेकिन किसी ने पसंद नहीं किया. जब गाना आया तो लोगों के दिलों को छू गया. यह सदाबहार गाना भी आज भी खूब पसंद किया जाता है.
कुछ गाने ऐसे होते हैं जो समय के साथ भी अमर रहते हैं. जब हम ऐसे गाने सुनते हैं तो अपने आप में एक नई ऊर्जा महसूस होती है. ऐसा ही एक गाना है ये. लेकिन क्या आपको पता है कि गांव-गांव में हिट हुआ ये गाना 12 साल तक यूं ही पड़ा रहा? (फोटो साभारः एआई इन्हांसर)
12 साल तक बिना धुन के पड़े इन बोलों को एआर रहमान ने सिर्फ 10 मिनट में म्युजिक देकर जान डाल दी. 12 साल तक रुका ये गाना जब रिलीज हुआ तो आज भी लोग इसे पसंद करते हैं. साल 1993 में सुरेश मेनन के निर्देशन में फिल्म ‘पुधिया मुखम’ रिलीज हुई थी. इस फिल्म में विनीत और रेवती समेत कई कलाकार थे.
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फिल्म का म्युजिक एआर रहमान ने दिया था. इस फिल्म का ‘नेत्रु इल्लाथा मात्रम’ गाना आज भी चर्चा में रहता है. इसी तरह, फिल्म में ‘कन्नुक्कु माई अज़गु’ गाना भी फैंस का फेवरेट है. इस गाने के बनने की दिलचस्प कहानी गीतकार वैरामुथु ने बताई थी.
गीतकार वैरामुथु ने एक इवेंट में कहा था, “12 साल पहले मैंने एक गाना लिखा था. एमएस विश्वनाथन को दिया, उन्होंने लौटा दिया. शंकर गणेश को दिया, उन्होंने भी लौटा दिया. श्याम को दिया, उन्होंने भी लौटा दिया. हम्सलेखा को दिया, उन्होंने भी लौटा दिया.”
वैरामुथु ने आगे कहा, “उत्तर भारतीय संगीतकार को दिया, उन्होंने भी लौटा दिया. 12 साल तक मैं इस गाने को किसी तरह संगीतबद्ध करवाना चाहता था. सुरेश मेनन ने ‘पुधिया मुखम’ फिल्म के लिए जल्दी गाना मांगा. मैंने तुरंत अपने बैग से 12 साल पुराना गाना निकालकर दे दिया.
वैरामुथु ने आगे लिखा, एआर रहमान ने उसे लेकर सिर्फ 10 मिनट में संगीत तैयार कर दिया. मैंने लिखा और एआर रहमान ने संगीत दिया, ऐसा एक ही गाना है. वो गाना है ‘कन्नुक्कु माई अज़गु… कविता के लिए झूठी सुंदरता’. ऐसे कई दिलचस्प किस्से हैं.”
एआर रहमान भारत के इकलौते ऐसे म्युजिक कंपोजर हैं, जिन्होंने ऑस्कर अवॉर्ड जीता है. उन्होंने तमिल, तेलुगू, मलयालम और हिंदी समेत कई फिल्म इंडस्ट्री के लिए म्युजिक कंपोज किए हैं.
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