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Bhavishya Malika: ओडिशा के महान संत अच्युतानंद दास जी और उनके पंचसखाओं द्वारा करीब 500-600 साल पहले ताड़ के पत्तों पर लिखी गई 'भविष्य मालिका' आजकल अपनी सटीक भविष्यवाणियों के कारण पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रंथ के अनुयायियों और शोधकर्ताओं के अनुसार, मालिका में लिखी कई ऐसी बातें हैं जो समकालीन इतिहास और वर्तमान दौर में बिल्कुल सच साबित हुई हैं। हालांकि सभी के दावे अलग अलग है, सचाई क्या है यह कोई नहीं जानता। 

 

1. जगन्नाथ मंदिर के कल्पवृक्ष का गिरना

भविष्यवाणी: मालिका में लिखा था कि कलियुग के अंत की शुरुआत तब होगी जब पुरी के जगन्नाथ मंदिर परिसर में स्थित पवित्र 'कल्पवृक्ष' (बरगद का पेड़) टूटकर गिर जाएगा।


सच हुई: साल 1999 में उड़ीसा में आए भयानक चक्रवातों के दौरान इस प्राचीन पेड़ की मुख्य शाखाएं टूटकर गिर गईं, जिसे पहली बड़ी चेतावनी माना गया।


 

2. मंदिर के शिखर से पत्थर गिरना

भविष्यवाणी: ग्रंथ के अनुसार, भगवान जगन्नाथ के मुख्य मंदिर के गुंबद (नीला चक्र के पास) से भारी पत्थर नीचे गिरेंगे, जो बड़े संकट का संकेत होंगे।


सच हुई: पिछले कुछ सालों में मंदिर के ऊपरी हिस्से से भारी पत्थरों के गिरने की घटनाएं कई बार सामने आई हैं, जिसने पुरातत्व विभाग (ASI) को भी चिंता में डाल दिया था।


 

3. पतितपावन ध्वज में आग लगना

भविष्यवाणी: मंदिर के सबसे ऊंचे शिखर पर लहराने वाले पवित्र झंडे (पतितपावन बाना) में अचानक आग लग जाएगी।


सच हुई: मार्च 2020 में (ठीक कोरोना लॉकडाउन लगने से ठीक पहले) एकादशी के दिन मंदिर के दीप से उड़ी चिंगारी के कारण शिखर का झंडा जल गया था। इसके बाद भी बिजली गिरने से झंडा जलने की घटनाएं हुई हैं।


 

4. मंदिर के ऊपर गिद्ध का बैठना

भविष्यवाणी: पुरी मंदिर के शीर्ष (नीला चक्र) पर कोई भी पक्षी नहीं बैठता, लेकिन मालिका में कहा गया था कि कलियुग के अंत में वहां मांसाहारी पक्षी या गिद्ध आकर बैठेंगे।


सच हुई: पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया और समाचारों में ऐसी कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए, जब मंदिर के बिल्कुल ऊपरी हिस्से पर गिद्ध बैठे दिखाई दिए।


 

5. मौसम चक्र का पूरी तरह बिगड़ना

भविष्यवाणी: ऋतुएं अपना स्वाभाविक स्वभाव छोड़ देंगी। कड़कती धूप में भारी बारिश होगी, ठंड के मौसम में भीषण गर्मी पड़ेगी और बिना बादल के भी वज्रपात (आकाशीय बिजली) होगा।


सच हुई: आज 'ग्लोबल वार्मिंग' और जलवायु परिवर्तन के कारण पूरी दुनिया में असमय बाढ़, अचानक सूखा और भयानक तूफानों का सिलसिला जारी है।


 

6. घातक महामारियों का आना

भविष्यवाणी: दुनिया में ऐसी अज्ञात और असाध्य बीमारियां फैलेंगी जिनका डॉक्टरों के पास कोई इलाज नहीं होगा। लोग चलते-फिरते अचानक दम तोड़ देंगे।


सच हुई: साल 2020 में आई वैश्विक महामारी COVID-19 (कोरोना) और उसके बाद आए विभिन्न वायरस के घातक प्रकोप को इसी भविष्यवाणी का हिस्सा माना जाता है।


 

7. टिड्डियों और अज्ञात कीटों का हमला

भविष्यवाणी: फसलों को नष्ट करने के लिए आसमान से करोड़ों की संख्या में हिंसक और अज्ञात कीट हमला करेंगे, जिससे भुखमरी जैसी स्थिति पैदा होगी।


सच हुई: साल 2020-21 के दौरान भारत, पाकिस्तान और अफ्रीकी देशों में हुए भयानक टिड्डी दल (Locust Attacks) के हमले ने करोड़ों एकड़ फसल तबाह कर दी थी।


 

8. सनातन धर्म के केंद्र (भारत) पर एक 'योगी' का शासन

भविष्यवाणी: मालिका के अनुसार, अंतिम समय में भारत की कमान एक ऐसे शासक के हाथ में होगी जो कुंवारा/संतानहीन होगा, भगवा या सादगी के वस्त्र पहनेगा और धर्म की स्थापना के लिए कड़े फैसले लेगा।


सच हुई: कई लोग इसे वर्तमान भारतीय राजनीति और देश के शीर्ष नेतृत्व (जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) से जोड़कर देखते हैं।


 

9. नैतिक पतन और पारिवारिक रिश्तों का टूटना

भविष्यवाणी: समाज में काम, क्रोध और वासना इतनी बढ़ जाएगी कि भाई-भाई का दुश्मन होगा। संतान अपने माता-पिता को घर से निकाल देगी और विवाह जैसी पवित्र संस्था महज एक औपचारिकता रह जाएगी।


सच हुई: आज के समय में वृद्ध आश्रमों की बढ़ती संख्या, पारिवारिक विवाद और नैतिक मूल्यों में आई भारी गिरावट इस बात का सीधा प्रमाण हैं।


 

10. खाद्यान्न (अनाज) का स्वाद और पौष्टिकता खत्म होना

भविष्यवाणी: जमीन अपनी उपजाऊ शक्ति खो देगी। गाय दूध देना कम कर देगी और अनाज दिखने में तो सुंदर होगा, लेकिन उसमें कोई स्वाद या ताकत (पौष्टिकता) नहीं बचेगी।


सच हुई: रासायनिक खादों (Chemical Fertilizers) और पेस्टिसाइड्स के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण आज हमारा भोजन जहरीला हो चुका है और उसकी प्राकृतिक पौष्टिकता खत्म हो गई है।


 

आगे क्या लिखा है?

भविष्य मालिका के अनुसार, साल 2022 से 2029 का समय सबसे भयानक उथल-पुथल (प्राकृतिक आपदाएं, परमाणु युद्ध और सुनामी) का होगा, जिसके बाद 2032 तक दुनिया से अधर्म का नाश होगा और एक नए युग (सतयुग) की शुरुआत होगी।


 

विशेष नोट:

भविष्य मालिका के अनुसार, कलियुग की मूल अवधि (4,32,000 वर्ष) मनुष्यों के बढ़ते पापों, गोवंश हत्या और अधर्म के कारण घटकर केवल 5,000 वर्ष से कुछ अधिक रह गई है। ग्रंथ के मुताबिक, यह कलियुग का अंतिम 'संधिकाल' (Transition Period) चल रहा है और वर्ष 2032 तक पूरी तरह से 'सतयुग' की स्थापना हो जाएगी।

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