दिल्ली अग्निकांड:रियाजुद्दीन ने अपनी दुकान दांव पर लगाकर बचाईं जानें, अब कर रहे ये मांग; हो रही जमकर तारीफ – Malviya Nagar Hotel Fire Shop Owner Says He Been Compensated Urges Help For Victims
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दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद इंसानियत की मिसाल पेश करने वाले स्थानीय दुकानदार रियाजुद्दीन मंसूरी ने अब मृतकों और घायलों के परिवारों की मदद के लिए लोगों से आगे आने की अपील की है। इस दर्दनाक हादसे में 22 लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।
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दिल्ली होटल अग्निकांड
– फोटो : अमर उजाला
सड़क पर बिझा दिए थे लाखों के गद्दे
हादसे वाले दिन जब होटल आग और धुएं की चपेट में था, तब गद्दे का कारोबार करने वाले रियाजुद्दीन मंसूरी और उनके बेटे अरमान बिना अपनी जान की परवाह किए बचाव कार्य में जुट गए। उन्होंने अपनी दुकान से लाखों रुपये के गद्दे निकालकर होटल के बाहर बिछा दिए ताकि खिड़कियों से कूदकर जान बचाने की कोशिश कर रहे लोगों को सहारा मिल सके। इस दौरान उनकी दुकान को भी नुकसान पहुंचा, लेकिन पड़ोसियों और शुभचिंतकों ने मिलकर उनके नुकसान की भरपाई कर दी।
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दिल्ली होटल अग्निकांड
– फोटो : अमर उजाला
मेरी दुकान तो खुल जाएगी, लेकिन जाने वाले लोग वापस नहीं लौटेंगे
मंसूरी ने कहा कि उनकी दुकान जल्द ही दोबारा शुरू हो जाएगी, लेकिन जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। उन्होंने समाज और प्रशासन से ऐसे परिवारों की हरसंभव मदद करने की अपील की।
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दिल्ली होटल अग्निकांड
– फोटो : पीटीआई
22 मौतों के बाद मुआवजे की मांग तेज, गरीब परिवारों की मदद की उठी आवाज
हौज रानी स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में लगी आग ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। मृतकों में 12 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। आग इतनी भयावह थी कि पूरी इमारत धुएं से भर गई और लोगों को जान बचाने के लिए खिड़कियों से बाहर निकलने की कोशिश करनी पड़ी।
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दिल्ली होटल अग्निकांड
– फोटो : पीटीआई
गरीब परिवार को जल्द मिले आर्थिक मदद
बचाव अभियान में शामिल स्थानीय निवासी मोहम्मद अफजल ने भी सरकार और प्रशासन से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से उन परिवारों का जिक्र किया जो पहले से आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। अफजल ने झारखंड की उस युवा सफाईकर्मी महिला का उदाहरण दिया, जिसकी इस हादसे में मौत हो गई। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों को तत्काल मुआवजा और सहायता मिलनी चाहिए, क्योंकि कई घरों ने अपना इकलौता कमाने वाला सदस्य खो दिया है।
अफजल का कहना है कि इस त्रासदी के बाद सिर्फ संवेदनाएं जताना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और आर्थिक सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाना भी जरूरी है।