प्रोजेक्ट स्नेह के माध्यम से आत्मनिर्भर बनी महिमा ने बताया कि मैं शिखा मेम की प्रोजेक्ट स्नेह संस्था से जुड़ी हुई हूं. हम ग्लास जग बोतल बास्केट सहित करीब एक दर्जन उत्पाद बनाए थे. अब हम कुर्सी बुन रहे है.हमने इन चीजों को बुनने की और तैयार करने की प्रोजेक्ट स्नेह की फाउंडर शिखा गुप्ता की मदद से ट्रेनिंग ली थी. उन्होंने अपने एनजीओ के माध्यम से हमारी मदद की थी.उन्होंने हमें अलग-अलग एक दर्जन उत्पाद बनाने की मुफ्त में ट्रेनिंग ली थी. इसके अलावा अब मैं अन्य महिलाओं को इस चीज की ट्रेनिंग देकर उन्हें आत्मनिर्भर बना रही हूं.
प्रोजेक्ट से जुड़ी हैं 20 महिलाएं
प्रोजेक्ट स्नेह के माध्यम से आत्मनिर्भर बनी महिमा ने बताया कि मैं शिखा मेम की प्रोजेक्ट स्नेह संस्था से जुड़ी हुई हूं. हम ग्लास जग बोतल बास्केट सहित करीब एक दर्जन उत्पाद बनाए थे. अब हम कुर्सी बुन रहे है.हमने इन चीजों को बुनने की और तैयार करने की प्रोजेक्ट स्नेह की फाउंडर शिखा गुप्ता की मदद से ट्रेनिंग ली थी. उन्होंने अपने एनजीओ के माध्यम से हमारी मदद की थी.उन्होंने हमें अलग-अलग एक दर्जन उत्पाद बनाने की मुफ्त में ट्रेनिंग ली थी. इसके अलावा अब मैं अन्य महिलाओं को इस चीज की ट्रेनिंग देकर उन्हें आत्मनिर्भर बना रही हूं. मेरे साथ 15 से 20 महिलाएं जुड़ी हुई है. जो इस काम सीखकर आत्मनिर्भर बन गई है और अब अच्छे पैसे कमा रहीं है.
घर बैठे हो रही है कमाई
उन्होंने कहा कि जब हम इस संस्था में आए थे और काम करना शुरू किया है तब से हमें किसी से कोई पैसे मांगने नहीं पड़ते हैं. अब हम आत्मनिर्भर बन गए हैं. अब हमें अपने खर्चे के लिए अपने पति से भी पैसे नहीं मांगने पड़ते हैं. खुद से खर्चा कर लेते हैं. जिस दिन से हम इसमें जुड़े है उस दिन से हमें बहुत अच्छा लगा है. इसके साथ ही मुझे 5 साल इसमे जुड़े हुए हो गए है. तभी से मैं इसके माध्यम से कमा कर रही हूं. मैं अपने बच्चे भी पाल रही हूं. साथ ही काम भी कर रही हूं. घर बैठे ही मैं 10 से 12000 रुपए आसानी से कमा लेती हूं. इस प्रकार मेरे साथ जुड़ी हुई मेरी टीम के सभी महिलाएं मिलकर लाखों रुपए की इनकम कर रही है. यह सभी काम हम सब मिलकर करते हैं और संस्था के माध्यम से करते हैं. जिसमें संस्था की फाउंडर शिखा गुप्ता हमारी काफी मदद करती हैं.
About the Author
मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||


