2 जून 2026 को गुरु ने कर्क में में गोचर किया है। बृहस्पति का कर्क राशि में गोचर कुछ राशियों के लिए शुभ, कुछ के लिए अशुभ और कुछ के लिए मिलाजुला असर रहेगा। यदि आपकी राशि पर गुरु के कर्क में गोचर का अशुभ या मिलाजुला असर है तो आजमाएं 5 उपाय और निश्चिंत हो जाए।
गुरु का कर्क राशि में गोचर 2 राशियों के लिए अशुभ:
1. सिंह राशि (Leo)
सिंह राशि के जातकों के लिए बृहस्पति देव का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में होने जा रहा है, जिसे व्यय (खर्च), विदेश और मोक्ष का भाव माना जाता है। आपके लिए यह गोचर शुभ नहीं माना जा सकता।
<p>
<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/astrology-zodiac-signs/conjunction-of-venus-and-jupiter-126060300034_1.html" target="_blank">कर्क राशि में गुरु और शुक्र की युति से बना ये खास राजयोग, 4 राशियों के लिए धनवर्षा</a></strong>
2. धनु राशि (Sagittarius)
धनु राशि के जातकों के लिए बृहस्पति का गोचर आठवें भाव में होने जा रहा है, जिसे आयु, संकट, गुप्त विद्या और अचानक होने वाले लाभ-हानि का भाव माना जाता है। आपके लिए यह गोचर शुभ नहीं माना जा सकता।
गुरु का कर्क राशि में गोचर, 3 राशियों पर डालेगा मिलाजुला प्रभाव:
1. वृषभ राशि (Taurus)
बृहस्पति देव आपकी राशि से तीसरे भाव में प्रवेश करेंगे, जिसे पराक्रम, साहस, छोटे भाई-बहन और संचार का भाव कहा जाता है। आपके लिए इसका मिलाजुला प्रभाव रहेगा।
2. तुला राशि (Libra)
तुला राशि के जातकों के लिए बृहस्पति का गोचर उनके दसवें भाव में होगा, जिसे कर्म, करियर, व्यवसाय और पिता का स्थान कहा जाता है। आपके लिए यह गोचर मिलाजुला प्रभाव देगा।
<p>
<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/astrology-articles/brihaspati-guru-ka-kark-rashi-mein-gochar-pravesh-2026-upay-126060100053_1.html" target="_blank">देवगुरु बृहस्पति का कर्क राशि में महागोचर: किस्मत चमकाने और गुरु दोष दूर करने के लिए जरूर करें ये 7 अचूक उपाय</a></strong>
3. कुंभ राशि (Aquarius)
कुंभ राशि के जातकों के लिए बृहस्पति का यह गोचर छठे भाव में होने जा रहा है, जिसे रोग, ऋण (कर्ज), और शत्रुओं (विरोधियों) का घर माना जाता है। आपके लिए यह गोचर मिलाजुला प्रभाव देगा।<br />
<br />
<h3>
<span style="color:#8b4513">गुरु का कर्क राशि में गोचर, 5 अचूक उपाय</span></h3>
<p>
1. भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें, सत्यनारायण भगवान की पूजा करें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
2. बृहस्पति के कर्क में रहने तक नियमित रूप से मस्तक पर केसर का तिलक
3. प्रत्येक गुरुवार को केले के पेड़ की विशेष पूजा और हल्दी का मंदिर में अर्पण करें।
4. गुरुवार के दिन गौ माता की सेवा करें उन्हें रोटी के साथ चना दाल और गुड़ खिलाएं।
5. रोज सुबह जब आप नहाने जाएं, तो अपने नहाने के पानी में मात्र एक चुटकी पिसी हुई हल्दी और केसर की एक-दो पत्तियां मिला लें।
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



