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उत्तर प्रदेश के पिछले तीन विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी जिन 61 सीटों पर हार रही है, उसके लिए मेगा प्लान तैयार किया जा रहा है. इस प्लान के तहत इन 61 सीटों के सभी तरह के डाटा जुटाए जा रहे हैं. इन 61 सीटों में से 22 सीट पूर्वांचल से हैं यानी की मऊ, आजमगढ़ और गाजीपुर से.

2027 में BJP के लिए क्यों खास है 61 सीट, जिसके लिए अलग से तैयार हुआ मेगा प्लानZoom

यूपी के लिए बीजेपी की मेगा प्लानिंग.

लखनऊः उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाला है. इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी बड़े स्तर पर प्लानिंग करने में जुट गई है. समीकरणों को साधने के साथ-साथ विधनासभा सीटों पर भी जीत के लिए मेगा प्लान तैयार कर रही है. इसके तहत सूबे के 403 सीटों में 61 सीटों के लिए भारतीय जनता पार्टी की तैयारी चल रही है. अब सवाल यह है कि आखिर इन 61 सीटों पर ऐसा क्या है?

इन 61 सीटों पर पिछली तीन चुनावों से हार रही है बीजेपी
तो हम आपको बता दें कि ये वो 61 विधानसभा सीटें हैं, जहां बीजेपी पिछले तीन बार के विधानसभा चुनाव में हार रही है. यानी कि 2012, 2017 और 2027. इन तीनों चुनाव में इन 61 सीटों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है. यह वजह है कि पार्टी अब इन सीटों के सियासी गणित को सुलझाने में जुट गई है. भाजपा इन 61 सीटों से विस्तृत चुनावी डेटा, जातीय समीकरण और बूथ-स्तर का फीडबैक इकट्ठा करने की योजना बना रही है. ताकि जमीन पर अपनी पकड़ मज़बूत की जा सके और इसके लिए हर सीट के हिसाब से एक रोडमैप तैयार किया जा सके.

61 में से पूर्वांचल की 22 सीटें, जहां बीजेपी बहुत कमजोर
बता दें कि जिन 61 सीटों पर भाजपा महामंथन में जुटी हैं, उनमें 22 पूर्वी उत्तर प्रदेश में स्थित हैं. ये सीटें विशेष रूप से आज़मगढ़, मऊ, जौनपुर, गाज़ीपुर और मिर्ज़ापुर जिलों में हैं. चुनावी अभियान के शुरुआती चरण में इन्हीं 61 मुश्किल सीटों को प्राथमिकता दी जाएगी. इनके अलावा 13 सीटें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हैं, जिनमें सहारनपुर, मुरादाबाद और बिजनौर जिलों की विधानसभा सीटें शामिल हैं. पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की इन 35 सीटों में से, समाजवादी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनावों में 27 सीटें जीती थीं तब रालोद सपा के साथ थी.

मुस्लिम बाहुल्य सीटों के लिए भी प्लान तैयार
इनके अलावा ओमप्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने इनमे से तीन सीटों पर जीत दर्ज की थी. उस वक्त राजभर ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था. 2022 में राजभर के अलावा राष्ट्रीय लोक दल ने भी सपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. अब दोनो भाजपा के साथ हैं. पार्टी साल भर पहले से ही इन 61 सीटों का जातीय गणित खंगालने में जुट गई है. मुस्लिम बाहुल्य सीट भी इसमें शामिल है, जिसपर भाजपा अलग से प्लान तैयार कर रही है.

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Prashant RaiChief Sub Editor

Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें

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