उन्होंने आरोपी के एनकाउंटर की मांग की। मौके पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़ और एडिशनल सीपी केशव चौधरी ने परिवार को किसी तरह समझाकर यातायात सुचारु कराया। शाम को गांव के श्मशान घाट पर चिराग का अंतिम संस्कार किया गया।
उसने पदक जीतने पर उसे बधाई दी और साथ घर चलने की बात कही। दोनों अक्सर साथ आते-जाते थे, इसलिए चिराग को उस पर शक नहीं हुआ। दोनों दिल्ली से कैब में सवार होकर निकले और करीब 11 बजे साईं उपवन पहुंचे।
यश ने चिराग से कहा कि उसे एक परिचित से 50 हजार रुपये लेने हैं और इन्हीं रुपयों से वह उसकी उधारी भी चुका देगा। इस बहाने वह चिराग को उपवन के भीतर ले गया। एसीपी ने बताया कि उपवन में दोनों टहलते हुए बातचीत करने लगे। इस दौरान चिराग कुछ कदम आगे निकल गया। मौका देखते ही यश ने पीछे से उस पर गोलियां चला दीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दो गोलियां लगने की पुष्टि हुई है। हत्या के बाद आरोपी अपने घर पहुंच गया। पुलिस ने शक के आधार पर उसे हिरासत में लिया और पूछताछ में उसने पूरा घटनाक्रम बता दिया।
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