-हत्याकांड के बाद प्रशासन ने दिखाई संवेदनशीलता, परिवार को आर्थिक सहारा देने की पहल
-खोड़ा-मकनपुर नगर पालिका में सफाई सुपरवाइजर पद पर मिली नियुक्ति, घर पहुंचकर सौंपा गया पत्र
-डीएम और पुलिस कमिश्नर ने पीडि़त परिवार से की मुलाकात, हर संभव मदद का दिया भरोसा
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। खोड़ा थाना क्षेत्र की नवनीत विहार कॉलोनी में बकरीद के दिन हुए चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद जिला प्रशासन ने पीडि़त परिवार से किया गया अपना वादा पूरा कर दिया। प्रशासन ने मृतक छात्र सूर्या चौहान के परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए परिवार के एक सदस्य को नौकरी उपलब्ध कराई है। मंगलवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ और पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ स्वयं पीडि़त परिवार के घर पहुंचे और सूर्या की मां सरोज चौहान को नियुक्ति पत्र सौंपकर प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। जिला प्रशासन की इस पहल को पीडि़त परिवार के प्रति संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। सूर्या चौहान की हत्या के बाद परिवार गहरे सदमे और आर्थिक संकट से गुजर रहा था। ऐसे समय में प्रशासन ने न केवल न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने का आश्वासन दिया, बल्कि परिवार की आजीविका को सुरक्षित रखने के लिए रोजगार उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया। मंगलवार को नवनीत विहार स्थित पीडि़त परिवार के घर पहुंचे जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने मृतक की मां सरोज चौहान को नियुक्ति पत्र सौंपा।
नियुक्ति पत्र के अनुसार परिवार के एक सदस्य को आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से खोड़ा-मकनपुर नगर पालिका परिषद के सफाई विभाग में सफाई सुपरवाइजर के पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति नगर विकास विभाग की ओर से जारी आदेशों के तहत प्रदान की गई है। इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था राज करन नैय्यर, एसडीएम सदर अरुण दीक्षित सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने परिवार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने युवा बेटे को खोना अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। फिर भी प्रशासन का प्रयास है कि पीडि़त परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें भविष्य में आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन दोनों पीडि़त परिवार के साथ संवेदनशीलता के साथ खड़े हैं।
गौरतलब है कि 28 मई को खोड़ा क्षेत्र में बाइक चलाने को लेकर हुए विवाद के बाद 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या चौहान पर कुछ युवकों ने चाकू से हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल सूर्या का उपचार चल रहा था, लेकिन 30 मई को उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था और प्रशासन पर पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने का दबाव बढ़ गया था। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी असद के पिता नवाब, फरहान और आतिफ को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं घटना का मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था, जिस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। हत्याकांड के बाद जिला प्रशासन लगातार क्षेत्र में सक्रिय है। आरोपियों से जुड़ी संपत्तियों की जांच की जा रही है और अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है।
इसी क्रम में प्रशासन ने आरोपी पक्ष के मकान पर नोटिस चस्पा कर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। सूर्या चौहान के परिवार को नौकरी दिए जाने की इस पहल को प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली का उदाहरण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कठिन समय में प्रशासन द्वारा परिवार को आर्थिक सहारा प्रदान करना सराहनीय कदम है। इससे पीडि़त परिवार को भविष्य में जीवनयापन के लिए एक स्थायी आधार मिलेगा। हालांकि परिवार के लिए यह सहायता उनके बेटे की कमी को पूरा नहीं कर सकती, लेकिन प्रशासन की यह पहल निश्चित रूप से उनके जीवन में नई उम्मीद जगाने का काम करेगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
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