Last Updated:
unique record of jeson krejza: जेसन क्रेजा एक ऐसे गेंदबाज के रूप में याद किए जाते हैं जिसने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर किया, लेकिन साथ ही रनों की सूनामी को रोकने में नाकाम रहा. क्रेजा की कहानी हमें सिखाती है कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, जहां रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज कराने के लिए कभी-कभी आपको सफलता और विफलता दोनों का कड़वा घूंट एक साथ पीना पड़ता है.
डेब्यू टेस्ट में 12 विकेट लेने के बावजूद जेसन क्रेजा खेल पाए सिर्फ 2 मैच
जेसन क्रेजा एक ऐसे गेंदबाज के रूप में याद किए जाते हैं जिसने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर किया, लेकिन साथ ही रनों की सूनामी को रोकने में नाकाम रहा. क्रेजा की कहानी हमें सिखाती है कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, जहां रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज कराने के लिए कभी-कभी आपको सफलता और विफलता दोनों का कड़वा घूंट एक साथ पीना पड़ता है.
सपनों का डेब्यू और दिग्गजों का शिकार
नवंबर 2008 में नागपुर के मैदान पर जब क्रेजा को बैगी ग्रीन कैप सौंपी गई, तो उन्हें अंदाजा नहीं था कि वह इतिहास रचने जा रहे हैं. भारतीय टीम अपनी मजबूत बल्लेबाजी के लिए जानी जाती थी, लेकिन क्रेजा ने पहली पारी में ही तहलका मचा दिया. उन्होंने महान बल्लेबाज राहुल द्रविड़ को बोल्ड कर अपना पहला टेस्ट विकेट हासिल किया. इसके बाद तो जैसे विकेटों की झड़ी लग गई. क्रेजा ने पहली पारी में 215 रन देकर 8 शानदार विकेट चटकाए. दूसरी पारी में भी उनका जलवा जारी रहा और उन्होंने 4 विकेट और लिए, जिसमें सौरव गांगुली को उनके करियर की आखिरी टेस्ट पारी में पहली ही गेंद पर शून्य (गोल्डन डक) पर आउट करना भी शामिल था. अपने डेब्यू मैच में 12 विकेट लेना किसी भी गेंदबाज के लिए एक जादुई सपने के सच होने जैसा था.
सफलता के साथ जुड़ा अनचाहा रिकॉर्ड
क्रेजा की इस ऐतिहासिक सफलता का एक दूसरा पहलू भी था जो बेहद दर्दनाक था. भारतीय बल्लेबाजों, खासकर वीरेंद्र सहवाग और एमएस धोनी ने उनकी गेंदों पर जमकर रन बटोरे. 12 विकेट लेने के प्रयास में क्रेजा ने पूरे मैच में कुल 358 रन लुटा दिए. यह टेस्ट इतिहास में किसी भी खिलाड़ी द्वारा अपने डेब्यू मैच में दिए गए सबसे ज्यादा रन का रिकॉर्ड बन गया. इसके साथ ही, टेस्ट क्रिकेट के सर्वकालिक इतिहास में एक मैच में सबसे ज्यादा रन लुटाने वाले गेंदबाजों की सूची में वह दूसरे स्थान पर पहुंच गए. क्रेजा का यह प्रदर्शन दिखाता है कि टेस्ट क्रिकेट कितना क्रूर हो सकता है; जहां आपको एक तरफ महान सफलता मिलती है, वहीं दूसरी तरफ भारी कीमत भी चुकानी पड़ती है.
सिर्फ दो टेस्ट का करियर
नागपुर टेस्ट के इस उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन के बाद क्रेजा को दुनिया ने एक आक्रामक और विकेट लेने वाले स्पिनर के रूप में देखा. हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था. इस ऐतिहासिक डेब्यू के ठीक बाद, उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पर्थ में अपना दूसरा टेस्ट मैच खेला. पर्थ की तेज और उछाल भरी पिच पर क्रेजा बेअसर साबित हुए. उन्होंने इस मैच में केवल 1 विकेट लिया और 204 रन लुटा दिए. कप्तान और चयनकर्ताओं का भरोसा उन पर से डगमगा गया. नतीजा यह हुआ कि 12 विकेट लेकर धमाका करने वाला यह गेंदबाज अपने करियर में सिर्फ 2 टेस्ट मैच ही खेल सका. इसके बाद उन्हें कभी ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम में मौका नहीं मिला. जेसन क्रेजा का करियर भले ही सिर्फ दो टेस्ट मैचों का रहा हो, लेकिन क्रिकेट इतिहास में उनका नाम हमेशा के लिए दर्ज हो गया.
About the Author
मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||


