Snake Safe Process: अक्सर कुछ लोग सांप कांटने पर झाड़-फूंक के चक्कर में फंस जाते हैं और अपनी जान गवा देते हैं. सांप काटने पर अस्पताल का इलाज की सबसे कारगर है. स्नैक रेस्क्यू मैन ने इसको लेकर खास जानकारी दी है.
रामपुर के जाने-माने स्नेक सेवर सिंटू पिछले कई सालों से लोगों को सांपों के बारे में जागरूक कर रहे हैं. उनका कहना है कि आज भी गांवों में कई लोग सांप काटने के बाद अस्पताल जाने की बजाय झाड़-फूंक कराने लगते हैं. इसी वजह से हर साल कई लोगों की जान चली जाती है, जबकि सही समय पर इलाज मिल जाए तो ज्यादातर मामलों में मरीज को बचाया जा सकता है.
झाड़-फूंक हो सकता है खतरनाक
सिंटू बताते हैं कि कई बार लोगों को गैर-जहरीले सांप मतलब बिना जहर वाले सांप काट लेते हैं. ऐसे मामलों में व्यक्ति वैसे भी ठीक हो जाता है. फिर लोग यह मान लेते हैं कि झाड़-फूंक से फायदा हुआ है. यही सोच सबसे ज्यादा खतरनाक साबित होती है, अगर अगली बार किसी को जहरीला सांप काट ले और वह अस्पताल जाने की बजाय झाड़-फूंक में समय बर्बाद कर दे, तो उसकी जान भी जा सकती है.
रामपुर जिले में सबसे ज्यादा जहरीले सांपों में काला नाग यानी कोबरा देखने को मिलता है. कोबरा का जहर इंसान के शरीर पर तेजी से असर करता है. सिंटू के मुताबिक, ऐसे मामलों में समय सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है. इसलिए सांप काटने के बाद एक-एक मिनट कीमती होता है और मरीज को बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाना चाहिए.
तुरंत लें एंटी-वेनम इंजेक्शन
सिंटू साफ कहते हैं कि सांप के जहर का इलाज किसी ताबीज, मंत्र या झाड़-फूंक से नहीं होता, इसका एकमात्र वैज्ञानिक इलाज एंटी-वेनम इंजेक्शन है, जो अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में दिया जाता है. इसलिए अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो सबसे पहले उसे शांत रखें और तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं. सांप काटने के बाद घबराना नहीं चाहिए घबराने से दिल की धड़कन तेज हो जाती है और अगर जहर मौजूद है तो वह शरीर में तेजी से फैल सकता है मरीज को आराम से बैठाएं या लिटाएं और जिस अंग पर सांप ने काटा है उसे ज्यादा हिलने-डुलने न दें
सांप की खींच लें तस्वीर
कई लोग सांप काटने के बाद रस्सी या कपड़ा कसकर बांध देते हैं. सिंटू के अनुसार, ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए. इससे खून का प्रवाह रुक सकता है और शरीर के उस हिस्से को नुकसान पहुंच सकता है. इसी तरह ब्लेड से चीरा लगाना जहर चूसने की कोशिश करना या कोई घरेलू नुस्खा अपनाना भी खतरनाक हो सकता है. अगर सुरक्षित तरीके से संभव हो तो सांप की तस्वीर खींच लें या उसका रंग और बनावट याद रखने की कोशिश करें. इससे डॉक्टरों को इलाज करने में मदद मिल सकती है. हालांकि तस्वीर लेने के चक्कर में सांप के पास जाने की गलती बिल्कुल नहीं करनी चाहिए.
सिंटू का कहना है कि सबसे जरूरी बात यह समझना है कि सांप काटने पर झाड़-फूंक नहीं, बल्कि अस्पताल ही जान बचा सकता है. अंधविश्वास में पड़कर समय गंवाने की बजाय तुरंत चिकित्सा सहायता लेना ही समझदारी है. बारिश के मौसम में अगर सभी लोग इस बात को समझ जाएं तो कई कीमती जानें बचाई जा सकती हैं.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
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