राजेश कुमार वर्मा ने लोकल 18 से बताया कि वर्तमान समय में उनके पास कई दुधारू गाय हैं. इन पशुओं से प्रतिदिन अच्छी मात्रा में दूध का उत्पादन होता है. दूध की बिक्री से उन्हें नियमित आय प्राप्त होती है. जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है. बचपन से हमको गाय और भैंस पालने का शौक था तो हमने सोचा क्यों ना अपने शौक को बिजनेस बनाया जाए.
लोकल 18 से बातचीत के दौरान शिक्षक राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि उन्हें बचपन से ही पशुपालन का शौक था. इसी रुचि को देखते हुए उन्होंने कुछ वर्ष पहले सीमित स्तर पर गाय और भैंस पालना शुरू किया. शुरुआत में उनके पास केवल चार गाय ही थे, लेकिन समय के साथ अनुभव बढ़ा और उन्होंने अपने डेयरी व्यवसाय का विस्तार कर लिया. और इस समय लगभग 17 से 18 गाय और एक भैंस है.
बचपन के शौक ने बनाया बिजनेसमैन
राजेश कुमार वर्मा ने लोकल 18 से बताया कि वर्तमान समय में उनके पास कई दुधारू गाय हैं. इन पशुओं से प्रतिदिन अच्छी मात्रा में दूध का उत्पादन होता है. दूध की बिक्री से उन्हें नियमित आय प्राप्त होती है. जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है. बचपन से हमको गाय और भैंस पालने का शौक था तो हमने सोचा क्यों ना अपने शौक को बिजनेस बनाया जाए. फिर हमने छोटे स्तर से डेयरी की शुरुआत की और इस समय हमारे पास लगभग 17 से 18 गाय मौजूद है कुछ गाय दूध दे रहे हैं और कुछ गए बच्चा देने वाली है. डेयरी व्यवसाय में सफलता के लिए पशुओं की अच्छी देखभाल बेहद जरूरी होती है. पशुओं को समय पर हरा चारा, भूसा, दाना और साफ पानी देना चाहिए. इसके अलावा उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच और समय-समय पर टीकाकरण भी जरूरी है. सही देखभाल से पशु स्वस्थ रहते हैं और दूध उत्पादन भी बेहतर होता है.
नौकरी के साथ किया सही प्रबंधन
राजेश कुमार वर्मा बताते हैं कि शुरुआत में डेयरी व्यवसाय को संभालना आसान नहीं था. नौकरी के साथ पशुओं की देखभाल करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उन्होंने समय का सही प्रबंधन किया. सुबह और शाम पशुओं की देखभाल करने के साथ-साथ उन्होंने डेयरी के काम को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया. मेहनत का परिणाम यह रहा कि आज उनका डेयरी व्यवसाय अच्छी तरह चल रहा है. दूध की मांग हमेशा बनी रहती है. ऐसे में डेयरी व्यवसाय किसानों और युवाओं के लिए आय का अच्छा साधन बन सकता है. यदि पशुओं की वैज्ञानिक तरीके से देखभाल की जाए और उनके खान-पान पर ध्यान दिया जाए तो इस व्यवसाय से अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है.
रोज हो रही है 2000 की कमाई
राजेश कुमार वर्मा का मानना है कि खेती के साथ पशुपालन करने से आय के अतिरिक्त स्रोत तैयार होते हैं. इससे किसानों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलती है और किसी एक फसल पर निर्भरता भी कम हो जाती है. यही कारण है कि आज कई किसान खेती के साथ डेयरी व्यवसाय को भी अपना रहे हैं. डेली हमारे यहां लगभग 25 से 30 लीटर दूध का उत्पादन होता है और डेली का इनकम हमारा लगभग 2000 रुपए का हो रहा है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
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