Image Slider

Last Updated:

व्यक्तियों में मुंह का कैंसर तीन चीजों से तेजी से बढ़ता है. जिसमें सबसे पहले गुटखा, दूसरा शराब और तीसरा मुंह में एक हफ्ते से ज्यादा छाला होना. जबकि जो व्यक्ति अपने दांत टूट जाने के बाद नकली दांत लगवाते हैं उनके अंदर भी मुंह के कैंसर की समस्याएं बढ़ी है. इस कैंसर का सही समय पर इलाज और सही समय पर इसकी पहचान आप लोग कैसे कर सकते हैं.

सहारनपुर: जिले में मुंह के कैंसर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. यहां के मरीज चंडीगढ़, दिल्ली में अपना इलाज करने जाते हैं. लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि आखिरकार यह मुंह का कैंसर किन चीजों को खाने से हो रहा है. पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी इस मुंह के कैंसर से पीड़ित हो रही है. जबकि मुंह के कैंसर के दुनिया में सबसे ज्यादा मरीज भारत में ही देखे जा रहे हैं.

व्यक्तियों में मुंह का कैंसर तीन चीजों से तेजी से बढ़ता है. जिसमें सबसे पहले गुटखा, दूसरा शराब और तीसरा मुंह में एक हफ्ते से ज्यादा छाला होना. जबकि जो व्यक्ति अपने दांत टूट जाने के बाद नकली दांत लगवाते हैं उनके अंदर भी मुंह के कैंसर की समस्याएं बढ़ी है. इस कैंसर का सही समय पर इलाज और सही समय पर इसकी पहचान आप लोग कैसे कर सकते हैं.

मुख कैंसर का ये होता है शुरूआती लक्षण

सहारनपुर के लोगों के लिए अच्छी खबर यह है कि हफ्ते में एक बार मुंह के कैंसर के स्पेशलिस्ट डॉक्टर कुलदीप ठाकुर सहारनपुर में आते हैं. जहां पर वह मुख कैंसर के मरीजों को देखते हैं और अगर ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है तो रोबोटिक मशीन से उनका ऑपरेशन किया जाता है. रोबोटिक मशीन जो कि बिना किसी चीरा लगाए हुए इस कैंसर को खत्म कर देती है और किसी प्रकार का कोई निशान भी नहीं आता.

कंसल्टेंट, हैड एंड नैक ओंको-सर्जरी कैंसर स्पेशलिस्ट डॉक्टर कुलदीप ठाकुर ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि सहारनपुर में जो मुंह के कैंसर का मुख्य कारण है तंबाकू, शराब और स्मोकिंग. गुटखा खाने वाले लोग जितना ज्यादा गुटखा खाते हैं. उससे मुंह के अंदर की चमड़ी सफेद होने लगती है और धीरे-धीरे मुंह बंद होना शुरू हो जाता है. इसके बाद कैंसर का रूप बना भी शुरू हो जाता है.

जबकि महिलाओं में मुंह के कैंसर का कारण होता है कि जो महिला 50 साल से ऊपर की हो जाती है उनके मुंह के अंदर कोई ऐसा दात जो बार-बार जीभ में लग रहा है जिससे एक घाव बन जाता है और वह महिलाओं में मुंह के कैंसर का मुख्य कारण होता है. जबकि जो बुजुर्ग लोग मुंह में दांत टूटने के बाद नकली दांत लगवाते हैं वह अगर प्रॉपर्ली फिट नहीं है और थोड़े लूज है तो उससे जख्म होना शुरू हो जाते हैं जिससे कैंसर होने पर लक्षण बढ़ जाते हैं.

ईएनटी डॉक्टर को तुरंत दिखाएं

डॉ कुलदीप ठाकुर बताते हैं कि मुंह का जो कैंसर होता है वह एकदम से स्टेज 4 पर नहीं पहुंचता है. वह स्टेज 1, स्टेज 2 और स्टेज 3 के बाद स्टेज 4 तक जाता है. जिसका सबसे पहला कारण है मुंह के अंदर अगर छाला पड़ा है. जिसके अंदर दर्द नहीं है और दो हफ्ते से ठीक नहीं हो रहा है तो लोगों को जरूर ध्यान देने की जरूरत है और अपने पास ही के ENT स्पेशलिस्ट को जरूर दिखाएं. इन छालों में दर्द तब होता है जब कैंसर एडवांस स्टेज में चला जाता है. पहले भारत में लंग कैंसर बहुत ज्यादा हुआ करता था लेकिन अभी हाल ही के जो सरकार के आंकड़े हैं उसमें लिप और मुंह का कैंसर है.

About the Author

authorimg

Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||